Class 8 Hindi Chapter 2 – मिठाईवाला (Mithaiwala) – All Textual Solutions | AJB (Assamese Medium)

CLASS 8

Class 8 Hindi Chapter 2 मिठाईवाला Solutions | Assam Jatiya Bidyalaya

অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ২ – मिठाईवाला সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (অসম জাতীয় বিদ্যালয় – Assamese Medium)

অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ দ্বিতীয় অধ্যায় ‘मिठाईवाला’ অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এটা অত্যন্ত আকৰ্ষণীয় আৰু আৱেগিক পাঠ। নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ শেহতীয়া নিৰ্দেশনা আৰু নতুন শৈক্ষিক নীতিৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 2 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন (Short Questions), দীঘলীয়া প্ৰশ্ন (Long Answers), MCQ আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।

‘मिठाईवाला’ নামৰ এই পাঠটিত এজন নিষ্ঠুৰ পৰিস্থিতিৰ বলি হোৱা অথচ শিশুসকলৰ প্ৰতি অগাধ মৰম থকা এজন মানুহৰ কাহিনী সুন্দৰভাৱে বৰ্ণনা কৰা হৈছে, যিয়ে বিভিন্ন ছদ্মবেশত (যেনে খেলাৱনাৱালা, হকাৰ বা মিঠাইৱালা) আহি শিশুসকলক আনন্দ দিয়ে। পৰীক্ষাৰ্থীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, চৰিত্ৰ বিশ্লেষণ আৰু শব্দাৰ্থ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানসমূহত ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজতে বুজি পোৱাকৈ সৰল ৰূপত উত্তৰসমূহ প্ৰদান কৰা হৈছে।

অধিক বিনামূলীয়া Notes আৰু PDFৰ বাবে আমাৰ App টো ডাউনলোড কৰক:
Download EduAssam Solution App Click Here to Get Free Notes & Previous Papers

এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:

  • ‘मिठाईवाला’ পাঠৰ মূল সাৰাংশ, চৰিত্ৰৰ আৱেগিক দিশ আৰু কাহিনীৰ বাৰ্তাৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
  • শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্ভুল উত্তৰ।
  • ৪-৫ নম্বৰৰ দীঘলীয়া প্ৰশ্ন আৰু মূলভাৱ প্ৰকাশ কৰা প্ৰশ্নসমূহৰ সহজ তথা মান্য সমাধান।
  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আৰ্হি অনুসৰি অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) সমাধান।
  • পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ অংশৰ সঠিক আৰু সহজ সমাধান।

আমাৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:

  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
  • ১০০% শুদ্ধ আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে মুখস্থ বা আয়ত্ত কৰিব পৰাকৈ প্ৰস্তুত কৰা নোটছ।
  • পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে যুগুতোৱা সহজ-সৰল উত্তৰ।
  • অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ পৰীক্ষাৰ আৰ্হিৰ সৈতে সংগতি ৰাখি প্ৰস্তুত কৰা বিশেষ সংকলন।

ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উন্নতিৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি এই বিশেষ সমাধান আগবঢ়োৱা হৈছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত উৎকৃষ্ট নম্বৰ লাভ কৰক।

Vibrant Note Box
Buy Printable PDF
Class 8 Hindi (हिन्दी) Textbook Solutions & MCQs | Assam Jatiya Bidyalaya New Syllabus
Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹49.00.

New Updated Version!

According to Latest Assam Jatiya Bidyalaya (AJB) New Syllabus & Updated Book

Get comprehensive preparation for Class 8 Hindi (हिन्दी) with this complete Textual Solution & MCQs package.
Includes Chapter-wise textbook solutions, additional Q&A, and MCQs precisely structured as per the latest Assam Jatiya Bidyalaya syllabus and new book.
Perfect for building a strong foundation and mastering your school assessments! Download as an easy-to-use ZIP file.

