Class 8 Hindi Chapter 14 – गोकुल-लीला (গোকুল-লীলা) – All Textual Solutions | Sankardev Sishu Vidya Niketan (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন)
অষ্টম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ১৪ – गोकुल-लीला (গোকুল-লীলা) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
অষ্টম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ চতুৰ্দশ অধ্যায় ‘गोकुल-लीला’ এখন অতি সুন্দৰ আৰু ভক্তিৰসপূৰ্ণ পাঠ। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (SVN) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 8 Hindi Chapter 14 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA), চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions), বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) আৰু ব্যাকৰণৰ পুংখানুপুংখ সমাধান অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু সম্পূৰ্ণ পৰীক্ষামুখীভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে।
‘गोकुल-लीला’ নামৰ এই পাঠটিত ভগৱান শ্ৰীকৃষ্ণৰ গোকুলত কটোৱা শৈশৱৰ মধুৰ লীলা, মাতৃ যশোদাৰ স্নেহ আৰু গোপবালকসকলৰ সৈতে থকা নিভাঁজ আনন্দৰ এক মনোৰম বৰ্ণনা দাঙি ধৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ জৰিয়তে ভক্তিভাৱ, কবিতাৰ মূল ভাৱ আৰু শব্দাৰ্থ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত (Textual Solutions) কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে সুন্দৰভাৱে প্ৰস্তুতি চলাব পাৰে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- কবিতাটিৰ সাৰাংশ, শ্ৰীকৃষ্ণৰ শৈশৱ লীলা আৰু মাতৃ-পুত্ৰৰ স্নেহৰ বিস্তৃত বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু চমু প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
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- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ আৰু ভাষিক জ্ঞানৰ সঠিক ধাৰণা।
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ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।
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শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, অষ্টম শ্ৰেণী: হিন্দী
गोकुल-लीला
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
१। (क) नंद के आँगन में कृष्ण किसका प्रतिबिंब पकड़ने के लिए दौड़ता था ?
उत्तर: नंद बाबा के आँगन में कृष्ण अपनी ही परछाई (प्रतिबिंब) को पकड़ने के लिए दौड़ता था।
(ख) कृष्ण के झूठ पकड़े जाने पर यशोदा ने क्या किया ?
उत्तर: कृष्ण का झूठ सामने आने पर माता यशोदा ने अपनी छड़ी फेंक दी और उसे प्यार से गले लगा लिया।
(ग) यशोदा बार-बार नंद को क्यों बुलाती है?
उत्तर: नन्हे कृष्ण की मनमोहक बाल-लीलाओं को दिखाने के लिए माता यशोदा बार-बार नंद बाबा को आवाज़ देकर बुलाती हैं।
(घ) माता यशोदा बालक कृष्ण को किस प्रकार दुध पिलाती है?
उत्तर: माता यशोदा अपने आँचल के पीछे छिपाकर बालक कृष्ण को बड़े स्नेह से दूध पिलाती हैं।
(ङ) किलकारी मारकर हँसते हुए कृष्णका मुख कैसा दिखता है ?
उत्तर: ज़ोर से किलकारी मारते हुए हँसते समय बालक कृष्ण के मुँह के दो छोटे दाँत दिखाई देने लगते हैं।
(च) मैया मैं नहिं माखन खायौ इसके समर्थन में कृष्ण क्या सफाई देता है ?
उत्तर: दी गई पंक्ति के पक्ष में कृष्ण यह सफाई पेश करता है कि उसने माखन नहीं चुराया है, बल्कि उसके दोस्तों ने ज़बरदस्ती उसके चेहरे पर माखन मल दिया है।
(छ) बालक कृष्ण ने माखन चोरी के आरोप से बचने के लिए क्या चालाकी की ?
उत्तर: बालक कृष्ण माखन चुराने के दोष से खुद को बचाने के लिए अपने मुँह पर लगा माखन पोंछ डालता है और माखन वाले बर्तन को अपनी पीठ के पीछे छिपा लेता है।
(ज) क्या बालक कृष्ण माखन चोरी के आरोप से बच पाया ? यदि नहीं तो माता यशोदा ने उसके साथ कैसा व्यवहार किया ?
उत्तर: बालक कृष्ण माखन चुराने के इल्जाम से खुद को नहीं बचा पाया। जब माता यशोदा को उसकी इस शरारत का पता चलता है, तो वे छड़ी लेकर कृष्ण के पास पहुँचती हैं। परंतु कृष्ण बड़ी ही चतुराई से स्थिति को संभालते हुए खुद को माखन चोरी के दोष से बचाने का प्रयास करता है। उसकी इस प्यारी सी बात पर मोहित होकर माता यशोदा उसे अपने हृदय से लगा लेती हैं।
२। बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) श्रीकृष्ण घुटनों के बल चलते हुए क्या कर रहे थे?
(अ) रो रहे थे
(आ) नाच रहे थे
(इ) किलकारी कर रहे थे
(ई) सो रहे थे
उत्तर: (इ) किलकारी कर रहे थे।
(ख) नंद का आँगन कैसा था?
(अ) मणियों से जड़ा हुआ था
(आ) फूलों से भरा था
(इ) छोटा था
(ई) मिट्टी का था
उत्तर: (अ) मणियों से जड़ा हुआ था।
(ग) कृष्ण के मुँह पर मक्खन क्यों लगा हुआ था?
(अ) माँ ने लगाया था
(आ) वह मक्खन चुराकर खा रहा था
(इ) वह खेल रहा था
(ई) वह गिर गया था
उत्तर: (आ) वह मक्खन चुराकर खा रहा था।
व्याकरण :
शब्द-युग्मों का अंतर
अन्न -अनाज
अय -अन्य (भिन्न)
नीर -पानी
नीड़ -पक्षियों का बसेरा
अणु -सूक्ष्म कण
अनु -बाद में (पीछे की ओर)
कुल -खानदान
कूल -तट
जलद -मेघ
जलज -सरोज (कमल)
पानी -सलिल
पाणि -हस्त
क्रीत -मोल लिया हुआ
कृत -संपन्न किया गया
चिर -प्राचीन (दीर्घकालीन)
चीर -वस्त्र
आदि -शुरुआत
आदी -लत वाला (आदत) / आदि (अदरक)
सुत -बेटा
सूत -तागा
बात -वचन
वात -वायु
दिन -वासर (दिवा)
दीन -निर्धन (दरिद्र)
अंश -हिस्सा
अंस -स्कंध (कंधे का भाग)
तरणि -सूरज
तरणी -नाव




