Class 8 Hindi Chapter 11 – बाज और साँप (Baaj aur Saanp) – All Textual Solutions | AJB (Assamese Medium)

CLASS 8

Class 8 Hindi Chapter 11 बाज और साँप Solutions | Assam Jatiya Bidyalaya

অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১১ – बाज और साँप সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (অসম জাতীয় বিদ্যালয় – Assamese Medium)

অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ একাদশ অধ্যায় ‘बाज और साँप’ অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে স্বাধীনতা, সাহস আৰু জীৱনৰ প্ৰকৃত অৰ্থ বিষয়ক এটা অনুপ্ৰেৰণাদায়ক পাঠ। নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ শেহতীয়া নিৰ্দেশনা আৰু নতুন শৈক্ষিক নীতিৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 11 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন (Short Questions), দীঘলীয়া প্ৰশ্ন (Long Answers), MCQ আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।

‘बाज और साँप’ নামৰ এই পাঠটিত এজন সাহসী बाज (ঈগল) আৰু এটা নিৰাপদ আশ্ৰয় বিচাৰি ফুৰা साँपৰ মাজৰ কথোপকথনৰ জৰিয়তে স্বাধীনতাৰ মহত্ব, সাহসিকতা আৰু মুক্ত আকাশত উৰাৰ আনন্দৰ বিষয়ে সুন্দৰভাৱে বৰ্ণনা কৰা হৈছে। পৰীক্ষাৰ্থীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, মূল বাৰ্তা আৰু শব্দাৰ্থ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানসমূহত ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজতে বুজি পোৱাকৈ সৰল ৰূপত উত্তৰসমূহ প্ৰদান কৰা হৈছে।

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এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:

  • ‘बाज और साँप’ পাঠৰ মূল সাৰাংশ, স্বাধীনতাৰ গুৰুত্ব আৰু চৰিত্ৰ দুটাৰ দাৰ্শনিক বাৰ্তাৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
  • শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্ভুল উত্তৰ।
  • ৪-৫ নম্বৰৰ দীঘলীয়া প্ৰশ্ন আৰু প্ৰসংগ সংগতি দৰশাই ব্যাখ্যা কৰা প্ৰশ্নসমূহৰ সহজ তথা মান্য সমাধান।
  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আৰ্হি অনুসৰি অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) সমাধান।
  • পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ অংশৰ সঠিক আৰু সহজ সমাধান।

আমাৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:

  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
  • ১০০% শুদ্ধ আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে মুখস্থ বা আয়ত্ত কৰিব পৰাকৈ প্ৰস্তুত কৰা নোটছ।
  • পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে যুগুতোৱা সহজ-সৰল উত্তৰ।
  • অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ পৰীক্ষাৰ আৰ্হিৰ সৈতে সংগতি ৰাখি প্ৰস্তুত কৰা বিশেষ সংকলন।

ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উন্নতিৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি এই বিশেষ সমাধান আগবঢ়োৱা হৈছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত উৎকৃষ্ট নম্বৰ লাভ কৰক।

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Chapter 11 बाज और साँप

 Class 8: Hindi Elective

Lesson-11                                                 Ospin Academ

बाज और साँप

TEXUAL SOLUTION

1. सही उत्तर का चयन करो :

(क) साँप कहाँ रहता था ?

(अ) गुफा में

(आ) पाहाड़ में

(इ) नंदी में

(ई) सागर में

उत्तर :(अ) गुफा में

(ख) पर्वत की अँधेरी घाटियों में क्या बहती है?

(अ) पानी

(आ) नदी

(इ) झरना

(ई) हवा

उत्तर: (आ) नदी

(ग) प्रस्तुत कहानी के कहानीकार हैं-

(अ) प्रेमचन्द

(आ) जयशंकर प्रसाद

(इ) निर्मल वर्मा

(ई) महादेवी शर्मा

उत्तर : (इ) निर्मल वर्मा जी हैं।

(घ) प्रस्तुत पाठ में समुद्र की लहरें किसके गीत गा रही थीं ?

(अ) साँप के

(आ) नदी के

(इ) देश के

(ई) बाज के

उत्तर :(इ) देश के लिए गीत गा रही थीं।

2. किंसने किससे कहा, बताओ :

(क) “क्यों भाई, इतनी जल्दी मरने की तैयारी कर ली ?”