Vibrant Note Box
Chapter 2 मिठाईवाला

 Class 8: Hindi Elective

Lesson-2                                          Ospin Academ

मिठाईवाला

TEXUAL SOLUTION

1. शुद्ध उत्तर चुनकर लिखो :

(क) मिठाईवाला कहानी के कहानीकार हैं

(अ) प्रेमचन्द्र

(आ) जैनेन्द्र कुमार

(इ) भववती प्रसाद बाजपेयी

(ई) यशपाल

उत्तर (इ) भगवती प्रसाद वाजपेयी।

(ख) चुन्नू और मुन्नू ने कितने पैसे में खिलौने खरीदे ?

(अ) दो पैसे में

(आ) एक पैसे में

(इ) भववती प्रसाद बाजपेयी

(ई) पाँच पैसे में

उत्तर : (अ) दो पैसे देकर खिलौने लिए।

(ग) मुरलीवाले ने कितनी मुरलियाँ बनवाई थी ?

(अ) पाँच सौ

(आ) एक हजार

(इ) दो हजार

(ई) एक सौ

उत्तर :(आ) एक हजार मुरलियाँ तैयार करवाई थीं।

(घ) खिलौनेवाले की उम्र कितनी होगी ?

(अ) पाँच वर्ष

(आ) पचास वर्ष

(इ) पैंतीस वर्ष

(ई) तीस-बत्रीस

उत्तर :(ई) तीस-बत्तीस वर्ष होगी।

(ङ) मिठाईवाला लाभ न मिलने पर भी क्यों मिठाई बेचता है?

(अ) बहुत पैसें के लिए

(आ) मान-सम्मान के लिए

(इ) असीम सुख के लिए

(ई) ऐसे ही

उत्तर :  (ई) ऐसे ही मिठाइयाँ बेचा करता है।

2. सपूर्ण वाक्य में उत्तर दो :

(क) खिलौनेवाले की आवाज सुनकर लोग क्यों अस्थिर हो उठते ?

उत्तर : खिलौने विक्रेता अत्यंत मधुर स्वर में गलियों में घूमते हुए गाता, “बच्चों को बहलानेवाला, खिलौनेवाला।” वह इस अधूरे वाक्य को इतने अनोखे और मादक-मीठे अंदाज में प्रस्तुत करता था कि श्रोता उसे सुनकर तुरंत अस्थिर हो जाते थे।

(ख) राय बिजय बहादुर के बच्चे कौन-कौन थे ?

उत्तर : राय विजय बहादुर के संतानों के नाम चुन्नू तथा मुन्नू थे।

(ग) रोहिणी कौन थी ?

उत्तर : रोहिणी राय विजय बहादुर की धर्मपत्नी तथा चुन्नू-मुन्नू की माता थीं।

(घ) मुरलीवाले कितने पैसे में मुरली बेचता था ?

उत्तर : मुरली बेचने वाला प्रत्येक मुरली दो-दो पैसे की दर से बेचता था।

(ङ) मिठाईवाला अपनी मिठाई किस भाव से बेचता है?

उत्तर : मिठाई विक्रेता अपनी मिठाइयाँ एक पैसे में सोलह के भाव से देता है।

(च) रोहिणी ने कितने पैसे की मिठाई ली ?

उत्तर : रोहिणी द्वारा कुल चार पैसे की मिठाइयाँ खरीदी गईं।

3. सपूर्ण लिखो: (50-60 शब्दों में)

(क) खिलौनेवाले के आनेपर लोगों में कैसी प्रतिक्रिया होती है? स्पष्ट करो।

उत्तर : खिलौने विक्रेता के आगमन पर आस-पास का माहौल बदल जाता है। वह अपनी मादक और मधुर आवाज से गाकर सभी को आकर्षित करता है। उसका स्वर सुनते ही बच्चे दौड़कर उसे चारों ओर से घेर लेते हैं। उसके स्नेहपूर्ण कंठ से निकले “बच्चों को बहलानेवाला, खिलौनेवाला” जैसे अधूरे वाक्य सुनकर पड़ोस के घरों में हलचल मच जाती है। युवतियाँ छोटे बच्चों को गोद में उठाकर छज्जों से नीचे झाँकने लगती हैं।

