Class 7 Hindi Chapter 8 ओणम Solutions | AJB Assam
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৮ – ओणम (Onam) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (AJB Assam)
সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ অষ্টম অধ্যায় ‘ओणम’ এখন অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ আৰু জ্ঞানগৰ্ভ পাঠ। অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) শেহতীয়া নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 8 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, ব্যাকৰণ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ অতি সহজ আৰু নিৰ্ভুলভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে ঘৰতে বহি সুন্দৰভাৱে অনুশীলন কৰিব পাৰে।
‘ओणम’ নামৰ এই পাঠটিত ভাৰতৰ দক্ষিণৰ ৰাজ্য কেৰেলাৰ প্ৰধান বাৰ্ষিক উৎসৱ ওণাম, ইয়াৰ সাংস্কৃতিক গুৰুত্ব, পৌৰাণিক কাহিনী (ৰজা মহাবলীৰ কাহিনী) আৰু পৰম্পৰাগত উদযাপনৰ এক মনোৰম বৰ্ণনা দাঙি ধৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল বিষয়বস্তু, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- ওণাম উৎসৱৰ ইতিহাস, ৰজা মহাবলীৰ পৌৰাণিক কাহিনী আৰু সাংস্কৃতিক গুৰুত্বৰ স্পষ্ট বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ, বাক্য ৰচনা, সমাৰ্থক আৰু বিপৰীত শব্দৰ সঠিক জ্ঞান।
- পৰীক্ষাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু তাৰ উত্তৰ।
- নতুন আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ বহু-বিকল্পী প্ৰশ্নৰ (MCQs) সম্পূৰ্ণ সমাধান।
অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- শেহতীয়া AJB নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
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ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।
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AJB Class 7: Hindi
ओणम
Texual Solutions
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो :
(i) ‘ओणम’ किस प्रदेश का त्यौहार है?
उत्तरः ‘ओणम’ केरल राज्य का प्रमुख पर्व है।
(ii) महाबलि कौन थे ?
उत्तरः महाबलि एक अत्यंत वीर और प्रतापी सम्राट थे।
(iii) महाबलि क्या सोचते थे ?
उत्तरः महाबलि का यह मानना था कि इस पूरी पृथ्वी पर उनके समान कोई दूसरा दानी नहीं है।
(iv) विष्णु भगवान ने फिर क्या किया ?
उत्तरः तत्पश्चात भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर राजा महाबलि को पाताल लोक भेज दिया।
(v) वामन अवतार ने महाबलि से क्या माँगा ?
उत्तरः वामन अवतार रूपी भगवान ने राजा महाबलि से तीन कदम जमीन की माँग की।
(vi) महाबलि ने वरदान रूप में वामन देवता से क्या माँगा ?
उत्तरः महाबलि ने वामन देवता से वरदान के तौर पर वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने की अनुमति माँगी।
(vii) ‘ओणम’ का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?
उत्तरः ऐसी मान्यता है कि राजा महाबलि हर साल अपनी जनता से भेंट करने केरल पधारते हैं, और उन्हीं के स्वागत की खुशी में ‘ओणम’ का पर्व मनाया जाता है।
(viii) केरल के विासी किसे ‘ओणम’ का देवता मानते है ?
उत्तरः केरल के निवासी ‘तृवकाक्करा’ नामक ग्राम में स्थित मंदिर के ईष्टदेव को ही ‘ओणम’ का आराध्य देव मानते हैं।
(ix) ‘ओणम’ का त्यौहार कितने दिनों तक मनाया जाता है?
उत्तरः ‘ओणम’ का यह उत्सव पूरे पाँच दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है।
(x) ‘ओणम’ त्यौहार के किस दिन को ‘तिरू ओणम’ कहते हैं ?
उत्तरः ‘ओणम’ पर्व के द्वितीय दिवस को ‘तिरु ओणम’ के नाम से जाना जाता है।
(xi) ‘ओणम’ के दिन खाने की क्या खास वस्तुएँ बनाई जाती है?
