Class 8 Hindi Chapter 13 – भारत की भाषिक एकता (ভাৰত কী ভাষিক একতা) – All Textual Solutions | Sankardev Sishu Vidya Niketan (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন)
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১৩ – भारत की भाषिक एकता (ভাৰত কী ভাষিক একতা) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ ত্ৰয়োদশ অধ্যায় ‘भारत की भाषिक एकता’ এখন অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ আৰু জ্ঞানৱৰ্ধক প্ৰবন্ধ। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (SVN) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 13 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions), বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) আৰু ব্যাকৰণৰ পুংখানুপুংখ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে।
‘भारत की भाषिक एकता’ নামৰ এই পাঠটিত আমাৰ দেশৰ বিভিন্ন ভাষা-ভাষী মানুহৰ মাজত থকা একতা, ভাষিক বৈচিত্ৰ্যৰ মাজত ভাৰতীয় সংস্কৃতিৰ ঐক্য আৰু সমন্বয়ৰ বিষয়ে সুন্দৰভাৱে আলোচনা কৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ জৰিয়তে ভাৰতৰ বিভিন্ন ভাষাসমূহৰ মাজত থকা পাৰস্পৰিক সম্পৰ্ক আৰু জাতীয় একতা বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত (Textual Solutions) কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে সুন্দৰভাৱে প্ৰস্তুতি চলাব পাৰে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- প্ৰবন্ধটিৰ সাৰাংশ, ভাৰতৰ ভাষিক বৈচিত্ৰ্য আৰু একতাৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
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শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, অষ্টম শ্ৰেণী: হিন্দী
भारत की भाषिक एकता
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
१। (क) संसार का सबसे पहला ग्रंथ कौन सा है ?
उत्तर: दुनिया का सबसे पहला और प्राचीन ग्रंथ वेद माना जाता है।
(ख) कालिदास ने किस भाषा में रचना की थी ?
उत्तर: महाकवि कालिदास ने अपनी सभी रचनाएँ संस्कृत भाषा में लिखी थीं।
(ग) आर्य मूल की भाषाओं और अनार्य मूल की भाषाओं के दो-दो उदाहरण प्रस्तुत करों।
उत्तर: आर्य मूल की दो प्रमुख भाषाएँ हैं- हिंदी और असमिया।
वहीं, अनार्य मूल की दो भाषाएँ हैं- तमिल और तेलुगु।
(घ) किन तत्वों के कारण भारतीय भाषाओं में एकता का भाव परिलक्षित होता है?
उत्तर: भारतीय भाषाओं के बीच एकता की भावना मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से दिखाई देती है-
(i) प्राचीन काल में भारत के अंदर कई उपनिषद, महाकाव्य और पुराण आदि ग्रंथ संस्कृत भाषा में लिखे गए थे। समय बीतने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में फैलने पर संस्कृत भाषा के स्वरूप में कुछ बदलाव आने लगे, जिसके परिणामस्वरूप आगे चलकर अनेक आधुनिक भारतीय भाषाओं का जन्म हुआ। इस तरह भारतीय भाषाओं में एकरूपता की झलक मिलती है।
(ii) श्रीमद्भागवत और महाभारत में बताई गई कथाओं को आधार बनाकर क्षेत्रीय भाषाओं में भी कई ग्रंथों की रचना की गई। असम के महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव और उनके प्रमुख शिष्य माधवदेव द्वारा रचित साहित्य भी संस्कृत ग्रंथों पर ही आधारित है। इसके कारण स्थानीय भाषाओं के साहित्य के मुख्य विषयों में समानता देखने को मिलती है, जो भाषाई एकता का एक बड़ा कारण है।
(iii) प्राचीन युग में भी हमारे देश के भीतर कई अलग-अलग जातियों के लोग निवास करते थे और उनकी अपनी भिन्न-भिन्न भाषाएँ थीं। इनमें द्रविड़, ऑस्ट्रिक, मंगोलियाई और तिब्बती-बर्मी जैसे कई मूल परिवारों की भाषाएँ शामिल हैं। इन विविध भाषाओं के बीच भी एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
(iv) जब भारत में मुसलमानों का आगमन हुआ, तो वे अपने साथ अरबी और फारसी जैसी भाषाएँ भी ले आए। जैसे- कलम, कागज़, किताब आदि शब्द। इसके पश्चात् देश में अंग्रेज़, फ्रांसीसी, डच और पुर्तगाली जैसी यूरोपीय जातियों के आने से कई विदेशी शब्दों का समावेश हुआ। इन सभी कारणों से आधुनिक भारतीय भाषाओं के बीच एक मजबूत संपर्क सूत्र बन गया है।
(v) भारत की अलग-अलग भाषाओं की लिपियाँ भी एक-दूसरे से भिन्न हैं। मिसाल के तौर पर, हिंदी की लिपि देवनागरी है और पंजाबी की गुरुमुखी। परंतु इन सभी लिपियों का जन्म प्राचीन ब्राह्मी लिपि से ही हुआ माना जाता है, जिस वजह से विभिन्न लिपियों में समानता नज़र आती है। इस प्रकार लिपियाँ भी भाषाई एकता को बनाए रखने का कार्य करती हैं।
(ङ) हिन्दी भाषा की लिपि को क्या कहते है? इस लिपि का विकास किस प्राचीन लिपि से माना जाता है ?