(ख) मिठाईवाले ने अपने बारे में रोहिणी से क्या कहा, विस्तार से लिखो।

उत्तर : रोहिणी द्वारा पूछे जाने पर मिठाईवाले ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह भी अपने शहर का एक सम्मानित व्यक्ति हुआ करता था। उसके पास घर, व्यापार, वाहन और नौकर-चाकर जैसी सभी सुख-सुविधाएँ उपलब्ध थीं। उसकी एक सुंदर पत्नी और दो छोटे बच्चे थे, जो उसके प्राणों से भी प्यारे थे। बच्चे सोने के खिलौनों की तरह सजीव थे, जिनकी क्रीड़ाओं से घर गूँजता रहता था। परंतु विधाता के खेल और समय के चक्र के कारण अब उसकी दुनिया में कोई नहीं बचा है।

(ग) फेरी करने के पीछे फेरीवाले का उद्देश्य क्या था ? समझाकर लिखो।

उत्तर : फेरीवाले द्वारा फेरी लगाने का मुख्य उद्देश्य अन्य बच्चों की खुशी में अपने खोए हुए बच्चों की झलक पाना था। किसी समय वह भी एक संपन्न व्यक्ति था, जिसका अपना एक खुशहाल परिवार, व्यापार और दो प्यारे बच्चे थे। भाग्य की विडंबना से उसका वह सुखी संसार उजड़ गया। अपने प्राण न त्याग पाने के कारण, वह अब गली-गली घूमकर बच्चों के बीच अपने बच्चों को तलाशता है, जिससे उसकी पीड़ित आत्मा को थोड़ी शांति मिल सके।

(घ) फेरीवाला बच्चों के सामने कितने रूपों में आया था ? विजय बाबू की बात पर उसने क्या जवाब दिया था ?

उत्तर : फेरीवाला बच्चों के समक्ष तीन अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत हुआ था—पहले खिलौनेवाले के रूप में, फिर मुरलीवाले के रूप में, और अंततः मिठाईवाले के रूप में। विजय बाबू की बातें सुनकर मुरलीवाला थोड़ा असहज हुआ और बोला, “बाबूजी, आपको इसकी वास्तविक लागत का ज्ञान नहीं है। ग्राहकों की यह मानसिकता होती है कि विक्रेता नुकसान सहकर भी सामान दे, तब भी उन्हें लगता है कि वह ठग रहा है। आपको शायद यकीन न हो, किंतु सच में इसकी मूल कीमत दो पैसे ही है। मैंने एक साथ एक हजार पीस बनवाए थे, इसलिए मुझे यह इतने सस्ते भाव में पड़ी है।”

4. सही उत्तर दो :

(क) “मेला घोला कैस छुन्दल ए।” किसने कब कहा था ?

उत्तर : यह वाक्य चुन्नू ने तब कहा था, जब वह नया खिलौना खरीद कर लाया था।

(ख) “तुमलोगों को झुठ बोलने की आदत ही होती है। देते होंगे सबी का दो-दो पैसे में, पर एहसान का बोझा मेरे ही ऊपर लाद रहे हो।”- किसने, किससे और किस प्रसंग में कहा था ?

उत्तर : यह कथन विजय बाबू द्वारा मुरली वाले से उस समय कहा गया था, जब वे दोनों मुरली की कीमत के विषय में बातचीत कर रहे थे।

(ग) “इन व्यवसायों में भला तुम्हें क्या मिलता होगा ?”

उत्तर : यह प्रश्न रोहिणी ने मिठाईवाले से उसके फेरी लगाकर सामान बेचने वाले व्यापार के संदर्भ में पूछा था।

(घ) “अर-अरे न-न अपने पैसे लिए जा भाई।” किसने, किससे कहा था ?