उत्तरः ‘ओणम’ के शुभ अवसर पर भोजन में विशेष तौर पर ‘षट्रस व्यंजनों’ का निर्माण किया जाता है।
(xii) सबसे अधिक आकर्षण से भरा कौन सा खेल केरल में होता हैं ?
उत्तरः केरल में सर्वाधिक आकर्षक और रोमांचक खेल ‘नौका दौड़’ का आयोजन किया जाता है।
(xiii) ‘ओणम’ का त्यौहार हमें कौन-सा संदेश देता हैं?
उत्तरः ‘ओणम’ का यह पर्व हमें आपसी मेलजोल और बंधुत्व की भावना का संदेश प्रदान करता है।
2. व्याख्यामूलक प्रश्न :
(क) ‘महात्मा, आप अपनी इच्छा से जो कुछ माँगेंगे मैं आपको वह सब दूँगा।’
(i) उपर्युक्त कथन किसने कब कहा था ?
उत्तरः जिस समय वामन देव ने दान हेतु पुकार लगाई, तब राजा महाबलि ने उनके समक्ष आकर यह वाक्य कहा था।
(ii) किसके समाने कहा था? दरअसल वह कौन था ?
उत्तरः यह वाक्य वामन देवता के सम्मुख बोला गया था। वास्तव में वे वामन का रूप धारण किए हुए साक्षात भगवान विष्णु ही थे।
(iii) वामन ने क्या माँगा ?
उत्तरः वामन देवता ने अपनी तपस्या के लिए केवल तीन कदम भूमि की याचना की।
(iv) क्या महाबलि दे पाये ? कैसे दिया, लिखो।
उत्तरः जी हाँ, महाबलि ने दान दिया। वामन देव ने पहले कदम में पूरी पृथ्वी नाप ली, दूसरे कदम में पूरा आकाश नाप लिया, और जब तीसरे कदम के लिए स्थान ही नहीं बचा, तब महाबलि ने अपना मस्तक उनके चरणों के नीचे रख दिया। इस प्रकार महाबलि ने अपना प्रण पूरा किया।
(ख) ‘प्रतिदिन सादा भोजन खाने वाले केरलवासी ओणम के दिन पट्रस व्यंजनों का भोजन तैयार करते हैं।’
(i) पट्रस व्यंजनों में क्या-क्या होते है ?
उत्तरः षट्रस भोजन के अंतर्गत मुख्य रूप से खीर, केले, नमकीन चीजें, अचार, पापड़, सांभर, खिचड़ी, पकौड़े, कढ़ी और चावल इत्यादि शामिल होते हैं।
(ii) किस दिन पट्टस व्यंजनों का भोजन तैयार किया जाता है ?
उत्तरः ‘ओणम’ पर्व के पावन अवसर पर ही यह षट्रस युक्त भोजन पकाया जाता है।
(iii) सादा भोजन से क्या मतलब है?
