Class 8 Hindi Chapter 12 – गौरा (Gaura) – All Textual Solutions | AJB (Assamese Medium)

CLASS 8

Class 8 Hindi Chapter 12 गौरा Solutions | Assam Jatiya Bidyalaya

অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১২ – गौरा সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (অসম জাতীয় বিদ্যালয় – Assamese Medium)

অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ দ্বাদশ অধ্যায় ‘गौरा’ অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে জীৱ-জন্তুৰ প্ৰতি প্ৰেম আৰু আৱেগিক সম্পৰ্ক বিষয়ক এটা অত্যন্ত স্পৰ্শকাতৰ পাঠ। নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ শেহতীয়া নিৰ্দেশনা আৰু নতুন শৈক্ষিক নীতিৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 12 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন (Short Questions), দীঘলীয়া প্ৰশ্ন (Long Answers), MCQ আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।

‘गौरा’ নামৰ এই পাঠটিত বিখ্যাত সাহিত্যিক মহাদেৱী বাৰ্মাৰ দ্বাৰা ৰচিত ଏକ সুন্দৰ গৰু ‘গৌৰা’ৰ চৰিত্ৰ, মানৱ আৰু পশুৰ মাজৰ গভীৰ মৰম-চেনেহ তথা ইয়াৰ মৰস্পৰ্শী পৰিণতিৰ বিষয়ে সুন্দৰভাৱে বৰ্ণনা কৰা হৈছে। পৰীক্ষাৰ্থীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, চৰিত্ৰ বিশ্লেষণ আৰু শব্দাৰ্থ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানসমূহত ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজতে বুজি পোৱাকৈ সৰল ৰূপত উত্তৰসমূহ প্ৰদান কৰা হৈছে।

অধিক বিনামূলীয়া Notes আৰু PDFৰ বাবে আমাৰ App টো ডাউনলোড কৰক:
Download EduAssam Solution App Click Here to Get Free Notes & Previous Papers

এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:

  • ‘गौरा’ পাঠৰ মূল সাৰাংশ, মানৱীয় মূল্যবোধ আৰু জীৱ-জন্তুৰ প্ৰতি কৰুণা বিষয়ক বাৰ্তাৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
  • শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্ভুল উত্তৰ।
  • ৪-৫ নম্বৰৰ দীঘলীয়া প্ৰশ্ন আৰু চৰিত্ৰভিত্তিক বৰ্ণনাত্মক প্ৰশ্নসমূহৰ সহজ তথা মান্য সমাধান।
  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আৰ্হি অনুসৰি অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) সমাধান।
  • পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ অংশৰ সঠিক আৰু সহজ সমাধান।

আমাৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:

  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
  • ১০০% শুদ্ধ আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে মুখস্থ বা আয়ত্ত কৰিব পৰাকৈ প্ৰস্তুত কৰা নোটছ।
  • পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে যুগুতোৱা সহজ-সৰল উত্তৰ।
  • অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ পৰীক্ষাৰ আৰ্হিৰ সৈতে সংগতি ৰাখি প্ৰস্তুত কৰা বিশেষ সংকলন।

ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উন্নতিৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি এই বিশেষ সমাধান আগবঢ়োৱা হৈছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত উৎকৃষ্ট নম্বৰ লাভ কৰক।

Vibrant Note Box
Buy Printable PDF
Class 8 Hindi (हिन्दी) Textbook Solutions & MCQs | Assam Jatiya Bidyalaya New Syllabus
Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹49.00.

New Updated Version!

According to Latest Assam Jatiya Bidyalaya (AJB) New Syllabus & Updated Book

Get comprehensive preparation for Class 8 Hindi (हिन्दी) with this complete Textual Solution & MCQs package.
Includes Chapter-wise textbook solutions, additional Q&A, and MCQs precisely structured as per the latest Assam Jatiya Bidyalaya syllabus and new book.
Perfect for building a strong foundation and mastering your school assessments! Download as an easy-to-use ZIP file.

Vibrant Note Box
Chapter 12 गौरा

 Class 8: Hindi Elective

Lesson-12                                                         Ospin Academ

 गौरा

TEXUAL SOLUTION

1. सही वाक्य में  (√)का और गलत वाक्य में(x) का चिह्न लगाओ:

(क) गौरा एक बछिया का नाम था।

उत्तर :  (√)

(ख) गौरा वास्तव में बहुत प्रियदर्शनी थी।

उत्तर : (√)

(ग) गौरा लोगों से घुलमिल नहीं गई थी।

उत्तर : (x)

(घ) महादेवी जी ने गौरा के पार्थिव शरीर को गंगा में समर्पित किया था।

उत्तर :  (√)

2. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो :

(क) गौरा कौन थी ?

