Class 7 Hindi Chapter 7 योग और हम Solutions | AJB Assam
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৭ – योग और हम সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (AJB Assam)
সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ সপ্তম অধ্যায় ‘योग और हम’ আমাৰ দৈনন্দিন জীৱনত যোগাভ্যাসৰ গুৰুত্ব সম্পৰ্কীয় এখন অতি শিক্ষামূলক পাঠ। অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) শেহতীয়া নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 7 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, ব্যাকৰণ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ অতি সহজ আৰু নিৰ্ভুলভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে ঘৰতে বহি সুন্দৰভাৱে অনুশীলন কৰিব পাৰে।
‘योग और हम’ নামৰ এই পাঠটিত শাৰীৰিক আৰু মানসিক স্বাস্থ্য অটুট ৰখাত যোগ আৰু প্ৰাণায়ামৰ ভূমিকা, ইয়াৰ সুফল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ জীৱনত ইয়াৰ প্ৰয়োজনীয়তাৰ বিষয়ে বিতংভাৱে আলোচনা কৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল ভাৱ, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- পাঠটিৰ মূল বিষয়বস্তু, যোগাভ্যাসৰ গুৰুত্ব আৰু স্বাস্থ্য ৰক্ষাৰ উপায়সমূহৰ স্পষ্ট বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ, বাক্য ৰচনা, সমাৰ্থক আৰু বিপৰীত শব্দৰ সঠিক জ্ঞান।
- পৰীক্ষাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু তাৰ উত্তৰ।
- নতুন আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ বহু-বিকল্পী প্ৰশ্নৰ (MCQs) সম্পূৰ্ণ সমাধান।
অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- শেহতীয়া AJB নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
- ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে বুজিব পৰাকৈ সৰল ভাষাত যুগুতোৱা উন্নত মানৰ নোটছ (Class 7 Hindi Notes)।
- পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে প্ৰস্তুত কৰা সহজ-সৰল উত্তৰ।
- হিন্দী ভাষাৰ ভয় দূৰ কৰি বিষয়টোৰ প্ৰতি আগ্ৰহ বঢ়াবলৈ ব্যৱহাৰিক উদাহৰণৰ সহায়ত বুজোৱা সমাধান।
ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।
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AJB Class 7: Hindi
योग और हम
Texual Solutions
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखोः
i) पाठ में अच्छे स्वास्थ का क्या रहस्य बताया गया है?
उत्तरः योगासनों का अभ्यास करने से तन और मन की थकावट मिट जाती है और शरीर में चुस्ती तथा स्फूर्ति का संचार होता है। योग विभिन्न आसनों का एक खजाना है। उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हेतु व्यायाम करना ही निरोगी जीवन का मुख्य रहस्य है।
ii) व्यायाम क्यों आवश्यक है?
उत्तरः व्यायाम करना इसलिए नितांत जरूरी है, क्योंकि इसके द्वारा हमारा तन और मन दोनों ही पूरी तरह निरोगी रहते हैं।
iii) व्यायाम कब करना चाहिए?
उत्तरः व्यायाम हमेशा नहाने से पूर्व करना चाहिए। भोजन करने से पहले ही व्यायाम करना उचित होता है। अतः प्रातः काल का समय व्यायाम हेतु सबसे उत्तम माना जाता है।
iv) योगाभ्यास के कुछ फायदे बताओ।
उत्तरः योगाभ्यास करने के कई लाभ हैं, जिनमें मन का एकाग्रचित्त होना, शरीर का मजबूत बनना, हाजमे (पाचन तंत्र) का दुरुस्त होना, उम्र में वृद्धि और सर्वांगीण विकास होना मुख्य रूप से शामिल हैं।
v) व्यायाम किसे कहते हैं?
उत्तरः शरीर के विभिन्न अंगों द्वारा उचित तरीके से मेहनत या श्रम करने की प्रक्रिया को ही व्यायाम कहा जाता है।
vi) व्यायाम के तुरंत बाद स्नान क्यों हानिकारक है?
उत्तरः कसरत करने से शरीर के सारे अंगों का तापमान बढ़ जाता है और गर्मी पैदा होती है। स्नान के नियमानुसार शरीर के सामान्य तापमान पर नहाना उचित होता है। अतः कसरत के एकदम पश्चात नहाना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
vii) खाने के बाद व्यायाम क्यों करना नहीं चाहिए ?
