Class 8 Hindi Chapter 2 – कश्मीरी सेब (কাশ্মীৰী সেৱ) – All Textual Solutions | Sankardev Sishu Vidya Niketan (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন)
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ২ – कश्मीरी सेब (কাশ্মীৰী সেৱ) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ দ্বিতীয় অধ্যায় ‘कश्मीरी सेब’ এখন অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ আৰু শিক্ষণীয় গল্প। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (SVN) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 2 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions), বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) আৰু ব্যাকৰণৰ পুংখানুপুংখ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে।
‘कश्मीरी सेब’ নামৰ এই পাঠটিত আমাৰ দৈনন্দিন জীৱনত বজাৰ কৰোঁতে বা বস্তু ক্ৰয় কৰোঁতে সতৰ্কতা অৱলম্বন কৰাৰ বাবে এক সুন্দৰ বাৰ্তা প্ৰদান কৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল ভাৱ, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত (Textual Solutions) কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে সুন্দৰভাৱে প্ৰস্তুতি চলাব পাৰে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- গল্পটিৰ সাৰাংশ, মূল বাৰ্তা আৰু চৰিত্ৰসমূহৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
- দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ সহজ তথা মান্য সমাধান।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ আৰু ভাষিক জ্ঞানৰ সঠিক ধাৰণা।
- নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ অতিৰিক্ত প্ৰশ্নসমূহৰ লগতে শেহতীয়া আৰ্হিৰ MCQ প্ৰশ্নৰ সমাধান।
অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (SVN) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
- ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে মুখস্থ কৰিব পৰাকৈ সৰল ভাষাত লিখা উন্নত মানৰ নোটছ (Class 8 Hindi Notes)।
- পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে যুগুতোৱা সহজ-সৰল উত্তৰ।
- পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন আৰু MCQ-ৰ বিশেষ সংকলন।
ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।
Class 8 Hindi (হিন্দী) Textbook Solutions & MCQs | Sankardev Sishu Vidya Niketan New Syllabus
New Updated Version!
According to Latest Sankardev (SVN) New Syllabus & Updated Book
Get comprehensive preparation for Class 8 Hindi (হিন্দী) with this complete Textual Solution & MCQs package.
Includes Chapter-wise textbook solutions, additional Q&A, and MCQs precisely structured as per the latest Sankardev Sishu Vidya Niketan (SVN) syllabus and new book.
Perfect for building a strong foundation and mastering your school assessments! Download as an easy-to-use ZIP file.
শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, অষ্টম শ্ৰেণী: হিন্দী
कश्मीरी सेब
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
१ । सत्य कथन के सामने (√) और असत्य कथन के सामने (x) क निशान लगाओ :
(क) गाजर में अधिक विटामिन पाया जाता है।
उत्तर:(√)
(ख) अलफाँसो रोब की एक किस्म है।
उत्तर: (x)
(ग) फल खाने का सही समय रात है।
उत्तर: (x)
(घ) चौथे सेब में एक काला सुराख था।
उत्तर:(√)
(ङ) दुकानदार ने लेखक को बढ़िया सेब दिए थे।
उत्तर: (x)
(च) आदमी बेईमानी तभी करता है, जब उसे अवसर मिलता है।
उत्तर:(√)
(छ) लेखक ने दुकानदार को सेब की कीमत के रूप में चार आने पैसे दिए थे।
उत्तर:(√)
(ज) एक सेब भी खाने लायक नहीं था।
उत्तर:(√)
(झ) सभी दुकानदार बेईमानी करते है।
उत्तर: (x)
(ञ) खोमचेवाले ने लेखक की अठन्नी नहीं लौटायी।
उत्तर: (x)
२ । (क)बनारस किस आम के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: बनारस शहर अपने लंगड़े आम की पैदावार के लिए मशहूर है।
(ख) दुकान पर किस रंग के सेब सजे हुए थे ?
उत्तर: दुकान में बहुत ही आकर्षक, गुलाबी रंग वाले सेब सजाकर रखे गए थे।
(ग) लेखक ने दुकानदार से कितने सेब माँगे ?