उत्तरः सादा भोजन से तात्पर्य उस दैनिक और सामान्य खान-पान से है, जिसका सेवन सभी लोग नियमित रूप से हर रोज करते हैं।
3. निम्नलिखित शब्दों से वाक्य बनाओ :
पर्व, उमंग, शुभारंभ, पराक्रमी, उपहास, माहौल, पर्यटक, वीर-गाथा, संदेश, प्रतियोगिता ।
उत्तरः
पर्व : ‘ओणम’ श्रावण महीने में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है।
उमंग : केरलवासी बहुत ही उमंग और उत्साह के साथ ओणम का उत्सव मनाते हैं।
शुभारंभ : नए साल का शुभारंभ ओणम के पावन पर्व के साथ ही माना जाता है।
पराक्रमी : राजा महाबलि को एक अत्यंत पराक्रमी शासक के रूप में जाना जाता था।
उपहास : महाबलि ने थोड़ा उपहास करते हुए हँसी-मजाक में ही अपनी सहमति प्रदान कर दी।
माहौल : पूरे शहर का माहौल एकदम वसंत ऋतु की तरह सुहावना प्रतीत होने लगता है।
पर्यटक : नौका दौड़ की प्रतिस्पर्धा देखने के लिए बाहरी पर्यटक भी यहाँ आते हैं।
वीर-गाथा : हमारे प्राचीन पुराणों में शूरवीरों की वीर-गाथाओं के ढेरों प्रसंग मिलते हैं।
संदेश : ‘ओणम’ का उत्सव पूरे समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देता है।
प्रतियोगिता : ‘ओणम’ के खास मौके पर ही प्रसिद्ध नौका दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन होता है।
4. निम्नलिखित सही वाक्यों के आगे ( ✔) का और गलत के आगै (x) का चिह्न लगाओ :
(i) वामन ने महाबलि से उनका राज-पाट माँग लिया था।
उत्तर: (x)
(ii) महाबलि महादानी थे।
उत्तरः (✔)
(iii) ओणम के पर्व पर महिलाएँ ‘कैकोटिकली’ नृत्य करती है।
उत्तर: (x)
(iv) ओणम का त्यौहार तीन दिन तक मनाया जाता है।
उत्तर: (x)
(v) केरल की राजधानी ‘वसंतपुरम्’ है।
उत्तरः (✔)
(vi) केरल में धान, नारियल और केले की खेदी होती है?
उत्तरः (✔)
5. निम्नलिखित संज्ञाओं के लिंग बदल कर लिखोः
मामा, सिंह, गुड्डा, बालक, बूढ़ा, गाय, रानी, शेरनी, पुजारिन,पहाड़।
उत्तरः
मामा – मामी
सिंह – सिंहनी
गुड्डा – गुड़िया
बालक – बालिका
बूढ़ा – बुढ़िया
गाय – बैल
रानी – राजा
शेरनी – शेर
पुजारिन – पुजारी
पहाड़ – पहाड़ (अपवाद स्वरूप अपरिवर्तित)
6. भारत के प्रमुख त्यौहारों के नाम लिखो :
उत्तरः बिहू, दीपावली, होली, दुर्गा पूजा, ओणम, दशहरा, ईद और क्रिसमस।
7. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखोः
आनन्द, प्रकाश, पवित्र, इच्छा, गंगा, मोर, दया, सरस्वती, तालाब, पुरस्कार।
उत्तरः
आनन्द: प्रसन्नता, हर्ष, प्रमोद।
प्रकाश: उजाला, ज्योति, आलोक, प्रभा, विभा।
पवित्र: पावन, साफ, स्वच्छ, निर्मल, अमल।
इच्छा: अभिलाषा, चाह, कामना, मनोरथ।
गंगा: देवनदी, सुरसरि, भागीरथी, जाह्नवी।
मोर: मयूर, सारंग, केकी।
दया: अनुकंपा, कृपा, अनुग्रह।
सरस्वती: वीणावादिनी, वीणापाणि, ज्ञानदायिनी।
तालाब: सरोवर, तड़ाग, जलाशय, पोखर, सर।
पुरस्कार: उपहार, ईनाम, भेंट।
8. निम्नलिखित वाक्यों की खाली चगहों पर सही कारक-चिह्न भरोः
(i) गुरुजी………. सेवा करो।
उत्तरः गुरुजी की सेवा करो।
(ii) अपने कर्तव्य ………पालन करो।
उत्तरः अपने कर्तव्य का पालन करो।
(iii) रात……… मैं सो नहीं पाया।
उत्तरः रात को मैं सो नहीं पाया।
(iv) बच्चों ! मेरी बात ध्यान……. सुनो।
उत्तरः बच्चों ! मेरी बात ध्यान से सुनो।
(v) महेश इस घर………….. रहता है।
उत्तरः महेश इस घर में रहता है।