उत्तरः भोजन के उपरांत कसरत करने से हमारे पाचन तंत्र पर ज्यादा जोर और बुरा असर पड़ता है, जिसके फलस्वरूप पेट संबंधी बीमारियाँ उत्पन्न हो जाती हैं। इसी कारण से खाना खाने के पश्चात व्यायाम करने की मनाही है।
viii) व्यायाम को हम कितनी श्रेणीयों में विभक्त कर सकते हैं ?
उत्तरः हम व्यायाम को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँट सकते हैं। पहली श्रेणी के अंतर्गत वे व्यायाम आते हैं जिनमें शारीरिक अंगों को ज्यादा ताकत का प्रयोग नहीं करना पड़ता है। उदाहरण के लिए- टहलना, दौड़ लगाना, उठक-बैठक करना, रस्सी कूदना इत्यादि। वहीं, दूसरी श्रेणी में वे व्यायाम शामिल हैं जिनमें अंगों को अतिरिक्त बल लगाना पड़ता है; जैसे- कुश्ती लड़ना, तैराकी करना, भारी वजन उठाना इत्यादि।
ix) टिप्पनी लिखो पद्मासन, वज्रासन और शवासन।
उत्तरः पद्मासन: जमीन पर बैठकर सर्वप्रथम बाएँ पैर को मोड़ें और एड़ी को नाभि के समीप लाएँ, तत्पश्चात दाएँ पैर की एड़ी को भी उसी तरह नाभि के पास टिका लें। इस अवस्था में नाभि दोनों एड़ियों के मध्य में होती है। दोनों हाथों को घुटनों के ऊपर टिकाकर और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखकर सामने की ओर देखते हैं। इस योगासन से हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी मजबूत एवं तंदुरुस्त रहती है, पाचन शक्ति बढ़ती है और मन एकाग्र तथा शांत रहता है। प्राचीन काल में तपस्वी इसी मुद्रा में बैठकर ईश्वर की आराधना करते थे। इसे कमलासन के नाम से भी जाना जाता है।
वज्रासन: जमीन पर घुटनों के बल बैठें और दोनों पैरों के पंजों को पलटकर मोड़ लें। तत्पश्चात अपने दोनों पैरों के ऊपर बैठ जाएँ। अब अपने दोनों हाथों को घुटनों के ऊपर टिकाकर और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखकर सामने की तरफ देखें। इस योग से शरीर हष्ट-पुष्ट बनता है तथा पाचन क्षमता मजबूत होती है। यह इकलौता ऐसा योगासन है जिसे भोजन करने के उपरांत भी किया जा सकता है।
शवासन:जमीन पर पीठ के बल सीधे लेट जाएँ, दोनों पैरों को एक-दूसरे से मिला लें और हाथों को इस तरह रखें कि हथेलियों का रुख आसमान की तरफ हो। तत्पश्चात शरीर के समस्त अंगों और मन को पूरी तरह से शिथिल या ढीला छोड़ दें। इस आसन का अभ्यास करने से शारीरिक और मानसिक थकावट मिट जाती है एवं शरीर में नई ऊर्जा तथा ताजगी का संचार होता है।
2. निम्नलिखित खाली जगहों की पूर्ति करो :
i) व्यायाम_____ करना चाहिए। (प्रतिदिन कभी-कभी)
उत्तरः व्यायाम प्रतिदिन करना चाहिए।
ii) व्याम करने से अंगो में ____आती है। (गर्मी / ठण्डी)
उत्तरः व्यायाम करने से अंगों में गर्मी आती है।
iii) व्यायाम ______,करना चाहिए।(खुली जगह में / बंद जगह में)
उत्तरः व्यायाम खुली जगह में करना चाहिए।
iv) योग हमारा ______,विकास करता है।(चहुँमुखी / एकतरफा)
उत्तर : योग हमारा चहुँमुखी विकास करता है।
v) योग डर से छुटकारा दिलाकर______, हमें बनाता है। (निडर / डरपोंक)
उत्तरः योग डर से छुटकारा दिलाकर हमें निडर बनाता है।
vi) व्यायाम शारीरिक और मानसिक______, का मूल है। / अवनति) (उन्नति
उत्तरः व्यायाम शारीरिक और मानसिक उन्नति का मूल है।
3. व्याख्यामूलक प्रश्न :
(क) ‘पाश्चात्य सभ्यता के बढ़ते प्रभाव ने इस और से कुछ समय के लिए ध्यान हटा दिया था। लेकिन अब फिर लोग अपनी भारतीयता की धरोहर को पहचानने लगे हैं।’
(i) पाश्चात्य सभ्यता किसे कहा गया है?