उत्तर : गौरा महादेवी वर्मा जी की छोटी बहन श्यामा के घर पर पली हुई एक अत्यंत सुंदर और युवा अवस्था तक पहुँची हुई बछिया (गाय) थी।

(ख) गौरा को पालने का सुझाव महादेवी जी को किसने दिया ?

उत्तर : महादेवी वर्मा जी को गौरा नामक बछिया पालने का सुझाव उनकी छोटी बहन श्यामा ने दिया था।

(ग) ‘गाय करुणा की कविता है’ किसने कहा था और क्यों ?

उत्तर : ‘गाय करुणा की कविता है’, यह प्रसिद्ध कथन महात्मा गांधी जी का है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि गाय की आँखों में हिरन जैसी चंचलता या आश्चर्य नहीं, बल्कि एक गहरा आत्मीय विश्वास और असीम करुणा झलकती है।

(घ) गौरा के बछड़े का नाम क्या था ?

उत्तर : गौरा के बछड़े का नाम लेखिका ने ‘लालमणि’ रखा था।

(ङ) गौरा की मृत्यु का कारण क्या था ?

उत्तर: गौरा की मृत्यु का मुख्य कारण यह था कि किसी ईर्ष्यालु व्यक्ति (संभवतः पुराने ग्वाले) ने उसे गुड़ में लपेटकर एक सूई खिला दी थी, जो उसके हृदय के पार हो गई थी।

3. संक्षिप्त उत्तर दो :

(क) गौरा की आकृति का वर्णन करो।

उत्तर : गौरा दिखने में अत्यंत सुंदर और आकर्षक थी। उसके पैर पुष्ट और लचीले थे, पुट्ठे भरे हुए थे, पीठ चिकनी और भरी-पूरी थी तथा गर्दन लंबी व सुडौल थी। उसके सिर पर छोटे-छोटे सींग निकल रहे थे और उसके कान कमल की अधखुली पंखुड़ियों के समान थे, जिनके भीतर हल्की सी लालिमा झलकती थी। उसकी पूँछ लंबी और घने काले बालों वाली थी। गौरा की शारीरिक बनावट इतनी सुडौल थी मानो उसे इटैलियन मार्बल (संगमरमर) से तराश कर उस पर विशेष चमक चढ़ा दी गई हो। उसकी सफेदी ऐसी थी जैसे उसके शरीर पर अभ्रक का चूर्ण मल दिया गया हो, जिस पर रोशनी पड़ते ही एक अद्भुत चमक उत्पन्न हो जाती थी।

(ख) महादेवी वर्मा जी के घर गौरा का स्वागत किस प्रकार हुआ ?

उत्तर : जब गौरा पहली बार महादेवी वर्मा जी के घर पहुँची, तो वहाँ मौजूद सभी परिचितों और नौकरों में श्रद्धा और उत्साह की लहर दौड़ गई। उसका स्वागत अत्यंत भव्य तरीके से किया गया। उसे लाल और सफेद गुलाबों की सुंदर माला पहनाई गई, मस्तक पर केसर-रोली का बड़ा सा टीका लगाया गया और घी का चौमुखा दीया जलाकर उसकी आरती उतारी गई। अंत में उसे खाने के लिए स्वादिष्ट दही-पेड़ा खिलाया गया और उसी दिन उसका नाम ‘गौरांगिनी’ या संक्षेप में ‘गौरा’ रखा गया।

(ग) ‘गाय करुणा की कविता है’ आशय स्पष्ट करो।

उत्तर : गाय स्वभाव से अत्यंत सरल, शांत और निश्छल होती है। मनुष्य द्वारा थोड़ा सा स्नेह और पुचकार पाने पर ही वह उसके वश में हो जाती है। गाय की आँखों में हिरन के समान भय या अचरज नहीं होता, बल्कि एक अटूट आत्मीय विश्वास होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मनुष्य से उसे अक्सर कठोर यातनाएँ और निर्मम मृत्यु तक प्राप्त होती है, फिर भी उसकी आँखों का वह गहरा विश्वास कभी आतंक या डर में नहीं बदलता। उसके इसी निश्छल और करुणामय स्वभाव के कारण ही गांधी जी ने कहा था कि ‘गाय करुणा की कविता है’।

