Class 8 Hindi Chapter 1 – भारत हमको जान से प्यारा है (ভাৰত হমকো জান চে প্যাৰা হে) – All Textual Solutions | Sankardev Sishu Vidya Niketan (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন)
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১ – भारत हमको जान से प्यारा है (ভাৰত হমকো জান চে প্যাৰা হে) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ প্ৰথম অধ্যায় ‘भारत हमको जान से प्यारा है’ এখন অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ পাঠ। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (SVN) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 1 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions), বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) আৰু ব্যাকৰণৰ পুংখানুপুংখ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে।
‘भारत हमको जान से प्यारा है’ নামৰ এই পাঠটিত আমাৰ দেশ ভাৰতবৰ্ষৰ প্ৰতি থকা গভীৰ প্ৰেম, শ্ৰদ্ধা আৰু দেশভক্তিৰ এক সুন্দৰ বৰ্ণনা দাঙি ধৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল ভাৱ, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত (Textual Solutions) কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে সুন্দৰভাৱে প্ৰস্তুতি চলাব পাৰে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- কবিতাটিৰ মূল ভাৱ, দেশপ্ৰেম আৰু সাৰাংশৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
- দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ সহজ তথা মান্য সমাধান।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ আৰু ভাষিক জ্ঞানৰ সঠিক ধাৰণা।
- নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ অতিৰিক্ত প্ৰশ্নসমূহৰ লগতে শেহতীয়া আৰ্হিৰ MCQ প্ৰশ্নৰ সমাধান।
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শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, অষ্টম শ্ৰেণী: হিন্দী
भारत हमको जान से प्यारा है
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
१। सही कथनो के आगे (√) और गलत कथनों के आगे (x) का निशान लगाओः
(क) सबके लिए अपना देश जान से प्यारा होता है।
उत्तरः(√)
(ख) सदियों से भारत दुनिया का गौरव रहा है।
उत्तरः(√)
(ग) यह कोई नहीं चाहता कि उसका देश टुट कर अलग हो जाए।
उत्तरः(√)
(घ) हमारे देश में हिंन्दु-मुसलमानों में एकता नही है।
उत्तरः(x)
(ङ) हम सब भारतवासी है।
उत्तरः(√)
(च) भारत में अनेक भाषाएँ प्रचलित है।
उत्तरः(√)
संकेत : भारत हमको जान से …. जान से … ।
अर्थ : इन पंक्तियों के जरिए भारत देश की महिमा का बखान करते हुए इसकी हिफाजत के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर देने का संदेश दिया गया है। हमें अपनी मातृभूमि भारत अपने प्राणों से भी अधिक प्रिय है। यह एक अनोखे बाग के समान है। जिस प्रकार बगीचे में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल खिलकर उसकी सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं, ठीक उसी तरह भारत की अनेक जातियों और संप्रदायों से बनी सतरंगी संस्कृति इस देश का सौंदर्य बढ़ाती है। हमारी यही भारत भूमि पुराने समय से ही विश्व के लिए अभिमान का विषय रही है। इसलिए अपनी इस मातृभूमि की सुरक्षा हेतु प्राणों की आहुति देने से हमें कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। यह भारत देश हमें अपनी जान से भी ज्यादा अज़ीज़ है।
संकेत : उजड़े नहीं … जागो …।
अर्थ : दी गई पंक्तियों के द्वारा भारत देश की अटूट एकता को दर्शाया गया है। प्राचीन काल से ही भारतभूमि विभिन्न जातियों, संप्रदायों और अनेक भाषाएँ बोलने वाले लोगों का निवास स्थान रही है। इसी विविधता की वजह से बाग रूपी हमारे इस भारत देश की सुंदरता में निखार आया है। अतः यह खूबसूरत बाग कभी उजड़े नहीं और हमारा यह राष्ट्र कभी टुकड़ों में न बँटे, इसके लिए हमें हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए। कोई भी दुश्मन हमारे इस देश को नष्ट न कर पाए या इसे सूना न कर दे, इसके प्रति हमें सदैव सावधान रहना होगा। हमारे इसी भारत देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, बौद्ध और जैन जैसे कई धर्मों के लोग आज़ादी से अपने-अपने धर्मों का अनुसरण करते हैं तथा आपस में प्रेमभाव से मिलकर रहते हैं, जिसकी मिसाल आज भी हमें यहाँ के मंदिरों और मस्जिदों में देखने को मिल जाती है।
संकेत : हिन्दुस्तानी नाम … हमारा है।
अर्थ : इन पंक्तियों के जरिए हमारी मातृभूमि भारत की एकजुटता और हमारी मूल पहचान का बोध होता है। भारत देश में निवास करने वाले हर एक व्यक्ति की केवल एक ही पहचान है- हिंदुस्तानी या भारतवासी। यह वतन हमें अपने प्राणों से भी बढ़कर दुलारा है। यहाँ की अनेक सांस्कृतिक एवं सामाजिक खासियतों को ध्यान में रखते हुए हम बड़े गर्व के साथ कह सकते हैं कि यह महान देश हमारी जन्मभूमि है। इस भूमि पर रहने वाला हर भारतीय, भले ही उसकी भाषा, जाति, धर्म या संप्रदाय भिन्न क्यों न हो, हमेशा प्रेम से मिलजुलकर रहता है और किसी भी हालात का डटकर एकजुटता से मुकाबला करता है। इसीलिए भारत देश के हर एक नागरिक की सच्ची पहचान हिंदुस्तानी ही है।
संकेत : असम से… जागो…।
अर्थ : प्रस्तुत पंक्तियों के द्वारा भारत देश के विशाल विस्तार और सीमा का ज्ञान होता है। हमारा भारत देश कई राज्यों से मिलकर बना एक अखंड स्वरूप है। देश के पूर्वोत्तर हिस्से में बसे असम से लेकर पश्चिमी छोर पर स्थित गुजरात तक, और पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक भिन्न-भिन्न भाषाएँ बोलने वाले लोग निवास करते हैं। इसके बावजूद उनके स्वभाव, खान-पान और पहनावे आदि में गहरे तालमेल और एकता की भावना साफ नज़र आती है। ठीक इसी तरह उत्तरी दिशा में कश्मीर से लेकर दक्षिणी भाग में मद्रास तक के निवासियों के बीच सांस्कृतिक व सामाजिक स्तर पर भी अद्भुत समानता दिखती है, जो कि भारतीय संस्कृति का एक अटूट हिस्सा है। इस बात से यह सिद्ध होता है कि विविधता में एकता ही हमारे भारत देश की सबसे बड़ी खूबी है। इसलिए हमें पूरी दुनिया के सामने यह साबित करना है कि सभी भारतवासी आपसी प्रेम और एकता के साथ रहते हैं और हम सब एक हैं।
२। भारतभूमि सदियों से दुनिया की शान बनी रही, इसके कारण क्या क्या हो सकते है?