उत्तरः पाश्चात्य सभ्यता से तात्पर्य पश्चिमी मुल्कों की संस्कृति और रहन-सहन से है।
(ii) पाश्चात्य प्रभाव पड़ने पर क्या हुआ था ?
उत्तरः पश्चिमी संस्कृति का असर होने के कारण लोग अपनी प्राचीन योग परंपरा को भूलने लगे थे।
(iii) ‘अपनी भारतीयता की धरोहर को पहचानने लगे है’ से लेखक, क्या कहना चाहते हैं?
उत्तरः इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पश्चिमी संस्कृति ने हमारी भारतीय संस्कृति पर गहरी चोट की थी। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि लोगों को अपने भारतीय होने पर हीन भावना महसूस होने लगी थी। लोग हमारी प्राचीन धरोहर ‘योग’ को विस्मृत करने लगे थे, फलस्वरूप हमारा शरीर बीमारियों का अड्डा बन गया था। परंतु वर्तमान में स्थिति पुनः सुधरने लगी है। लोग अब योग के विषय में विमर्श करने लगे हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपनी भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर (योगासनों) के महत्व को दोबारा समझने लगे हैं।
(ख) ‘व्यायाम ही स्वस्थ जीवन का रहस्य है और मानसिक बल व शांति का साधन है।’
(i) ‘व्यायाम स्वस्थ जीवन का रहस्य है, से क्या मतलब है ?
उत्तरः इस कथन का आशय यह है कि व्यायाम करने से हमारा शरीर पूर्ण रूप से निरोगी रहता है। यह हमारे मन को असीम शांति प्रदान करता है और इससे व्यक्ति का चहुँमुखी विकास संभव हो पाता है।
(ii) मानसिक बल और शान्ति का साधन क्या है?
उत्तरः कसरत अथवा व्यायाम ही वह मुख्य माध्यम है जिससे मानसिक शक्ति और शांति प्राप्त होती है।
(iii) मानसिक बल और शारीरिक बल में क्या अन्तर हैं?
उत्तरः मानसिक बल से तात्पर्य है ‘बुद्धि से शक्तिशाली’ अर्थात ज्ञानी होना। वहीं, शारीरिक बल का तात्पर्य है ‘तन से ताकतवर’ अर्थात एक योद्धा के समान होना। इन दोनों के मध्य मुख्य भेद यह है कि एक ज्ञानी व्यक्ति (मानसिक रूप से बलवान) हर स्थान पर पूजा और सम्मानित जाता है, तथा अपनी विद्वता के प्रयोग से वह किसी को भी अपने वश में करके परास्त कर सकता है। इसके विपरीत, केवल शारीरिक रूप से मजबूत व्यक्ति की ख्याति सिर्फ उसके अपने इलाके तक ही सीमित रहती है और उसे वहीं आदर प्राप्त होता है। अतः शारीरिक बल की तुलना में मानसिक बल कहीं अधिक श्रेष्ठ है। जैसा कि संस्कृत श्लोक में कहा गया है- ‘स्वदेशे पूज्यते राजा, विद्वान सर्वत्र पूज्यते’।
5. निम्नलिखित शब्दों से वाक्य बनाओ :
तन-मन, धरोहर, मानसिक, योगाभ्यास, एकाग्र, आपस में, प्रतिदिन, परिणाम, सभ्यता, जीवन-भर।
उत्तरः
तन-मन: हमें तन-मन से अपने राष्ट्र की सेवा में जुटना चाहिए।
धरोहर: योगाभ्यास हमारी भारतभूमि की एक अनमोल धरोहर है।
मानसिक: व्यायाम ही वह प्रमुख साधन है जो हमें मानसिक शांति प्रदान करता है।
योगाभ्यास: हमारे देश भारत में प्राचीन काल से ही योगाभ्यास करने की परंपरा रही है।
एकाग्र: कोई भी व्यायाम हमेशा एकाग्रचित्त होकर ही करना चाहिए।
आपस में: शवासन का अभ्यास करते समय दोनों पैरों को आपस में सटाकर रखा जाता है।