(घ) गौरा के अन्य जीव-जन्तुओं के साथ व्यवहार का वर्णन अपने शब्दों में करो।

उत्तर : गौरा का स्वभाव इतना शांत, स्नेही और मिलनसार था कि महादेवी जी के घर के अन्य छोटे पशु-पक्षी भी अपनी लघुता और गौरा की विशालता का अंतर भूल गए थे। घर के कुत्ते और बिल्लियाँ बेझिझक उसके पेट के नीचे और पैरों के बीच खेलते रहते थे। पक्षी निडर होकर उसकी पीठ और माथे पर बैठ जाते और उसके कान या आँखें खुजलाने लगते। इन सबसे परेशान होने के बजाय, गौरा चुपचाप खड़ी रहती और आँखें मूंदकर मानो उनके स्पर्श और साथ का सुख अनुभव करती थी।

(ङ) लालमणि की आकृति के वर्णन में लेखिका वर्मा जी ने क्या कहा है?

उत्तर : लालमणि की शारीरिक बनावट और सुंदरता का वर्णन करते हुए लेखिका महादेवी वर्मा जी कहती हैं कि वह एक अत्यंत हृष्ट-पुष्ट और आकर्षक बछड़ा था। अपने गाढ़े लाल रंग के कारण वह मानो गेरू का बना हुआ कोई सजीव पुतला जान पड़ता था। उसके माथे पर सफेद रंग का एक पान के आकार का तिलक था और उसके चारों पैरों के खुरों के ऊपर सफेद धारियाँ (वलय) थीं। ये सफेद निशान ऐसे लगते थे मानो गेरू से बनी बछड़े की मूर्ति को किसी ने चाँदी के आभूषणों से सजा दिया हो।

(च)गौरा के दूध-दोहन के लिए किसे नियुक्त किया गया और क्यों ?

उत्तर : महादेवी जी के घर पर गौरा का दूध दुहने की एक स्थायी समस्या खड़ी हो गई थी। घर के शहरी नौकरों को गाय दुहना आता ही नहीं था और जो नौकर गाँव से आए थे, वे अभ्यास छूट जाने के कारण दूध दुहने में घंटों लगा देते थे। इसी बीच, गौरा के आने से पहले महादेवी जी के यहाँ जो ग्वाला दूध बेचने आता था, उसने आकर इस काम के लिए अपनी नियुक्ति का आग्रह किया। तब लेखिका को लगा कि उनकी यह समस्या हल हो गई है और उन्होंने उसी पुराने ग्वाले को गौरा का दूध दुहने के लिए नियुक्त कर लिया।

(छ) गौरा ने क्यों दाना चारा खाना कम कर दिया था ? पशु चिकित्सक ने इसके संबंध में क्या कहा था?

उत्तर : एक दिन अचानक गौरा ने दाना-चारा खाना काफी कम कर दिया और वह दिन-प्रतिदिन कमजोर और सुस्त रहने लगी। चिंतित होकर महादेवी जी ने कई पशु चिकित्सकों को बुलाकर उसकी जाँच करवाई। चिकित्सकों ने कई दिनों तक लगातार परीक्षण और एक्स-रे (X-ray) किए। अंततः उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि किसी ने गौरा को धोखे से कोई सूई खिला दी है, जो अब उसके रक्त-संचार के साथ हृदय तक पहुँच चुकी है। डॉक्टरों ने यह दुखद बात भी बताई कि जैसे ही वह सूई हृदय को पार करेगी, रक्त-संचार रुक जाने के कारण गौरा की मृत्यु निश्चित है।

(ज)गौरा के रोग उपचार के लिए क्या-क्या किए गए ?

उत्तर : गौरा की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। कई पशु चिकित्सकों द्वारा उसका परीक्षण और एक्स-रे किया गया। सूई को हृदय तक पहुँचने से रोकने या कैल्शियम जमा करके उसे वहीं स्थिर करने की उम्मीद में, गौरा को प्रतिदिन कई-कई सेर सेब का रस पिलाया जाने लगा। उसकी घटती हुई शारीरिक शक्ति को बनाए रखने के लिए उसे इंजेक्शन भी दिए गए। चूँकि गाय के लिए इंजेक्शन की सुई अत्यंत लंबी और मोटी होती थी, इसलिए वह इंजेक्शन की प्रक्रिया स्वयं में किसी शल्य-क्रिया (सर्जरी) जैसी अत्यंत कष्टदायक होती थी।

