Class 8 Hindi Chapter 6 असम के सांस्कृतिक जगत के साधक Solutions | Assam Jatiya Bidyalaya
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৬ – असम के सांस्कृतिक जगत के साधक সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (অসম জাতীয় বিদ্যালয় – Assamese Medium)
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ ষষ্ঠ অধ্যায় ‘असम के सांस्कृतिक जगत के साधक’ অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে অসমৰ কৃষ্টি-সংস্কৃতি আৰু মহৎ ব্যক্তিসকলৰ অৱদান বিষয়ক এটা অত্যন্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ পাঠ। নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ শেহতীয়া নিৰ্দেশনা আৰু নতুন শৈক্ষিক নীতিৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 6 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন (Short Questions), দীঘলীয়া প্ৰশ্ন (Long Answers), MCQ আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।
‘असम के सांस्कृतिक जगत के साधक’ নামৰ এই পাঠটিত অসমৰ সাংস্কৃতিক জগতলৈ অমূল্য অৱদান আগবঢ়োৱা সাধক তথা মহান ব্যক্তিসকলৰ জীৱন, কৰ্মৰাজী আৰু তেওঁলোকৰ সাধনাৰ বিষয়ে সুন্দৰভাৱে বৰ্ণনা কৰা হৈছে। পৰীক্ষাৰ্থীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, গুৰুত্বপূৰ্ণ তথ্য আৰু শব্দাৰ্থ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানসমূহত ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজতে বুজি পোৱাকৈ সৰল ৰূপত উত্তৰসমূহ প্ৰদান কৰা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- ‘असम के सांस्कृतिक जगत के साधक’ পাঠৰ মূল সাৰাংশ, অসমৰ সাংস্কৃতিক ঐতিহ্য আৰু বিশিষ্ট সাধকসকলৰ অৱদানৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্ভুল উত্তৰ।
- ৪-৫ নম্বৰৰ দীঘলীয়া প্ৰশ্ন আৰু বৰ্ণনাত্মক প্ৰশ্নসমূহৰ সহজ তথা মান্য সমাধান।
- নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আৰ্হি অনুসৰি অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) সমাধান।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ অংশৰ সঠিক আৰু সহজ সমাধান।
আমাৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
- ১০০% শুদ্ধ আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে মুখস্থ বা আয়ত্ত কৰিব পৰাকৈ প্ৰস্তুত কৰা নোটছ।
- পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে যুগুতোৱা সহজ-সৰল উত্তৰ।
- অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ পৰীক্ষাৰ আৰ্হিৰ সৈতে সংগতি ৰাখি প্ৰস্তুত কৰা বিশেষ সংকলন।
ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উন্নতিৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি এই বিশেষ সমাধান আগবঢ়োৱা হৈছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত উৎকৃষ্ট নম্বৰ লাভ কৰক।
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Class 8: Hindi Elective
असम के सांस्कृतिक जगत के साधक
TEXUAL SOLUTION
1. सही उत्तर का चयन करो :
(क)’शोणित कुँवरी’ नाटक के नाटककार हैं-
(अ) ज्योतिप्रसाद आगरवाला
(आ) विष्णुप्रसाद राभा
(इ) रजनीकांत बरदलै
(ई) लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा
उत्तर :(अ) ज्योतिप्रसाद आगरवाला।
(ख) प्रथम असमीया चलचित्र है-
(अ) लभिता
(आ) निमाती कड़ना
(इ) जयमती
(ई) राज हरिश्चन्द्र
उत्तर : (ई) राज हरिश्चन्द्र को यहाँ इंगित किया गया है।
(ग) ‘शिल्पी दिवस’ किस महान व्यक्ति की स्मृति में मनाया जाता है?
(अ) विष्णुप्रसाद राभा
(आ) ज्योतिप्रसाद आगरवाला
(इ) अम्बिकागिरि रायचौधुरी
(ई) फणी शर्मा
उत्तर : (आ) ज्योतिप्रसाद आगरवाला की पावन स्मृति में ‘शिल्पी दिवस’ का आयोजन किया जाता है।
(घ) ‘कलागुरु’ के रूप में किसे ख्याति मिली ?