उत्तर: लेखक ने फल बेचने वाले से आधा सेर सेब देने को कहा था।
(घ) लेखक ने दुकानदार को कितने पैसे दिए ?
उत्तर: लेखक ने सेबों के मूल्य स्वरूप दुकानदार को चार आने चुकाए थे।
(ङ) फल खाने का उपयुक्त समय क्या है ?
उत्तर: फलों का सेवन करने का सबसे उत्तम समय सुबह (प्रातःकाल) का होता है।
(च) कोई वस्तु खरीदते समय हम ठगे न जाँए इसके लिए हमें क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए ?
उत्तर: बाज़ार से कोई भी सामान लेते वक़्त हम धोखे का शिकार न हों, इसके लिए हमें नीचे दी गई सावधानियों का पालन करना चाहिए –
(क) ग्राहकों को अपने अधिकारों और उपभोक्ता सुरक्षा के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए।
(ख) सामान की पैकिंग पर अंकित वजन, बनने की तारीख, गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट और उसकी कीमत ज़रूर जाँच लें।
(ग) औषधियों की शीशी या पैकेट पर लिखे वजन, बैच नंबर, निर्माण की तिथि, गुणवत्ता, अंतिम तिथि और एम.आर.पी. (अधिकतम खुदरा मूल्य) को देखने के बाद ही उन्हें खरीदें।
(घ) फल और सब्जियाँ लेते समय यह ध्यान रखें कि वे बिल्कुल ताज़े हों। यह भी देखें कि वे स्थानीय हैं या बाहर से आए हैं, वे गले-सड़े न हों और बेचने वाला सही वजन दे रहा है या नहीं।
(ङ) कुछ सामान गिनती के आधार पर बेचे जाते हैं। इसलिए ऐसी वस्तुओं की खरीदारी करते समय उन्हें ठीक से गिनकर ही स्वीकार करना चाहिए।
३ । (क) हमारे बदले हुए खाद्याभ्यास के बारे में लेखक का क्या विचार है?
उत्तर: हमारे खान-पान की बदलती आदतों पर अपने विचार रखते हुए लेखक ने बताया है कि वर्तमान समय के पढ़े-लिखे समाज में विटामिन और प्रोटीन को ध्यान में रखकर भोजन करने की प्रवृत्ति विकसित हो गई है। टमाटर अब हमारे दैनिक भोजन का एक ज़रूरी हिस्सा बन चुका है। पहले के समय में लोग गाजर का इस्तेमाल सिर्फ हलवा बनाने के लिए करते थे, परंतु जब से यह ज्ञात हुआ है कि गाजर में भी भरपूर मात्रा में विटामिन मौजूद होता है, तब से लोगों ने इसे अपने नियमित आहार में शामिल करना शुरू कर दिया है।
(ख) सेब खाने के क्या क्या लाभ है ?
उत्तर: सेब अपने रस और बेहतरीन स्वाद के कारण एक लाजवाब फल माना जाता है। इसके विषय में यह मान्यता है कि प्रतिदिन एक सेब का सेवन करने से हम हमेशा बीमारियों से बचे रह सकते हैं।
(ग) लेखक ने प्रातः काल खाने के लिए जब सेब निकाले तो वे किस हालत में मिले ?
उत्तर: सुबह के समय जब लेखक ने खाने के उद्देश्य से सेबों को बाहर निकाला, तो वे सभी पूरी तरह सड़े हुए निकले। उनमें से एक भी सेब ऐसा नहीं था जिसे खाया जा सके।
(घ) दुकानदार को लेखक से बेईमानी करने का अवसर कैसे मिला ?
उत्तर: फल बेचने वाले को लेखक के साथ धोखा करने का मौका इसलिए मिल गया क्योंकि लेखक ने सेब डलवाने के लिए अपना रुमाल खुद उसके हाथों में पकड़ा दिया था। इसके अलावा, उन्होंने सेबों का निरीक्षण किए बिना ही दुकानदार की बात पर पूरा भरोसा करते हुए उन्हें खरीद लिया था।
(ङ) खोमचेवाले की ईमानदारी के बारे में लेखक ने क्या कहा है ?