(vi) शिक्षकों…….. छात्रों ………पढ़ाया था।
उत्तरः शिक्षकों ने छात्रों को पढ़ाया था।
(vii) ………भाई साहब ! उधर जाना मना है।
उत्तरः अरे भाई साहब ! उधर जाना मना है।
(viii) मैंने अपने मित्र………. उपहार खरीदा।
उत्तरः मैंने अपने मित्र के लिए उपहार खरीदा।
(ix) पुलिस………. चोर…….. डंडे ……..पीटा।
उत्तरः पुलिस ने चोर को डंडे से पीटा।
(x) श्रीकृष्ण…….. धर्म …….रक्षा …….अत्याचारी कंस …….मारा।
उत्तरः श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा के लिए अत्याचारी कंस को मारा।
9. अपने प्रिय त्यौहार पर एक निबंध लिखो : (कमसे कम डेढ़ सो शब्दों के भीतर)
उत्तरः दीपावली
रूपरेखा : (1) महत्व, (2) दीपावली क्यों मनाई जाती है, (3) आधुनिक दृष्टिकोण, (4) स्वच्छता का प्रतीक और विश्वास, (5) उपसंहार।
भारत पर्वों और उत्सवों का देश है, जहाँ विभिन्न महीनों में तरह-तरह के त्योहार मनाए जाते हैं। हिंदू धर्म के त्योहारों में दीपावली का एक विशिष्ट और अलग स्थान है। इसकी महत्ता और जनप्रियता जितनी अधिक है, उतनी शायद ही किसी अन्य पर्व की हो। यह त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन दीपमालाओं, मोमबत्तियों और रंग-बिरंगे बल्बों की रोशनी अमावस्या के घने अंधेरे को पूर्णिमा की चमक में बदल देती है। प्रकाश के इस उत्सव को भारत की लगभग हर जाति और समुदाय किसी न किसी रूप में अवश्य मनाती है। इस पर्व के पीछे अनेक पौराणिक मान्यताएँ और कथाएँ जुड़ी हुई हैं।
ऐसा माना जाता है कि इसी दिन महाराज युधिष्ठिर का राजसूय यज्ञ संपन्न हुआ था। साथ ही, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चौदह साल का वनवास पूरा करके अपनी पत्नी सीता जी के साथ इसी दिन अयोध्या वापस लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्या के लोगों ने पूरी नगरी को दीयों की रोशनी से दुल्हन की तरह सजा दिया था। हर घर में मिठाइयाँ बाँटी गई थीं। उसी समय से यह पर्व आनंद, हर्षोल्लास और सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाने लगा। चूँकि इसके मूल में भगवान राम की पावन विजय गाथा है, इसलिए यह हमें श्रीराम के लोकरक्षक स्वरूप की याद दिलाता है और उन्हीं के समान एक उत्तम भाई, पति व मित्र बनने की प्रेरणा देता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान आज ही के दिन माता लक्ष्मी भी प्रकट हुई थीं। माता लक्ष्मी की पूजा किए जाने के कारण यह आर्थिक संपन्नता का भी त्योहार माना जाता है। व्यापारी वर्ग इस दिन को बहुत ही शुभ मानता है। वे अपना साल भर का पुराना हिसाब-किताब चुकता करके इस दिन से नए बही-खातों की शुरुआत करते हैं। माता लक्ष्मी के स्वागत हेतु रात भर घरों के दरवाजे खुले रखे जाते हैं। यह खुशियों के साथ-साथ आर्थिक विकास और समृद्धि का भी सूचक है। राष्ट्र और समाज की खुशहाली को दर्शाने वाला यह पर्व बहुत ही सुंदर और महत्वपूर्ण है। इतने सद्गुणों से परिपूर्ण इस पर्व के साथ कुछ लोगों ने जुआ खेलने जैसी एक बुरी आदत भी जोड़ ली है। उनका ऐसा सोचना है कि इस दिन जुए में जीतने पर पूरे साल लक्ष्मी जी की कृपा उन पर बनी रहेगी। जबकि सत्य तो यह है कि देवी माँ की कृपा सभी पर एक समान रूप से बरसती है। अतः हमें ऐसी कुरीतियों से हमेशा दूर रहना चाहिए।