उत्तर : यह कथन साँप ने घायल बाज को संबोधित करते हुए कहा था।

(ख) “आकाश। आकाश को लेकर मैं क्या चाहूँगा।”

उत्तर : उपर्युक्त वाक्य साँप द्वारा बाज से कहा गया था।

(ग) “आह। काश, मैं सिर्फ एक बार आकाश में उड़ पाता।”

उत्तर : यह मार्मिक बात बाज ने साँप के सामने व्यक्त की थी।

(घ) “अपने प्राणों को खरते में डालना कहाँ की चतुराई है?”

उत्तर : यह विचार साँप ने स्वयं अपने मन में सोचा था।

3. पच्चीस-तीश शब्दों में उत्तर लिखो :

(क) घायल बाज को देखकर साँप क्यों खुश है?

उत्तर : लहूलुहान बाज को देखकर साँप उसके करीब गया और उसे ध्यानपूर्वक देखने लगा। उसने महसूस किया कि बाज की मृत्यु निकट है, इसलिए अब उससे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण साँप मन ही मन प्रसन्न होकर बोला कि तुमने इतनी शीघ्र मरने की तैयारी क्यों कर ली?

(ख) घायल बाज जब अन्तिम इच्छा पूर्ण करने हेतु पंख फैलाकर हवा में कूद पड़ा तब इसका परिणाम क्या हुआ ?

उत्तर : जब घायल बाज ने अपनी आखिरी चाहत पूरी करने के लिए हवा में छलांग लगाई, तो उसके कमजोर पंख उसके शरीर का भार नहीं सह सके। परिणामस्वरूप, उसका भारी शरीर एक पत्थर की भाँति लुढ़कता हुआ सीधा नदी में जा गिरा और उसके प्राण पखेरू उड़ गए।

(ग) किस बात पर साँप के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा ?

उत्तर : जब साँप ने ध्यान से सुना कि चट्टानों के नीचे से कोई अत्यंत मधुर और रहस्यमयी ध्वनि आ रही है, तो वह हैरान रह गया। वास्तव में, चट्टानों को भिगोने वाली समुद्र की लहरों से ही यह सुरीला गीत गूँज रहा था। यह सुनकर साँप अत्यंत आश्चर्यचकित हो उठा।

(घ) बाज के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था ?

उत्तर : समुद्र की लहरों ने बाज की निडरता के सम्मान में गीत गाया था। उसने शत्रुओं से संघर्ष करते हुए अपना मूल्यवान रक्त बहाया था। लहरों का मानना था कि बाज के लहू की हर एक बूँद भविष्य में अंधकार को मिटाकर साहसी लोगों के दिलों में स्वतंत्रता और प्रकाश के प्रति असीम प्रेम जगाएगी।

(ङ) साँप ने उड़ने को मूर्खतापूर्ण मानते हुए भी क्यों उड़ने की कोशिश की ?

उत्तर : यद्यपि साँप उड़ने की क्रिया को बेवकूफी समझता था, फिर भी उसने इसका प्रयास किया क्योंकि वह उस रहस्य को जानना चाहता था। वह स्वयं अनुभव करना चाहता था कि उस अनंत आकाश में आखिर ऐसा क्या विशेष आकर्षण मौजूद है, जिसके खातिर बाज ने अपने प्राणों की आहुति दे दी।

4. पचास-साठ शब्दों में उत्तर लिखो :

(क) अपनी गुफा में बैठकर साँप ने क्यों खुद को सुखी और सुरक्षित समझा था ?

उत्तर : अपनी अंधेरी गुफा में सुरक्षित बैठकर साँप बाहर का सारा नजारा देखता रहता था। वह समुद्र की लहरों की गर्जना, आकाश में छिपती चोटियों और बलखाती नदी के उग्र रूप को निहारता था। इन सब उथल-पुथल को देखकर वह मन ही मन संतुष्ट होता था कि वह अपनी गुफा में पूर्णतः महफूज है, जहाँ कोई उसे नुकसान नहीं पहुँचा सकता और वह उस एकांत जगह का एकमात्र मालिक है।

(ख) क्यों भाई इतनी जल्दी मरने की तैयारी कर ली ? साँप की इस बात पर बाज ने क्या जवाब दिया ?

