Class 8 Hindi Chapter 12 – मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र (ম্যে হূঁ মহাবাহু ব্ৰহ্মপুত্ৰ) – All Textual Solutions | Sankardev Sishu Vidya Niketan (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন)
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১২ – मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र (ম্যে হূঁ মহাবাহু ব্ৰহ্মপুত্ৰ) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ দ্বাদশ অধ্যায় ‘मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र’ এখন অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ আৰু ভৌগোলিক তথা সাংস্কৃতিক জ্ঞান সমৃদ্ধ পাঠ। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (SVN) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 12 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions), বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) আৰু ব্যাকৰণৰ পুংখানুপুংখ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে।
‘मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्र’ নামৰ এই পাঠটিত অসমৰ প্ৰাণস্বৰূপ মহাবাহু ব্ৰহ্মপুত্ৰ নদৰ উৎপত্তি, ইয়াৰ ভৌগোলিক বিস্তৃতি, ঐতিহাসিক গুৰুত্ব আৰু অসমৰ জনজীৱন তথা সংস্কৃতিত ইয়াৰ অপৰিসীম প্ৰভাৱৰ বিষয়ে বিস্তৃতভাৱে বৰ্ণনা কৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল ভাৱ, শব্দাৰ্থ আৰু ব্ৰহ্মপুত্ৰৰ মহিমা বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত (Textual Solutions) কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে সুন্দৰভাৱে প্ৰস্তুতি চলাব পাৰে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
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শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, অষ্টম শ্ৰেণী: হিন্দী
मैं हूँ महाबाहु ब्रह्मपुत्
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
१। (क) ब्रह्मपुत्र अतं में अपने को किस खाड़ी में सौंप देता है ?
उत्तर: अंततः ब्रह्मपुत्र नद अपने जल को बंगाल की खाड़ी में विसर्जित कर देता है।
(ख) पुराणों के अनुसार ब्रह्मपुत्र की माँ कौन है ?
उत्तर: पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक ब्रह्मपुत्र की माता का नाम अमोघा है।
(ग) पुराणों के अनुसाक ब्रह्मपुत्र के पिता कौन है?
उत्तर: पौराणिक कथाओं के मुताबिक ब्रह्मपुत्र के पिता सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी हैं।
(घ) मिश्मी लोग ब्रह्मपुत्र को किस नाम से पुकारते हैं ?
उत्तर: मिश्मी जनजाति के लोग ब्रह्मपुत्र नद को ‘लुइत’ कहकर संबोधित करते हैं।
(ङ) प्रमुख नदी द्वीप माजुली किसकी गोद में बसा है?
उत्तर: विश्व का प्रसिद्ध नदी-द्वीप माजुली इसी ब्रह्मपुत्र नद की गोद में स्थित है।
(च) नीलाचल पहाड़ी पर किसका मंदिर है ?
उत्तर: नीलाचल पर्वत के ऊपर माँ कामाख्या का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।
२। (क) ब्रह्मपुत्र के जन्म के साथ किन-किन का संबंध बताया जाता है?
उत्तर: पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र का जन्म अमोघा और सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी से हुआ है। वहीं दूसरी ओर, भूविज्ञान के जानकारों का यह मानना है कि इस नद का उद्भव हिमालय पर्वतमाला से हुआ है।
(ख) ब्रह्मपुत्र की सही उत्पत्ति कहाँ से हुई ?
उत्तर: हिमालय स्थित कैलाश पर्वत की तलहटी में मानसरोवर के निकट एक विशाल हिमनद (चेमायुंगडुंग ग्लेशियर) मौजूद है। यह ग्लेशियर मानसरोवर झील से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर तथा पृथ्वी की सतह से 5100 मीटर की ऊँचाई पर है। यहीं से ब्रह्मपुत्र नद का वास्तविक उद्गम हुआ है।
(ग) ब्रह्मपुत्र के साथ दाहिनी तथा बाईं ओर से आकर मिलने वाली नदियों के नाम लिखो।
उत्तर: ब्रह्मपुत्र नद में दाहिनी तरफ से आकर मिलने वाली सहायक नदियाँ सुबनसिरी, जियाभरली, धनसिरी, बरनदी, मानस, संकोश और तीस्ता हैं।
वहीं, बाईं तरफ से इस नद में आकर मिलने वाली नदियाँ बूढ़ी दिहिंग, दिसांग, दिखौ, झांजी और जिजिराम हैं।
(घ) बांगलादेश में जाकर मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र को किन नामों से जाना जाता है ?
उत्तर: जब ब्रह्मपुत्र नद बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश करता है, तो उसके बाद इसे जमुना, पद्मा और मेघना जैसे विभिन्न नामों से पुकारा जाता है।
(ङ) बरसात के दिनों के ब्रह्मपुत्र का वर्णन करो।
उत्तर: बारिश के मौसम में ब्रह्मपुत्र नद की लहरों का वेग बहुत तीव्र हो जाता है। स्वार्थी इंसानों द्वारा इसके किनारों पर मौजूद जंगलों की कटाई कर देने के कारण इस नद का तल काफी उथला हो चुका है, जो भयंकर बाढ़ का कारण बनता है। इस बाढ़ की वजह से आस-पड़ोस के गाँवों तथा शहरों में पानी घुस जाता है, जिससे अपार जन-धन का नुकसान होता है। इसके साथ ही समीप स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पानी भर जाने से कई वन्य जीवों को भी अपनी जान गंवानी पड़ती है।
(च) भूगर्भ शास्त्र के विद्वान ब्रह्मपुत्र की उत्पत्ति कहाँ से मानते हैं ?