उत्तर : उपर्युक्त कथन दादी माँ द्वारा मिठाई विक्रेता को कहा गया था।

पाठ सं आगे:

(क) क्या तुम्हारे घर कभी फेरीवाला आता है? उनके साथ हमारा बर्ताव कैसा होना चाहिए? चर्चा करो।

उत्तर : हाँ, हमारे घर पर अक्सर कोई न कोई फेरीवाला सामान बेचने आता रहता है। उनके प्रति हमारा व्यवहार हमेशा विनम्र और शालीन होना चाहिए। मानवता के नाते हमें यह समझना चाहिए कि वे भी इंसान हैं, अतः उनके साथ कभी भी कठोर या अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

(ख) फेरीवाले के आने से तुम्हारे मन को कैसा लगता है? उनसे क्या-क्या लेते हो ? क्या कभी उनके बारे में जानने की कोशिश की है? बताओ।

उत्तर : फेरीवाले की आवाज सुनकर मन में एक अजीब सी उत्सुकता जागृत होती है। हम घर की जरूरत के अनुसार उनसे बर्तन, कपड़े, या फल जैसी चीजें खरीदते हैं। सच कहा जाए तो, हमने आज तक कभी उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में गहराई से जानने का प्रयास नहीं किया है।

(ग) पूर्वोत्तर में प्रचलित त्यौहारों के नाम लिखकर उन सबके बारे में जनकारी प्राप्त करने की कोशिश करो।

*(छात्र इस प्रश्न का उत्तर स्वयं जानकारी एकत्रित करके दें।)*

भाषा-अध्ययन:

संधि

5. संधि किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं? प्रत्येक भेद का एक-एक उदाहरण दो।

उत्तर : दो वर्णों के परस्पर मेल से उत्पन्न विकार या परिवर्तन को संधि कहा जाता है। संधि मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

6. स्वर संधि: दो स्वरों के आपस में मिलने से होने वाले परिवर्तन को स्वर संधि कहते हैं। 

जैसे- विद्या + अर्थी = विद्यार्थी।

7. व्यंजन संधि: किसी व्यंजन का किसी स्वर या अन्य व्यंजन से मेल होने पर जो विकार उत्पन्न होता है, वह व्यंजन संधि कहलाता है। जैसे- 

दिक् + अम्बर = दिगम्बर।

8. विसर्ग संधि: विसर्ग (:) के बाद स्वर या व्यंजन आने पर होने वाले परिवर्तन को विसर्ग संधि कहा जाता है। 

जैसे- मनः + बल = मनोबल।

9. संधि विच्छेद करो :

नमस्कार, पवन, गजानन, अभीष्ट, सतीश, रवीन्द्र, सूर्योदय, पावन, हितोपदेश, चयन, नाविक, मतैक्य, महौषध, भावुक, नयन, नायिका।

उत्तर :

नमस्कार = नमः + कार

पवन = पो + अन

गजानन = गज + आनन

अभीष्ट = अभि + इष्ट

सतीश = सती + ईश

रवीन्द्र = रवि + इन्द्र

सूर्योदय = सूर्य + उदय

पावन = पौ + अन

हितोपदेश = हित + उपदेश

चयन = चे + अन

नाविक = नौ + इक

मतैक्य = मत + ऐक्य

महौषध = महा + औषध

भावुक = भौ + उक

नयन = ने + अन

नायिका = नै + इका

10. संधि जोड़ो:

चर + अचर =

घर्म + अर्थ =

रमा + ईश =

सम् + वाद =

सम् + लाप =

वाक् + मय =

तत् + लीन =

निः + पाप =

निः + रस =

परम + ऐश्वर्य =

इति + आदि =

परि + आवरण =

उत् + लेख =

सत् + जन =

निः + रोग =

उत् + चारण =

सम् + ध्या =

अति + अधिक =

उत्तर :

चर् + अचर = चराचर

धर्म + अर्थ = धर्मार्थ

रमा + ईश = रमेश

सम् + वाद = संवाद

सम् + लाप = संलाप

वाक् + मय = वाङ्मय

तत् + लीन = तल्लीन

निः + पाप = निष्पाप

निः + रस = नीरस

परम + ऐश्वर्य = परमैश्वर्य

इति + आदि = इत्यादि

परि + आवरण = पर्यावरण

उत् + लेख = उल्लेख

सत् + जन = सज्जन

निः + रोग = नीरोग

उत् + चारण = उच्चारण

सम् + ध्या = संध्या

अति + अधिक = अत्यधिक

11. निम्नलिखित शब्दों के अर्थ-भेद लिखो : (पुनरुक्त शब्द)

