Class 7 Hindi Chapter 5 मत बाँटो इन्सान को Solutions | AJB Assam
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৫ – मत बाँटो इन्सान को সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (AJB Assam)
সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ পঞ্চম অধ্যায় ‘मत बाँटो इन्सान को’ মানৱতা, ভাতৃত্ববোধ আৰু একতাৰ বাৰ্তা কঢ়িওৱা এখন অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ কবিতা। অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) শেহতীয়া নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 5 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, ব্যাকৰণ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ অতি সহজ আৰু নিৰ্ভুলভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে ঘৰতে বহি সুন্দৰভাৱে অনুশীলন কৰিব পাৰে।
‘मत बाँटो इन्सान को’ নামৰ এই কবিতাটিত মানুহক জাতি, ধৰ্ম বা বৰ্ণৰ ভিত্তিত বিভাজন নকৰি সকলোকে এক হৈ বসবাস কৰাৰ লগতে মানৱ প্ৰেমৰ এক সুন্দৰ বৰ্ণনা দাঙি ধৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই কবিতাটিৰ মূল ভাৱ, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- কবিতাটিৰ মূল ভাৱ, মানৱতাৰ জয়গান আৰু সাম্যবাদী চিন্তাৰ স্পষ্ট বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ, বাক্য ৰচনা, সমাৰ্থক আৰু বিপৰীত শব্দৰ সঠিক জ্ঞান।
- পৰীক্ষাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু তাৰ উত্তৰ।
- নতুন আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ বহু-বিকল্পী প্ৰশ্নৰ (MCQs) সম্পূৰ্ণ সমাধান।
অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- শেহতীয়া AJB নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
- ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে বুজিব পৰাকৈ সৰল ভাষাত যুগুতোৱা উন্নত মানৰ নোটছ (Class 7 Hindi Notes)।
- পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে প্ৰস্তুত কৰা সহজ-সৰল উত্তৰ।
- হিন্দী ভাষাৰ ভয় দূৰ কৰি বিষয়টোৰ প্ৰতি আগ্ৰহ বঢ়াবলৈ ব্যৱহাৰিক উদাহৰণৰ সহায়ত বুজোৱা সমাধান।
ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।
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AJB Class 7: Hindi
मत बाँटो इन्सान को
Texual Solutions
1. निम्नलिखित प्रश्नों का संक्षेप में उत्तर लिखोः
i) कवि के अनुसार भगवान को किसने बाँटा है?
उत्तरः कवि के अनुसार, ईश्वर को मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर के रूप में बाँट दिया गया है।
ii) किसके बिना यह जग सूना है?
उत्तरः प्रेम के अभाव में यह संपूर्ण संसार सूना प्रतीत होता है।
iii) प्यासी चट्टान को हमें क्या देना हैं?
उत्तरः हमें प्यासी चट्टान को प्रेम रूपी जल अर्पित करना है।
iv) किसकी मुसकान को कोई रौंद न पाएगा ?
उत्तरः मौसम की प्यारी मुस्कान को कोई भी कुचल नहीं सकेगा।
2. निम्नलिखित प्रश्नों का विस्तार से उत्तर लिखोः
i) मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर ने भगवान को किसप्रकार से बाँटा है?
उत्तरः ईश्वर केवल एक है। लेकिन मंदिर को हिंदुओं का, मस्जिद को मुसलमानों का और गिरजाघर को ईसाइयों का स्थान बताकर लोगों ने भगवान को अलग-अलग हिस्सों में बाँट दिया है।
ii) ‘उजियाली महलों में बंदी
हर दीपक मजबूर है।’
इसमें कवि का अभिप्राय बताओ।
उत्तरः इस पंक्ति से कवि का आशय यह है कि रोशनी केवल महलों तक ही सीमित रह गई है और प्रत्येक दीपक बेबस है। यहाँ ‘महलों’ का अर्थ मंदिर, मस्जिद तथा गिरजाघरों से है, जबकि ‘दीपक’ का तात्पर्य आम लोगों से है। इन धार्मिक स्थलों के प्रकाश के सामने बेचारी साधारण जनता पूरी तरह से विवश और लाचार हो गई है।
iii) ‘धरती बाँटी सागर बाँटा
मत बाँटो इन्सान को।’
उत्तरः कवि का कहना है कि विभिन्न धर्मों के मानने वालों ने पृथ्वी को मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर जैसे हिस्सों में विभाजित कर लिया है। समुद्र की भी ठीक यही स्थिति कर दी गई है। अतः कवि अपनी पीड़ा प्रकट करते हुए कहते हैं कि कम से कम आम मनुष्यों के हृदय में नफरत का बीज तो मत बोओ और इंसानों का बँटवारा अब बंद कर दो।
3. प्रस्तुत कविता का सस्वर पाठ करो।
उत्तरः विद्यार्थीगण स्वयं इसका अभ्यास करें।
4. इस कविता का सारांश लिखो।
उत्तरः कृपया कविता का सारांश पढ़ें।
5. राष्ट्रीय एकता का स्वर बढ़ानेवाली ऐसी अन्य कविताएँ कक्षा में सुनाओ।
उत्तरः छात्र-छात्राएँ स्वयं कक्षा में प्रस्तुत करें।
6. सोचो और बताओ :
राष्ट्रीय अखंडता से तुम क्या समझते हो? इसे बनाये रखने के लिए तुम क्या करोगे ?
उत्तरः राष्ट्रीय अखंडता का तात्पर्य यह है कि हमारा देश कभी बँटे नहीं। इसे किसी भी रूप में विभाजित न होने देना ही अखंडता है। अपने राष्ट्र की अखंडता को सुरक्षित रखने हेतु हम अपने प्राण न्योछावर करने को भी तत्पर हैं। अब हम सपने में भी अपने देश का विभाजन नहीं देख सकते।
7. पर्यायवाची शब्द लिखो :
राष्ट्र, इन्सान, सूरज, जग, मुसकान, प्यार, एकता।
उत्तरः
राष्ट्र – देश, वतन
इन्सान – मनुष्य, मानव, आदमी
सूरज – सूर्य, रवि, दिनकर, दिवाकर, भानु
जग – संसार, विश्व, दुनिया, जगत
मुसकान – हँसी, प्रसन्नता
प्यार – प्रेम, मुहब्बत
एकता – एका, एकजुटता, समवाय
8. भाव-पल्लवन करो :
‘आप भला तो जग भला।’
उत्तरः यह एक प्रसिद्ध लोकोक्ति है। ‘लोकोक्ति’ का तात्पर्य जनसाधारण में प्रचलित कथन से होता है। इस कहावत का मुख्य भाव यह है कि यदि आपका अपना स्वभाव अच्छा है, तो आपको यह पूरी दुनिया ही अच्छी और भली दिखाई देगी।