उत्तर: खोमचेवाले की सच्चाई का ज़िक्र करते हुए लेखक ने बताया है कि एक दफा मुहर्रम के मेले में उन्होंने एक पैसे की रेवड़ियाँ खरीदी थीं और गलती से एक पैसे की जगह अठन्नी दे दी थी। कुछ देर बाद जब उन्हें अपनी इस भूल का अहसास हुआ, तो वे तुरंत उस खोमचेवाले के पास वापस गए। लेखक को बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वह व्यक्ति अठन्नी वापस करेगा। परंतु उसने बहुत ही प्रसन्न होकर वह अठन्नी लौटा दी और अपनी तरफ से लेखक से माफी भी माँगी।
(च) इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर: इस पाठ से हमें यह महत्वपूर्ण सीख मिलती है कि बाज़ार से कुछ भी खरीदते समय हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए, और हमेशा अच्छी तरह जाँच-परख कर ही सामान लेना चाहिए। यदि हम ऐसा नहीं करेंगे तो कोई भी दुकानदार हमें आसानी से धोखा दे सकता है। इसी वजह से कहानीकार ने अप्रत्यक्ष रूप से सभी को “जागो ग्राहक जागो” का संदेश भी दिया है।
भाषा–अध्यन :
१ । दिए गए उदाहरण को देखकर निम्नलिखित शब्दों से वाक्य बनाओ :
उत्तर:
सुबह – करीम शाम के समय वापस घर आता है।
अमीर – हमें हमेशा गरीब व्यक्तियों की मदद करनी चाहिए।
पश्चिम – सूरज पूरब दिशा की ओर से निकलता है।
हानि – आजकल की नई मशीनों से हमारे समाज को बहुत लाभ पहुँचता है।
आशा – इंसान को किसी भी परिस्थिति में निराश नहीं होना चाहिए।
२ । चार पैसों का इतना गम न हुआ, जितना समाज के इस चारित्रिक
पतन का । – लेखक ने किस परिस्थिति में एसा कहा है ?
उत्तर: इंसान का अच्छा या बुरा होना पूरी तरह से उसके चरित्र पर ही निर्भर करता है। यदि एक बार किसी व्यक्ति के चरित्र पर कोई दाग लग जाए, तो उसे साफ करना बहुत कठिन हो जाता है; इसी कारण इसकी तुलना एक कोरे कागज से की जाती है।
प्रस्तुत कहानी में लेखक को भी मनुष्य के गिरते हुए चरित्र को देखकर गहरा दुख पहुँचा है। फल बेचने वाले ने चंद पैसों के लालच में सड़े हुए सेब पकड़ा दिए, जो सीधे तौर पर उसके चारित्रिक पतन को दर्शाता है। इसी संदर्भ में लेखक ने पाठकों को आगाह करते हुए ऐसे धोखेबाज़ दुकानदारों से सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने इस ओर भी इशारा किया है कि किसी भी दुकानदार से सामान लेते समय खुद ग्राहक को भी चौकन्ना रहना चाहिए और भली-भांति जाँच-परख कर ही खरीदारी करनी चाहिए।
२ । किसने कहा, किससे कहा ?
(क) बाबुजी, बडे मजेदार सेब आए है।
उत्तर: यह वाक्य दुकानदार ने ग्राहक (लेखक) से कहा था।
(ख) सेब चुन-चुनकर रखना।
उत्तर: यह बात ग्राहक (लेखक) ने दुकानदार से कही थी।
३ । वाक्य बनाओ :
उत्तर:
रो-रोकरः लगातार रो-रोकर बलिन का बुरा हाल हो गया है।
दौड़-दौड़करः मैदान में दौड़-दौड़कर अनल पूरी तरह से थक चुका था।
बोल-बोलकरः लगातार बोल-बोलकर रहीम ने अपना गला ही सुखा लिया।
मार-मारकरः लोगों ने शेर को मार-मारकर अधमरा जैसी हालत में पहुँचा दिया।
रह-रहकरः रह-रहकर भागने की वजह से वह लड़की बहुत ज्यादा थक गई है।