(क) दिन    दीन

(ख) प्रसाद    प्रासाद

(ग) पानी    पाणि

(घ) बलि    बली

(ड़) नीर    नीड़

(च) कोश    कोष

(छ) शुचि    सूची

(ज) सर            शर

(झ) वसन         व्यसन

(ञ) बदन         वदन

(ट) सुर           शूर

(ठ) शाला       साला

(ड) हरि          हरी

(ढ) हंसी        हँसी

उत्तर :

(क) दिन – दिवस / वार, दीन – गरीब / असहाय

(ख) प्रसाद – कृपा / भगवान का भोग, प्रासाद – राजमहल

(ग) पानी – जल, पाणि – हाथ

(घ) बलि – आहुति / बलिदान, बली – शक्तिशाली / ताकतवर

(ङ) नीर – जल, नीड़ – पक्षी का घोंसला

(च) कोश – शब्द-संग्रह (डिक्शनरी), कोष – खजाना / भंडार

(छ) शुचि – पवित्र / शुद्ध, सूची – तालिका / विषय-क्रम

(ज) सर – तालाब / सरोवर, शर – तीर / बाण

(झ) वसन – वस्त्र / कपड़े, व्यसन – बुरी लत / आदत

(ञ) बदन – शरीर / देह, वदन – मुख / चेहरा

(ट) सुर – देवता, शूर – वीर / योद्धा

(ठ) शाला – भवन / रहने का स्थान, साला – पत्नी का भाई

(ड) हरि – भगवान विष्णु, हरी – हरे रंग की / हरियाली

(ढ) हंसी – मादा हंस, हँसी – मुस्कुराने या हँसने की क्रिया

9. विलोम शब्द लिखो: 

एक, राजा, अनुज, अनुराग, अनिवार्य, उधार, अपेक्षा, आभ्यंतर आयात, आय, इच्छा, आदान, अमृत, अल्पायु, अनुकूल, अपना, आदर

उत्तर :

एक

अनुज

अनिवार्य

अपेक्षा

आयात

इच्छा

अमृत

अनुकूल

आदर

अनेक

अग्रज

परिहार्य

उपेक्षा

नियोत

अनिच्छा

विष

प्रतिकूल

अनादर

राजा

अनुराग

उधार

आभ्यंतर

आय

आदान

अल्पायु

अपना

रंक

विराम

नगद

निरंतर

व्यय

प्रदान

दिर्घायु

पराया



Vibrant Note Box
Note – If you find any mistakes in this chapter, please let us know or correct them yourself while reading. Thank you!
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ২ (मिठाईवाला) – সঘনাই সোধা প্ৰশ্ন (FAQs)
‘मिठाईवाला’ পাঠটিৰ মূল বিষয়বস্তু কি?
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ অন্তৰ্ভুক্ত এই পাঠটিত এজন মানুহৰ নিস্বার্থ মৰম, শিশুসকলৰ প্ৰতি থকা চেনেহ আৰু তেওঁৰ অন্তৰ্নিহিত বেদনাৰ এক সুন্দৰ আৱেগিক কাহিনী বৰ্ণনা কৰা হৈছে।
এই সমাধানটোত কি কি অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে?
ইয়াত পাঠ্যপুথিৰ সকলো অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন, MCQ তথা ব্যাকৰণৰ সম্পূৰ্ণ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।
এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহ কি অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা হৈছে?
হয়, এই সকলোবোৰ সমল অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শেহতীয়া নিয়মাৱলী অনুসৰি সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
এই অধ্যায়ৰ পৰা পৰীক্ষাত কেনেধৰণৰ প্ৰশ্ন আহিব পাৰে?
এই অধ্যায়ৰ পৰা চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, বহুবিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQ) আৰু পাঠভিত্তিক শব্দাৰ্থ বা চৰিত্ৰভিত্তিক প্ৰশ্ন সচৰাচৰ পৰীক্ষাত সোধা হয়।

EduAssam Solution App

Your complete digital learning solution.

Free Notes Mock Tests Q-Bank
Download Now
10k+ Students

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top