(अ) ज्योतिप्रसाद आगरवाला
(आ) रघुनाथ चौधारी
(इ) नवीनचंन्द्र बरदलै
(ई) विष्णुप्रसाद राभा
उत्तर : (ई) विष्णुप्रसाद राभा को प्रसिद्धि प्राप्त हुई।
(ङ) ‘सुररे देउलरे’ किसका लोकप्रिय गीत है?
(अ) विष्णुप्रसाद राभा
(आ) भूपेन हाजरिका
(इ) खगेन महंत
(ई) ज्योतिप्रसाद आगरवाला
उत्तर : (अ) विष्णुप्रसाद राभा द्वारा रचित एक अत्यंत लोकप्रिय गीत है।
(च) फणी शर्मा जी को पहली बार किस फिल्म में देखा गया ?
(अ) जयमती
(आ) इन्द्रमालती
(इ) सिराज
(ई) एरा बाटर सुर
उत्तर : अभिनय के क्षेत्र में फणी शर्मा जी पहली बार ‘जयमती’ फिल्म के पर्दे पर नजर आए थे।
(छ) बाण रंग-मंच पर फणी शर्मा जी ने पहली बार किस नाटक में काम किया था ?
(अ) पियली फुकन
(आ) राणा प्रताप
(इ) अकबर
(ई) किय
उत्तर : फणी शर्मा जी ने बाण रंग-मंच पर सर्वप्रथम (इ) अकबर नामक नाटक में अभिनय किया था।
(ज) फणी शर्मा जी की अंतिम फिल्म थी-
(अ) इन्द्र मालती
(आ) कुँवर विद्रोह
(इ) इटो सिटो बहुतो
(ई) नाग-पाश
उत्तर : फणी शर्मा जी द्वारा अभिनीत आखिरी चलचित्र (इ) इटो सिटो बहुतो थी।
2. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो :
(क) ज्योतिष्प्रसाद आगरवाला जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर : ज्योतिप्रसाद आगरवाला जी का जन्म 17 जून, सन् 1903 ई. को असम के डिब्रूगढ़ शहर में हुआ था।
(ख) उनके माता-पिता कौन थे ?
उत्तर : उनकी माता जी का नाम किरणमयी देवी तथा पिता जी का नाम परमानन्द आगरवाला था।
(ग) ‘शोणित कुँवरी’ नाटक की रचना ज्योतिप्रसाद जी ने कब की थी ?
उत्तर : ज्योतिप्रसाद जी ने ‘शोणित कुँवरी’ नामक नाटक की रचना अपने विद्यार्थी जीवन में तेजपुर विद्यालय में पढ़ते हुए ही कर ली थी।
(घ) ज्योतिप्रसाद जी ने चलचित्र संबंधी प्रशिक्षण कहाँ प्राप्त किया ?
उत्तर : ज्योतिप्रसाद जी ने फिल्म निर्माण व चलचित्र से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण जर्मनी के बर्लिन शहर में जाकर हासिल किया था।
(ङ) बोम्बे टॉकीज के प्रतिष्ठाता कौन थे?
उत्तर : ‘बॉम्बे टॉकीज’ नामक प्रसिद्ध फिल्म स्टूडियो की स्थापना हिमांशु राय जी द्वारा की गई थी।
(च) प्रथम अंसमीया चलचित्र का नाम लिखो। इसके निर्माता कौन थे ?
उत्तर : असमिया भाषा की पहली फिल्म ‘जयमती’ है, जिसका निर्माण ज्योतिप्रसाद आगरवाला जी ने किया था।
(छ) किस वर्ष ‘जयमती’ चलचित्र को लोगों के समक्ष उपस्थित किया गया ?
उत्तर : वर्ष 1936 ई. में ‘जयमती’ चलचित्र को पहली बार दर्शकों के सामने प्रदर्शित किया गया था।
(ज) ज्योतिप्रसाद जी की किन्हीं दो विप्लवी कविताओं के नाम लिखो।
उत्तर : ज्योतिप्रसाद जी द्वारा रचित दो प्रमुख विप्लवी (क्रांतिकारी) कविताएँ हैं-
(क) विश्व विजय नव जोवान और
(ख) कांचनजंघार बुरंजी।
(झ) ज्योतिप्रसाद ही द्वारा निर्मित दूसरी फिल्म कौन-सी है? इसे किस वर्ष बनाया गया था ?