उत्तर: भूगर्भ विज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मपुत्र नद का उद्गम हिमालय पर्वत से हुआ है। कैलाश पर्वत की तलहटी में मानसरोवर के समीप चेमायुंगडुंग ग्लेशियर नाम की एक विशाल हिमानी है, जिसे इस नद का मूल उद्गम स्थल माना जाता है।
(छ) ब्रह्मपुत्र जैसे जलमार्ग के जरिए कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हुई है ?
उत्तर: ब्रह्मपुत्र नद ही भारत का ‘राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग संख्या 2’ है। इसी जलमार्ग के जरिए इंग्लैंड से रेलगाड़ी के इंजन, डिब्बे और पटरियाँ ऊपरी असम के चाय बागानों तक पहुँचाए गए थे, जिससे वहाँ रेलवे लाइन बिछाना संभव हो पाया। इसके अतिरिक्त ऐतिहासिक ‘नॉर्थब्रुक गेट’ भी इसी नद के तट पर स्थित है। इस प्रकार ब्रह्मपुत्र के माध्यम से यातायात और व्यापार की कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ प्राप्त हुई हैं।
(ज) ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे प्रसिद्ध नगरों के नाम लिखो।
उत्तर: ब्रह्मपुत्र नद के तट पर बसे हुए मशहूर शहरों के नाम गुवाहाटी, शुआलकुची, पलाशबाड़ी, ग्वालपाड़ा, धुबरी, तेजपुर और डिब्रूगढ़ आदि हैं।
३। आशय स्पष्ट करो :
(क) मैं असम की संस्कृति का पोषक हूँ।
उत्तर: ब्रह्मपुत्र नद असम राज्य की संस्कृति को सींचने वाला मुख्य आधार है। दुनिया का सबसे बड़ा नदी-द्वीप ‘माजुली’, जो कि नव-वैष्णव सत्र संस्कृति का मुख्य केंद्र है, इसी नद के मध्य बसा है। पौराणिक कथाओं में चर्चित शोणितपुर (वर्तमान तेजपुर) भी इसी के किनारे स्थित है, जहाँ उषा और अनिरुद्ध की ऐतिहासिक प्रेम कथा रची गई थी। इसी नद के जल में साहसी मछुआरे वंदना करके अपनी नावें उतारते हैं और समाज के लिए भोजन (मछली) का प्रबंध करते हैं। असल में यह नद यहाँ की जनता के जीवन का आधार, उनका सच्चा साथी और आराध्य देव है। अशोक अष्टमी के पावन पर्व पर, जब गंगा जल की पवित्रता ब्रह्मपुत्र में समाहित मानी जाती है, तब इसमें डुबकी लगाना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
(ख) मैं सिर्फ एक नद या जल-प्रवाह नहीं हूँ। मैं अपने समाज का एक विनम्र सहायक और सखा भी हूँ।
उत्तर: पुराने समय से ही ब्रह्मपुत्र नद आवागमन का एक बहुत बड़ा ज़रिया रहा है। बंगाल की खाड़ी तक जुड़कर यह एक विशाल जलमार्ग का निर्माण करता है, जिसमें भारत का अंतर्देशीय जलमार्ग संख्या 2 भी शामिल है। इसी नद के रास्ते इंग्लैंड से रेल के डिब्बे, इंजन और पटरियाँ लाकर असम के ऊपरी हिस्सों के चाय बागानों तक रेल नेटवर्क का विस्तार किया गया था। भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड नॉर्थब्रुक भी कोलकाता से जलमार्ग द्वारा ही गुवाहाटी पहुँचे थे, जिसके उपलक्ष्य में नॉर्थब्रुक द्वार का निर्माण हुआ। पानी का मुख्य स्रोत और यातायात का सुगम साधन होने की वजह से ही धुबरी, ग्वालपाड़ा, पलाशबाड़ी, शुआलकुची, गुवाहाटी, तेजपुर और डिब्रूगढ़ जैसे बड़े नगर इसके तट पर आबाद हुए। इन्हीं सब कारणों से ब्रह्मपुत्र महज़ एक जलधारा नहीं, बल्कि असमिया समाज का परम मित्र और सहायक भी है।
४। सही उत्तर का चयन करो :
(क) …. नामक राष्ट्रीय उद्यान मेरा साथी है।
(अ) मानस,
(आ) ओरां,
(इ) बुढ़ापहाड़,
(ई) काजीरंगा
उत्तर: (ई) काजीरंगा।
(ख)… ने मुझे विषय बनाकर एक उपन्यास लिखा है।
(अ) प्रेमचंद,
(आ) जयशंकर प्रसाद
(इ) देवेंद्र सत्यार्थी,
(ई) डॉ० भूपेन हाजरिका
उत्तर: (इ) देवेंद्र सत्यार्थी।
(ग) इस …. से मैं उग्र हो जाता हूँ।
(अ) कमजोरी
(आ) थकान
(इ) व्यस्तता
(ई) बोझ।
उत्तर: (ई) बोझ
(घ) मेरे किनारों पर लगे वनों को … मनुष्यों ने नष्ट कर दिया है।
(अ) दुष्ट
(आ) लोभी
(इ) लालची
(ई) मूर्ख
उत्तर: (इ) लालची