(झ) लालमणि का अपनी माँ गौरा के प्रति व्यवहार का वर्णन करो।

उत्तर : लालमणि स्वभाव से अपनी माँ गौरा का अत्यंत लाडला और चंचल बछड़ा था। वह हर समय अपनी माँ की आँखों के सामने ही रहना चाहता था। वह उछल-कूद करता हुआ कभी गौरा के आगे, कभी पीछे और कभी उसके चारों ओर चक्कर काटता रहता था। गौरा भी अत्यंत वात्सल्य और प्यार के साथ उसे अपनी जीभ से चाटती रहती थी। जब दोनों एक साथ होते थे, तो उनके बीच का वह स्नेह और खुशी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती थी।

भाषा अध्ययन

(I)वाक्य बनाओ :

ब्राह्ममुहूर्त, दुविधा, प्रियदर्शनी, मन्थर, कृतज्ञता ।

उत्तर :

ब्राह्ममुहूर्त (भोर का समय) : महादेवी वर्मा जी प्रतिदिन ब्राह्ममुहूर्त में उठकर गौरा को देखने जाया करती थीं।

दुविधा (असमंजस) : यह निर्णय लेना मेरे लिए बहुत दुविधा का विषय बन गया है।

प्रियदर्शनी (देखने में सुंदर) : महादेवी जी की गाय गौरा वास्तव में अत्यंत प्रियदर्शनी थी।

मन्थर (धीमी) : गौरा की बीमारी शरीर में मन्थर गति से फैल रही थी।

कृतज्ञता (आभार व्यक्त करना) : अपने अंतिम समय में गौरा महादेवी जी की ओर देखकर मानो अपनी मूक कृतज्ञता व्यक्त कर रही थी।

(II) रिक्त स्थानों की पूर्ति रेखांकित शब्दों के विलोम रूप से करो:

(क)गुण और …..देखकर ही मित्र बनना चाहिए।

उत्तर : गुण और अवगुण देखकर ही मित्र बनाना चाहिए।

(ख)ज्ञान हमें अंधकार से …….की और ले जाता है।

उत्तर : ज्ञान हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। (नोट: ‘उज्ज्वला’ अंधकार का सटीक विलोम नहीं है, इसलिए ‘प्रकाश’ का प्रयोग किया गया है।)

(ग)सचिन अपनी आय की तुलना में….. अधिक करता है।

उत्तर : सचिन अपनी आय की तुलना में व्यय अधिक करता है।

(घ)सुबह जल्दी उठना एक अच्छा अभ्यास है, जो …….के कारण मिट भी सकता है।

उत्तर : सुबह जल्दी उठना एक अच्छा अभ्यास है, जो अनभ्यास के कारण मिट भी सकता है।

(ङ)……. जाकर स्वदेश की याद आती है।

उत्तर : विदेश जाकर स्वदेश की याद आती है।

Vibrant Note Box
Note – If you find any mistakes in this chapter, please let us know or correct them yourself while reading. Thank you!
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১২ (गौरा) – সঘনাই সোধা প্ৰশ্ন (FAQs)
‘गौरा’ পাঠটি কি বিষয়ক?
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ অন্তৰ্ভুক্ত এই পাঠটিত মহাদেৱী বাৰ্মাৰ দ্বাৰা বৰ্ণিত এবিধ সুন্দৰ গৰু ‘গৌৰা’ আৰু মানৱতা তথা জীৱ-জন্তুৰ প্ৰতি মৰম-চেনেহৰ ওপৰত আলোকপাত কৰা হৈছে।
এই সমাধানটোত কি কি অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে?
ইয়াত পাঠ্যপুথিৰ সকলো অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন, MCQ তথা ব্যাকৰণৰ সম্পূৰ্ণ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।
এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহ কি অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা হৈছে?
হয়, এই সকলোবোৰ সমল অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শেহতীয়া নিয়মাৱলী অনুসৰি সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
এই অধ্যায়ৰ পৰা পৰীক্ষাত কেনেধৰণৰ প্ৰশ্ন আহিব পাৰে?
এই অধ্যায়ৰ পৰা চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) আৰু পাঠভিত্তিক বৰ্ণনাত্মক প্ৰশ্ন সচৰাচৰ পৰীক্ষাত সোধা হয়।

EduAssam Solution App

Your complete digital learning solution.

Free Notes Mock Tests Q-Bank
Download Now
10k+ Students

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top