उत्तर : ज्योतिप्रसाद जी द्वारा निर्मित दूसरी फिल्म का नाम ‘इन्द्रमालती’ है, जिसे सन् 1937 ई. में तैयार किया गया था।
(ञ) ज्योतिप्रसाद जी के चार प्रसिद्ध नाटकों के नाम लिखो।
उत्तर : ज्योतिप्रसाद जी के चार सर्वाधिक लोकप्रिय नाटक इस प्रकार हैं- (क) शोणित कुँवरी, (ख) कारेङर लिगिरी, (ग) रूपालीम, और (घ) लभिता।
(ट) ज्योतिप्रसाद जी की मृत्यु कब हुई ? उनकी मृत्यु दिवस को किस रूप में मनाया जाता है?
उत्तर : ज्योतिप्रसाद जी का निधन 17 जनवरी, सन् 1952 ई. को हुआ था। उनकी पुण्यतिथि को संपूर्ण असम में ‘शिल्पी दिवस’ के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।
(ठ) विष्णुप्रसाद राभा जी का जन्म कब और कहाँ हुआ ?
उत्तर : विष्णुप्रसाद राभा जी का जन्म 31 जनवरी, सन् 1909 ई. को वर्तमान बांग्लादेश के ढाका नगर में हुआ था।
(ड) सन् 1945 ई० में राभा जी किस दल के सदस्य बने ?
उत्तर : वर्ष 1945 ई. में विष्णुप्रसाद राभा जी भारतीय क्रांतिकारी साम्यवादी दल (कम्युनिस्ट पार्टी) के सदस्य बन गए थे।
(ढ) राभा जी के कुछ लोकप्रिय गीतों के नाम लिखो।
उत्तर : विष्णुप्रसाद राभा जी द्वारा रचित कुछ बेहद लोकप्रिय गीत हैं- ‘सुररे देउलरे’, ‘बिलते हालिछे’, ‘लगन उकलि गल’, और ‘केतेकी’ आदि।
(ण) भारत के स्वाधीनता संग्राम के दौरान राभा जी ने कौन-सा नारा दिया था ?
उत्तर : भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के समय राभा जी ने किसानों के हक में एक प्रसिद्ध नारा दिया था- ‘जमीन उसी की, जो हल चलाता हो’ (अर्थात ‘हाल जार माटि तार’)।
(त) राभा दिवस कब मनाया जाता है? और क्यों ?
उत्तर : प्रतिवर्ष ’20 जून’ को ‘राभा दिवस’ मनाया जाता है। असमिया संस्कृति, कला और समाज में उनके अद्वितीय और अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए यह दिन निर्धारित किया गया है।
(थ) फणी शर्मा जी द्वारा अभिनीत तीन मशहूर फिल्मों के नाम लिखो।
उत्तर : फणी शर्मा जी के सशक्त अभिनय से सजी तीन प्रसिद्ध फिल्में हैं- (क) भोगजरा, (ख) सिराज, और (ग) नाग-पाश।
(द) बाण रंग-मंच पर पहली बार ‘राणा प्रताप’ नाटक में शर्मा जी ने किस चरित्र में अभिनय किया था ?
उत्तर : ‘राणा प्रताप’ नामक नाटक में जब फणी शर्मा जी ने बाण रंग-मंच पर पहली बार मंचन किया, तो उन्होंने ऐतिहासिक पात्र ‘अकबर’ की भूमिका अदा की थी।
(ध) असम के प्रथम गतिशील नाट्य-गोष्ठी कोहिनुर ऑपेरा की स्थापना किसने की थी ?
उत्तर : असम की सर्वप्रथम भ्रमणशील नाट्य-संस्था ‘कोहिनूर ऑपेरा’ की स्थापना महान नाट्याचार्य ब्रजनाथ शर्मा जी द्वारा की गई थी।
(न) किसके सहयोग से ब्रजनाथ शर्मा ने अपने नाटकों में महिलाओं को अभिनय करने का मौका दियो था ?
उत्तर : नाट्याचार्य ब्रजनाथ शर्मा जी ने फणी शर्मा के विशेष सहयोग व समर्थन से ही अपने नाटकों में महिलाओं को पहली बार मंच पर अभिनय करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया था।
(प) ‘जयमती’ नाटक में फणी शर्मा जी ने किस चरित्र को निभाया ?