उत्तर : साँप की बात सुनकर बाज ने एक गहरी साँस ली और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो मेरा अंतिम समय आ गया है। परंतु मुझे अपने जीवन से कोई भी गिला-शिकवा नहीं है। मैंने अपनी जिंदगी को पूरी तरह से जिया है और हर सुख का अनुभव किया है। मैंने अपने पंखों से असीम आकाश की ऊँचाइयों को नापा है। तुम्हारी किस्मत खराब है कि तुम जीवन में कभी भी खुले आसमान में उड़ने का आनंद महसूस नहीं कर सकोगे।

(ग) साँप हँसते हुए क्या कहने लगा ?

उत्तर : साँप अपने मन में बाज की बेवकूफी पर हँस रहा था और विचार कर रहा था कि हवा में उड़ने और जमीन पर रेंगने के बीच भला कौन सा बड़ा फर्क है। अंततः सभी प्राणियों की किस्मत में मृत्यु ही लिखी है। यह नश्वर शरीर मिट्टी से बना है और अंत में उसी मिट्टी में विलीन हो जाएगा। मिट्टी भी कुम्हार से यही कहती है कि आज तू मुझे रौंद रहा है, परंतु एक दिन मैं तुझे अपने भीतर समेट लूँगी।

(घ) समुद्र की लहरें क्या गा रही थीं ?

उत्तर : समुद्र की लहरें उन वीर और साहसी जवानों के सम्मान में देशभक्ति का तराना गा रही थीं, जो देश की रक्षा की खातिर अपने प्राण न्योछावर कर देते हैं। लहरें अपने गीत के माध्यम से कह रही थीं कि भले ही तुमने अपना जीवन बलिदान कर दिया हो, किंतु तुम्हारी कीर्ति हमेशा अमर रहेगी। भविष्य में जब भी शौर्य और बहादुरी के किस्से सुनाए जाएँगे, तुम्हारा नाम अत्यंत गर्व और असीम श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।

5. सप्रसंग व्याख्या करो :

(क) ‘अंत में तो सबके भाग्य में मरना ही लिखा है शरीर मिट्टी का है, मिट्टी में ही मिल जाएगा।’

उत्तर : प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘आओ हिन्दी सीखें (भाग चार)’ में संकलित ‘बाज और साँप’ नामक कहानी से अवतरित हैं। यह प्रसंग उस वक्त का है जब बाज आसमान की सुंदरता का वर्णन कर रहा था। उसकी बातें सुनकर साँप ने जवाब दिया कि मुझे यह आकाश नहीं चाहिए, मेरे लिए मेरी गुफा ही सबसे अच्छी है। वह मन ही मन बाज की नासमझी पर हँसते हुए सोचने लगा कि उड़ने और रेंगने में कोई विशेष अंतर नहीं है। इसी संदर्भ में साँप ने कहा कि अंततः सबको मरना ही है, क्योंकि यह शरीर मिट्टी का बना है और एक दिन मिट्टी में ही समा जाएगा।

(ख) ‘हमारा गीत जिंदगी के उस दीवानों के लिए है जो मर कर भी मृत्यु से नहीं डरने।’

उत्तर : दी गई पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘आओ हिन्दी सीखें (भाग चार)’ के अंतर्गत निर्मल वर्मा द्वारा रचित कहानी ‘बाज और साँप’ से ली गई हैं। यह संदर्भ उस घटना से जुड़ा है जब बाज ने संघर्ष करते हुए अपनी जान गँवा दी थी। उस दौरान समुद्र की उठती लहरें उन शूरवीरों की याद में गीत गा रही थीं, जो राष्ट्र की रक्षा हेतु अपना सब कुछ बलिदान कर देते हैं। लहरें अपने गायन के जरिए यह संदेश दे रही थीं कि उनका यह गीत उन मतवालों के लिए समर्पित है, जो मृत्यु के सामने भी निडर खड़े रहते हैं और मरकर भी अमर हो जाते हैं।

भाषा अध्ययन

प्रयोग के आधार पर शब्द-भेद :

प्रयोग के आधार पर हम शब्दों के दो भेद कर सकते हैं:

पहला, विकारी शब्द यानी जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, काल आदि के अनुसार परिवर्तन होते हैं। जैसे:

क) संज्ञा

ख) सर्वनाम

ग) विशेषण

घ) क्रिया

संज्ञा का विकार : लड़का – लड़के, भारत – भारतीय, लोहा – लोहे

सर्वनाम का विकार : मैं – मुझ, तू – तुझ

विशेषण का विकार : अच्छा – अच्छी, मीठा – मीठी

क्रिया का विकार : पढ़ता – पढ़ते, खेलता – खेलते

दूसरा, अविकारी शब्द अर्थात, जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, कारक, काल आदि के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं होता है। अविकारी शब्दों को अव्यय भी कहते हैं। अविकारी शब्द (अव्यय) के चार भेद हैं:

क) क्रिया विशेषण : धीरे-धीरे, जल्दी

ख) संबंधबोधक : के आगे, के साथ

ग) समुच्चयबोधक : परन्तु, और, कि

घ) विस्मयादिबोधक : अरे! हाय! वाह!

6. विकारी शब्दों के चारों भेदों के नामोल्लेख करते हुए प्रत्येक के दो-दो उदाहरण वाक्य में प्रयोग करते हुए लिखो

उत्तर :

क) संज्ञा का विकार (लड़का – लड़के) :

१. वह एक अच्छा लड़का है।

२. मैदान में कई लड़के खेल रहे हैं।

ख) सर्वनाम का विकार (मैं – मुझे) :.

१. मैं आज बाजार जा रहा हूँ।

२. कुछ काम हो तो मुझे अवश्य बताना।

ग) विशेषण का विकार (अच्छा – अच्छी) :

१. राम एक अच्छा लड़का है।

२. आम की फसल इस बार बहुत अच्छी है।

घ) क्रिया का विकार (पढ़ता – पढ़ती) :

१. मोहन ध्यान से पढ़ता है।

२. गीता अपनी किताब पढ़ती है।

7. अविकारी शब्दों के चारों भेदों के नामोल्लेख करते हुए प्रत्येक के दो-दो उदाहरण वाक्य में प्रयोग करते हुए लिखो

उत्तर :

क) क्रिया विशेषण (धीरे-धीरे, जल्दी) :

१. कमरे में जरा धीरे-धीरे बात किया करो।

२. हमें रोज सुबह जल्दी उठना चाहिए।

ख) संबंधबोधक (के आगे, के साथ) :

१. हमारी पाठशाला के आगे एक सुंदर तालाब है।

२. अस्पताल हमेशा मुख्य सड़क के साथ होना चाहिए।

ग) समुच्चयबोधक (परन्तु, और) :

१. आप जा सकते हैं, परन्तु मुझे अभी कुछ काम पूरा करना है।

२. हरि और नरेश दोनों बहुत पक्के मित्र हैं।

घ) विस्मयादिबोधक (अरे!, वाह!) :

१. अरे! अनिल, तुम यहाँ कब आ गए?

२. वाह! तुमने तो परीक्षा में कमाल ही कर दिया।

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Note – If you find any mistakes in this chapter, please let us know or correct them yourself while reading. Thank you!
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১১ (बाज और साँप) – সঘনাই সোধা প্ৰশ্ন (FAQs)
‘बाज और साँप’ পাঠটি কি বিষয়ক?
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ অন্তৰ্ভুক্ত এই পাঠটিত স্বাধীনতাৰ প্ৰকৃত মূল্য, সাহসিকতা আৰু নিৰাপদ অথচ সংকীর্ণ জীৱনৰ পৰিৱৰ্তে মুক্ত আকাশৰ তলত জীয়াই থকাৰ গুৰুত্বৰ ওপৰত আলোকপাত কৰা হৈছে।
এই সমাধানটোত কি কি অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে?
ইয়াত পাঠ্যপুথিৰ সকলো অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন, MCQ তথা ব্যাকৰণৰ সম্পূৰ্ণ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।
এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহ কি অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা হৈছে?
হয়, এই সকলোবোৰ সমল অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শেহতীয়া নিয়মাৱলী অনুসৰি সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
এই অধ্যায়ৰ পৰা পৰীক্ষাত কেনেধৰণৰ প্ৰশ্ন আহিব পাৰে?
এই অধ্যায়ৰ পৰা চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) আৰু পাঠভিত্তিক সাৰাংশ বা প্ৰসংগ সংগতি দৰশাই ব্যাখ্যা কৰা প্ৰশ্ন সচৰাচৰ পৰীক্ষাত সোধা হয়।

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