সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৭ – हार की जीत (Haar Ki Jeet) – সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQ | শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৭ – ‘हार की जीत’ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু সমাধান (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন – Assamese Medium)
শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (Sankardev Sishu Vidya Niketan) সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ সপ্তম অধ্যায় হ’ল ‘हार की जीत’। নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শিক্ষা নীতিৰ (NEP) শেহতীয়া নিৰ্দেশনাৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 7 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন, চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, MCQ (বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন) আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীৰ উপযোগী কৰি প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
‘हार की जीत’ প্ৰখ্যাত সাহিত্যিক সুদৰ্শনৰ দ্বাৰা ৰচিত এখন হৃদয়স্পৰ্শী কাহিনী। এই পাঠটোৰ জৰিয়তে বাবা ভাৰতী, তেওঁৰ মৰমৰ ঘোঁৰা চুলতান আৰু ডকাইত খড়গসিংহৰ কাহিনীৰ মাজেৰে মানৱীয়তা আৰু হৃদয় পৰিৱৰ্তনৰ শিক্ষা প্ৰদান কৰা হৈছে। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, শব্দাৰ্থ আৰু মূল শিক্ষা বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানত পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহৰ লগতে পৰীক্ষাত সঘনাই অহা অতিৰিক্ত প্ৰশ্নোত্তৰো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
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- শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু MCQ প্ৰশ্নৰ নিখুঁত উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নসমূহৰ সৰল তথা মান্য সমাধান।
- পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰ (Additional Question Answers)।
- ব্যাকৰণগত অংশ আৰু প্ৰয়োজনীয় শব্দৰ সঠিক অৰ্থ।
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শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, সপ্তম শ্ৰেণী: হিন্দী
हार की जीत
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
1. प्रश्नों के दिए गए उत्तरों में से सही उत्तर चुनो :
(क) बाबा भारती ने अपने प्रिय घोड़े का नाम क्या रखा था ?
(i) राजा
(ii) सुलतान
(iii) बाबू
(iv) बहादुर
उत्तरः (ii) सुलतान
(ख) “मैं सुलतान के बिना न रह सकुँगा।”- यह कथन है-
(i) खड़गसिंह का
(ii) बाबा भारती का
(iii) सुदर्शनजी का
(iv) एक किसान का
उत्तरः (ii) बाबा भारती का।
(ग) ‘जो उसे एक बार देख लेता है, उसके हृदय पर उसकी छवि अंकित हो जाती है।’ इस वाक्य में ‘उसे’ से किसका बोध होता है ?
(i) सुलतान का
(ii) खड़गसिंह का
(iii) बाबा भारती का
(iv) गाँव का
उत्तरः (i) सुलतान का
2. एक वाक्य में उल्टर दो :
(क) बाबा भारती को क्या देखकर आनंद आता था ?
उत्तरः बाबा भारती अपने प्रिय घोड़े सुलतान को देखकर अत्यंत प्रसन्न होते थे।
(ख) खड़गसिंह कौन था ?
उत्तरः खड़गसिंह उस इलाके का एक कुख्यात डाकू था, जिसके नाम से ही आसपास के लोग थर-थर काँपते थे।
(ग) खड़गसिंह बाबा भारती के पास क्यों आया था ?
उत्तरः खड़गसिंह बाबा भारती के यहाँ उनके प्रसिद्ध घोड़े सुलतान के दर्शन करने के उद्देश्य से आया था।
(घ) बाबा भारती के मन में किस बात का डर समा गया ?
उत्तरः बाबा भारती के हृदय में अपने प्राणों से प्यारे घोड़े सुलतान के छिन जाने का भय बैठ गया।
(ङ) वह अपाहिज व्यक्ति कौन था ?
उत्तरः वह विकलांग व्यक्ति वास्तव में छद्म वेश धरे डाकू खड़गसिंह ही था।
3. संक्षेप में उत्तर दो :
(क) बाबा भारती सुलतान की देखभाल कैसे करते थे ?
उत्तरः बाबा भारती अपने हाथों से सुलतान को नहलाते-धुलाते थे, स्वयं उसे चारा-दाना देते थे और उसे निहारकर खुश होते थे। उन्होंने सुलतान की खातिर अपना धन, जायदाद और घर-बार सब कुछ त्याग दिया था। प्रभु की आराधना के बाद उनके पास जो भी समय शेष रहता, वह पूरा का पूरा सुलतान की सेवा में बिता देते थे।
(ख) घोड़े को देखकर खड़गसिंह ने क्या निश्चय किया ?