उत्तर : ‘जयमती’ चलचित्र में फणी शर्मा जी ने मुख्य खलनायक ‘गाठी हजारिका’ का दमदार और यादगार चरित्र निभाया था।
(फ) फणी शर्मा जी ने किस अंग्रेजी नाटक को असमीया में अनूदित किया था ?
उत्तर : फणी शर्मा जी ने जे. बी. प्रीस्टले के मशहूर अंग्रेजी नाटक ‘एन इंस्पेक्टर कॉल्स’ (An Inspector Calls) का असमिया भाषा में उत्कृष्ट अनुवाद किया था।
3. खाली जगह भरो :
(क) ‘एरा बाटोर सुर’ फिल्म में कलागुरु विष्णुप्रसाद राभा जी ने अभिनय किया था।
(ख) अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए ज्योतिप्रसाद आगरवाला जी को रूपकोंवर उपाधि से विभूषित किया गया।
(ग) ज्योतिप्रसाद आगरवाला जी के नाटकों में यथार्थवादी धारा देखने को मिलती है।
(घ) सोण पखिली और निमाती कइना ज्योतिप्रसाद जी की शिशु उपयोगी नाटिकाएँ हैं।
(ङ) विष्णुप्रसाद राभा जी को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए कलागुरु के रूप में ख्याति मिली।
(च) ‘सिराज’ फिल्म की पटकथा देशप्राण लक्ष्मीधर शर्मा जी की एक लोकप्रिय कहानी पर आधारित थी।
(छ) सन् 1955 में फणी शर्मा जी ने पियली फुकन में अभिनय के साथ इसे निर्देशित भी किया।
(ज) ‘भोगजरा’ नाटक कुँवर विद्रोह पर आधारित था।
(झ) भारत-विभाजन के आधार पर फणी शर्मा ने सिराज नामक नाटक लिखा।
(ञ) फणी शर्मा का देहावसान सन् 1970 ई० को हुआ।
भाषा अध्ययन:
4. (क) अर्थपूर्ण वाक्य बनाओ :
विरत, प्रतिष्ठाता, यथार्थवादी, सहयोग, परंपरा।
उत्तर :
विरत (लगाव न होना) : महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी सांसारिक मोह-माया से पूरी तरह विरत थे।
प्रतिष्ठाता (संस्थापक) : महान नाट्याचार्य ब्रजनाथ शर्मा असम के ‘कोहिनूर ऑपेरा’ के मुख्य प्रतिष्ठाता माने जाते हैं।
यथार्थवादी (वास्तविकता पर आधारित) : ज्योतिप्रसाद आगरवाला जी द्वारा रचित नाटकों में हमेशा एक यथार्थवादी विचारधारा झलकती है।
सहयोग (साथ देना) : फणी शर्मा के सहयोग से ब्रजनाथ शर्मा जी ने नाटकों में महिलाओं को अभिनय का मौका देकर एक साहसिक कदम उठाया था।
परंपरा (रीति-रिवाज) : अपने समाज की सकारात्मक और अच्छी परंपरा का पालन करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।
(ख) पढ़ो, समझो और लिखो :
उदाहरण : संस्कृति – सांस्कृतिक
इतिहास
पुण्य
शिक्षा
राजनीति
घृणा
भूगोल
विष
घर
शोक
लोक
दया
उत्तर :
इतिहास – ऐतिहासिक
पुण्य – पुण्यवान / पुण्यमय
शिक्षा – शैक्षिक / शैक्षणिक
राजनीति – राजनीतिक / राजनैतिक
घृणा – घृणित
भूगोल – भौगोलिक
विष – विषैला
घर – घरेलू
शोक – शोकाकुल
लोक – लौकिक
दया – दयालु
(ग) वचन बदलकर वाक्य फिर से लिखो :
(क) मोर नाचता है।
(ख) छात्रा पढ़ती है।
(ग) गुड़िया अच्छी है।
(घ) नेता आ रहा है।
(ङ) लू चल रही है।
(च) बिल्ली आती है।
उत्तर :
(क) मोर नाचते हैं।
(ख) छात्राएँ पढ़ती हैं।
(ग) गुड़ियाँ अच्छी हैं।
(घ) नेतागण आ रहे हैं।
(ङ) गर्म हवाएँ (लू) चल रही हैं।
(च) बिल्लियाँ आती हैं।