उत्तर: हमारी भारतभूमि बीते कई युगों से विश्व की शान रही है। पुराने समय से ही हमारा भारत देश कई बाहरी शासकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बिंदु रहा है। परिणामस्वरूप यहाँ कई तरह की जातियों, संप्रदायों और विविध भाषाएँ बोलने वालों ने अपना बसेरा बनाया। हमारी इसी पावन भूमि पर अनेक प्रसिद्ध साहित्यकारों और महान हस्तियों ने जन्म लिया है। महाकवि कालिदास, पतंजलि, पाणिनी और अमरसिंह जैसे कई महान विद्वानों ने अपनी साहित्यिक रचनाओं के दम पर न केवल भारत को, अपितु संपूर्ण विश्व को गौरव का अनुभव कराया है। वक़्त-वक़्त पर इस देश में कई विदेशी यात्रियों का भी आना हुआ है। इब्न बतूता, मेगास्थनीज, फाह्यान, ह्वेनसांग, और मार्कोपोलो जैसे भ्रमणकर्ताओं ने यहाँ आकर हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं पर अपने कीमती विचार लिखकर भारत के रुतबे को और ऊँचा उठाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा यहाँ की सतरंगी संस्कृति भी हमेशा से दुनियाभर के लोगों को अपनी ओर लुभाती रही है।
३। गीत में हिन्दु और इसलाम धर्म का संकेत मिलता है। हमारे देश में और क्या-क्या धर्म है ? इन धर्मों की प्रमुख सीखें क्या क्या है?
उ: हमारे भारत देश में हिंदू और इस्लाम धर्म के अलावा भी कई अन्य धर्मों को माना जाता है। इनमें प्रमुख रूप से सिख, बौद्ध, जैन आदि धर्म शामिल हैं। इन सभी धर्मों की सबसे मुख्य शिक्षा यही है कि अहिंसा का पालन करना ही सबसे बड़ा धर्म है। इसके साथ ही दूसरों की भलाई (परोपकार) करना भी इन धर्मों की एक बड़ी सीख मानी गई है। इन धर्मों में सादगी भरा सच्चा जीवन जीने, अच्छे कर्म करने और हमेशा सच बोलने पर भी बराबर रूप से ज़ोर दिया गया है।
४। अपने देश यां मातृभूमि के लिए हमारा क्या कर्तव्य होना चाहिए ?
उत्तर: अपनी जन्मभूमि या देश के प्रति हमारी कई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ हैं। इसे बाहरी दुश्मनों की बुरी नज़र से सुरक्षित रखना, इसकी आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति में पूरा योगदान देना, और समाज में व्याप्त अंधविश्वास व भ्रष्टाचार के विरुद्ध डटकर आवाज़ उठाना हमारा परम कर्तव्य है। इसके अतिरिक्त समाज के विकास को ध्यान में रखते हुए अपने व्यक्तित्व का निर्माण करना, आपसी भेदभाव मिटाकर एकता के साथ रहना, तथा देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उन्नति में अपनी तरफ से उचित सहयोग देना चाहिए।
५। राष्ट्रीय एकता को मजबुत करने के लिए हमें क्या क्या करना चाहिए?
उत्तर : हमें अपने राष्ट्र की एकजुटता को हमेशा मज़बूती प्रदान करनी चाहिए। इसके लिए सबसे ज़रूरी है कि हम समाज में मौजूद भ्रष्टाचार, बुरी नीतियों और अंधविश्वासों को जड़ से खत्म करने का प्रयास करें। साथ ही, हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि देश के सभी लोगों को समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार मिले। इसके अलावा, मिलकर सामाजिक त्योहारों को मनाने, अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी बातचीत बढ़ाने, और भाषाई दूरियों को मिटाकर सद्भाव कायम करने के जरिए हम अपनी राष्ट्रीय एकता को काफी मजबूत बना सकते हैं।
६ । निम्नलिखित कविता की पंक्तियों को पढ़कर उसका मुलभाव लिखो और एक उचित शीर्षक दो :भारत देश … महान है।
उत्तर: शीर्षक : हमारा महान भारत देश
मूलभाव : दी गई पंक्तियों के भीतर हमारे भारत देश की गौरवगाथा का वर्णन किया गया है। हमारा तीन रंगों वाला तिरंगा झंडा इस देश की शान को दर्शाता है। हमारा देश सचमुच बेहद महान है। यहाँ तक कि स्वयं प्रकृति भी इसके सम्मान और कीर्ति के गीत गाती है। हम सभी को अपने इस विशाल और श्रेष्ठ भारतवर्ष पर बहुत अभिमान है।