उत्तरः बाबा भारती के उस शानदार घोड़े को देखने के बाद खड़गसिंह ने यह ठान लिया कि वह सुलतान को किसी भी तरह बाबा के पास नहीं छोड़ेगा, क्योंकि ऐसे बेजोड़ घोड़े पर सिर्फ खड़गसिंह का ही अधिकार होना चाहिए।
(ग) सुलतान की विशेषताओं के बारे में लिखो।
उत्तरः सुलतान के मुख्य गुण निम्नलिखित हैं-
(i) सुलतान दिखने में अत्यंत खूबसूरत और काफी ताकतवर था।
(ii) उसके चलने का अंदाज़ बहुत ही मनमोहक था।
(iii) वह हवा की गति से दौड़ने में पूरी तरह सक्षम था।
(घ) सुलतान को दोबारा पाकर बाबा भारती के अंदर क्या प्रतिक्रिया हुई ?
उत्तरः सुलतान को वापस पाकर बाबा भारती ने उसे तुरंत सीने से लगा लिया और ऐसे फूट-फूटकर रोने लगे, जैसे एक पिता अपने लंबे समय से खोए हुए बेटे से मिला हो। वे लगातार उसकी पीठ पर प्यार से हाथ फेर रहे थे और उसके मुँह को थपथपा रहे थे।
4. किसने, किससे और कब कहा ? बताओ:
(क) “ओ बाबा, इस कंगले की भी सुनते जाना।”
उत्तरः यह वाक्य अपाहिज का भेष बनाए डाकू खड़गसिंह ने बाबा भारती को संबोधित करते हुए कहा था, जब बाबा शाम के वक्त सुलतान की पीठ पर बैठकर भ्रमण के लिए निकले थे।
(ख) “इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करना।”
उत्तरः यह बात बाबा भारती ने डाकू खड़गसिंह से तब कही थी, जब उसने धोखेबाजी से बाबा का प्रिय घोड़ा सुलतान उनसे छीन लिया था।
(ग) “अब कोई दीन-दुखियों की सहयता से मुँह न मोड़ेगा।”
उत्तरः जब डाकू खड़गसिंह ने अपनी गलती मान ली और बाबा भारती के घोड़े सुलतान को वापस उनके पास छोड़ दिया, तब बाबा भारती ने चैन की साँस लेते हुए यह बात कही थी।
1. पाठ के आस-पास
(क) नीचे दिए गए चित्र में से घोड़े के खाद्य पर चिह्न लगाओ :
(ख) भिन्न प्राणी पर लगाओ :
(अ) घोड़ा
(आ) गाय
(इ) गधा
(ई) शेर
उत्तरः (ई) शेर
भाषा-अध्ययन
नोट: व्याकरण के शब्द और नियम निश्चित होते हैं, इसलिए उन्हें सटीक रूप में रखा गया है। वाक्यों में लिंग संबंधी व्याकरणिक अशुद्धियों (जैसे ‘गीत गाई’ की जगह ‘गीत गाया’) को सुधार दिया गया है ताकि छात्रों को सही ज्ञान मिले।
1. पुरुष और स्त्री के बोध कराने वाले शब्दों को लिखो :
बालक – बालिका
चाचा – चाची
मामा – मामी
बकरी – बकरा
धोबी – धोबिन
कुत्ता – कुतिया
मुर्गा – मुर्गी
भाई – बहन
राजा – रानी
2. भूतकाल के प्रत्येक भेद के दो-दो वाक्य बनाओ :
सामान्य भूत
मधु बाज़ार गया।
सीता ने गीत गाया।
आसन्न भूत
मधु बाज़ार गया है।
सीता ने गीत गाया है।
पूर्ण भूत –
मधु बाज़ार गया था।
सीता ने गीत गाया था।
तात्कालिक भूत-
मधु बाज़ार जा रहा था।
सीता गीत गा रही थी।
अपूर्ण भूत
मधु बाज़ार जाता था।
सीता गीत गाती थी।
संदिग्ध भूत
मधु बाज़ार गया होगा।
सीता गीत गाती होगी।