प्रतिदिन: उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए।
परिणाम: भोजन के तुरंत बाद कसरत करने के परिणामस्वरूप पेट में विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
सभ्यता: पाश्चात्य सभ्यता ने हमारे पारंपरिक व्यायाम पर बहुत बुरा असर डाला था।
जीवन-भर: जो व्यक्ति नियमित व्यायाम करता है, वह जीवन-भर निरोगी रहता है।
6. ‘करण कारक’ और ‘अपादान कारक’ में अंतरः
करण कारक में प्रयुक्त ‘से’ चिह्न किसी साधन या माध्यम को दर्शाता है, जबकि अपादान कारक में प्रयुक्त ‘से’ चिह्न किसी वस्तु के अलग होने (पृथक होने) का भाव प्रकट करता है। जैसे-
(i) वह गाड़ी से मुंबई गया। (करण कारक)
(ii) वह गाड़ी से गिर गया। (अपादान कारक)
(iii) वह मुंबई से आया है। (अपादान कारक)
(iv) वह बस से आया है। (करण कारक)
अपनी ओर से ऐसे छः वाक्य बनाओ :
करण कारक की मुख्य पहचान ‘से’ अथवा ‘द्वारा’ है।
(i) हम गेंद से खेलते हैं। (करण कारक)
(ii) दर्जी कैंची से कपड़ा काटता है। (करण कारक)
(iii) वह रेल से दिल्ली गया है। (करण कारक)
अपादान कारक की विभक्ति ‘से’ है। पर यह अलग होने को दर्शाता है।
(iv) पेड़ से फल गिरते हैं। (अपादान कारक)
(v) गंगा हिमालय से निकलती है। (अपादान कारक)
(vi) वह साँप से डर गई। (अपादान कारक)
7. रेखांकित शब्द का लिंगपरिवर्तन करके रिक्त स्थान की पूर्ति करो :
(i) छोटी-सी बात को लेकर ननद और…..…में झगड़ा शुरु हो गया।
उत्तरः छोटी-सी बात को लेकर ननद और देवर में झगड़ा शुरु हो गया।
(ii) बाघ और…. . ने एक हिरण का शिकार किया।
उत्तरः बाघ और बाघिन ने एक हिरण का शिकार किया।
(iii) ठाकुर और…….. दोनों ही क्रोधी स्वभाव के है।
उत्तरः ठाकुर और ठकुराइन दोनों ही क्रोधी स्वभाव के है।
(iv) उसका पुत्र……… है और पुत्री आज्ञाकारिणी।
उत्तरः उसका पुत्र आज्ञाकारी है और पुत्री आज्ञाकारिणी।
(v) पेड़ पर बंदर और……… आम खा रहे हैं।
उत्तरः पेड़ पर बंदर और बंदरिया आम खा रहे हैं।
(vi) राजीव एक तेज वक्ता है और उसकी बेटी प्रियंका भी एक तेज…….. है।
उत्तरः राजीव एक तेज वक्ता है और उसकी बेटी प्रियंका भी एक तेज वक्त्री है।
9. सोचो और लिखो :
(i) व्यायाम कब लाभदायक और कब हानिकारक बनता है? समझाकर लिखो :
उत्तरः यदि व्यायाम प्रतिदिन स्नान करने तथा भोजन करने से पहले किया जाए, तो यह शरीर के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। चूँकि कसरत करने से शरीर के समस्त अंगों का तापमान बढ़ जाता है, अतः कसरत के एकदम बाद स्नान करना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है। शरीर के सामान्य तापमान पर आने के बाद नहाना ही उचित है। इसके अतिरिक्त, भोजन के तुरंत पश्चात कसरत करने से हमारे पाचन तंत्र पर बुरा दबाव पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप पेट से जुड़ी बीमारियाँ जन्म ले सकती हैं।
(ii) तुम कौन-कौन से व्यायाम कब करते हो ? एक तालिका प्रस्तुत करो।
उत्तरः विद्यार्थीगण अपनी दिनचर्या के अनुसार इस तालिका का निर्माण स्वयं करें।