उत्तर: हिंदी भाषा जिस लिपि में लिखी जाती है, उसे देवनागरी लिपि कहा जाता है।
इस लिपि का जन्म एक बहुत ही प्राचीन लिपि ‘ब्राह्मी लिपि’ से हुआ माना जाता है।
(च) हिन्दी में अनेक विदेशी भाषाओं के शब्द प्रयुक्त होने लगे हैं। हिन्दी में सामान्यतः व्यवहार होते रहने वाले कुछ अंग्रेजी और कुछ आरबी-फारसी शब्दों के उदाहरण दो।
उत्तर: हिंदी में आम तौर पर प्रयोग होने वाले कुछ विदेशी (अंग्रेज़ी और अरबी-फ़ारसी) शब्द इस प्रकार हैं: किताब, कागज़, कलम, चश्मा, दुनिया, स्कूल, अलमारी, स्टेशन, साइकिल इत्यादि।
(छ) पाठ में कुछ तत्सम शब्दों का उल्लेख हुआ है, जैसे स्वर्ग, देवता, शत, पुष्प, प्रिय, चतुर्थ, मध्य, वचन, नव आदि। इस प्रकार के कुछ और शब्द खोजकर एक तालिका बनाओ :
उत्तर: पाठ में आए कुछ अन्य तत्सम शब्द इस प्रकार हैं:
सूत्र, अक्षर, वर्ण्य, पत्र, विशिष्ट और आवश्यक।
(ज) आधुनिक भारतीय भाषाओं में सबसे पहले किस भाषा में रामायण का अनुवाद हुआ था? बाद में किन-किन भाषाओं में रामायण का अनुवाद हुआ और उनके अनुवादक कौन-कौन थे ?
उत्तर: सभी आधुनिक भारतीय भाषाओं की बात करें तो रामायण का सबसे पहला अनुवाद असमिया भाषा में किया गया था।
इसके पश्चात् महर्षि कंबन ने इसे तमिल भाषा में और गोस्वामी तुलसीदास जी ने इसे अवधी भाषा में अनूदित किया था।
(झ) आओ, इन तदभव शब्दों के तत्सम रुप लिखों :
उत्तर: इन तद्भव शब्दों के तत्सम रूप निम्नलिखित हैं:
पिता – पितृ
माता – मातृ
भाई – भ्रातृ
घर – गृह
हाथ – हस्त
पाँव – पाद (पैर)
मोर – मयूर
भाषा अध्ययन :
१। नीचे लिखें वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित करके फिर से लिखो :
(क) जो लोग परिश्रम करते हैं उन्हें अधिक समय तक निराश नहीं होना पड़ता। (सरल वाक्य में)
उत्तर: परिश्रमी लोगों को अधिक समय तक निराश नहीं होना पड़ता है।
(ख) मैंने एक दूबला-पतला व्यक्ति देखा। (मिश्र वाक्य में)
उत्तर: मैंने एक ऐसे व्यक्ति को देखा, जो बहुत दुबला-पतला था।
(ग) वह खाना खाकर सो गया। (संयुक्त वाक्य में)
उत्तर: उसने खाना खाया और सो गया।
(घ) जिनकी आय कम है, उन्हें मितव्ययी होना चाहिए (सरल वाक्य में)
उत्तर: कम आय वाले लोगों को मितव्ययी (कम खर्च करने वाला) होना चाहिए।
(ङ) मेरे घर पहुँचने पर पिताजी आए। (मिश्र वाक्य में)
उत्तर: जब मैं घर पहुँचा, तब पिताजी आए।
(च) बालिका गा और नाच रही है (सरल वाक्य में)
उत्तर: बालिका गाकर नाच रही है।




