সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৮ – अपनों के पत्र (Apno Ke Patra) – সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQ | শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৮ – ‘अपनों के पत्र’ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু সমাধান (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন – Assamese Medium)
শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (Sankardev Sishu Vidya Niketan) সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ অষ্টম অধ্যায় হ’ল ‘अपनों के पत्र’। নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শিক্ষা নীতিৰ (NEP) শেহতীয়া নিৰ্দেশনাৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 8 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন, চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, MCQ (বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন) আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীৰ উপযোগী কৰি প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
‘अपनों के पत्र’ পাঠটিৰ জৰিয়তে আপোনজনলৈ চিঠি লিখাৰ শৈলী, চিঠিপত্ৰৰ জৰিয়তে মনৰ ভাৱ আদান-প্ৰদান আৰু সম্পৰ্কৰ মধুৰতাৰ সুন্দৰ প্ৰকাশ ঘটোৱা হৈছে। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, শব্দাৰ্থ আৰু মূল বাৰ্তা বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানত পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহৰ লগতে পৰীক্ষাত সঘনাই অহা অতিৰিক্ত প্ৰশ্নোত্তৰো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- ‘अपनों के पत्र’ পাঠটিৰ সাৰাংশ, মূল ভাৱ আৰু চিঠিপত্ৰৰ গুৰুত্বৰ বিশদ বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু MCQ প্ৰশ্নৰ নিখুঁত উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নসমূহৰ সৰল তথা মান্য সমাধান।
- পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰ (Additional Question Answers)।
- ব্যাকৰণগত অংশ আৰু প্ৰয়োজনীয় শব্দৰ সঠিক অৰ্থ।
অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ নিয়ম অনুসৰি প্ৰস্তুত কৰা সমাধান।
- ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে বুজি পাব পৰাকৈ সৰল ভাষাৰ ব্যৱহাৰ।
- পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে উপযোগী টোকাসমূহ।
- अपनों के पत्र পাঠৰ সকলো গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নৰ একত্ৰ সংকলন।
ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উন্নতিৰ বাবে অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ প্ৰশ্নোত্তৰসমূহ আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ বিদ্যালয়ৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই সুন্দৰভাৱে আৰম্ভ কৰক।
Class 7 Hindi Textbook Solutions & MCQs | Sankardev Sishu Vidya Niketan New Syllabus
New Updated Version!
According to Latest Sankardev Sishu Vidya Niketan (SVN) New Syllabus & Updated Book
Get comprehensive preparation for Class 7 Hindi (হিন্দী) with this complete Textual Solution & MCQs package.
Includes Chapter-wise textbook solutions, additional Q&A, and MCQs precisely structured as per the latest SVN syllabus and new book.
Perfect for building a strong foundation and mastering your school assessments! Download as an easy-to-use ZIP file.
শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, সপ্তম শ্ৰেণী: হিন্দী
अपनों के पत्र
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
1. (क) गौतम और गीताजंलि कहाँ खेल रहे थे ?
उत्तरः गौतम और गीतांजलि अपने घर के प्रांगण (आँगन) में खेल-कूद रहे थे।
(ख) गौतम और गीताजंलि के पिता को चिट्ठी भेजने में देर क्यों हुई थी ?
उत्तरः गौतम और गीतांजलि के पिताजी की तैनाती भारत-चीन सीमा पर थी। इसी कारण से उन्हें पत्र भेजने में विलंब हुआ था।
(ग) भालुकपुंग में किसने राजधानी बनवाई थी ?
उत्तरः भालुकपुंग में राजा बाणासुर के पौत्र भालुक ने अपनी राजधानी का निर्माण करवाया था।
(घ) गौतम और गीताजंलि के पिता कौन-सी नौकरी करते थे और उनका तबादला किस जगह पर हुआ था ?
उत्तरः गौतम और गीतांजलि के पिताजी भारतीय थल सेना में कार्यरत थे और उनका स्थानांतरण अरुणाचल प्रदेश में कर दिया गया था।
2. (क) अरुणाचल के पाँच दर्शनीय स्थलों के नाम लिखो।
उत्तरः अरुणाचल प्रदेश के पाँच प्रमुख पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं- तवांग, बोमडिला, टिपी, भालुकपुंग और ईटानगर।
(ख) टिपि की विशेषता क्या है ?
उत्तरः टिपी अरुणाचल प्रदेश का एक बहुत ही खास पर्यटन स्थल माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह आर्किड फूलों से भरा हुआ एक यादगार स्थान है। इस जगह पर 7500 से भी ज्यादा आर्किड प्रजातियों का विशाल संग्रह मौजूद है।
(ग) अरुणाचल की संपर्क भाषा और कार्यालयीन भाषा क्या-क्या है ?
उत्तरः अरुणाचल प्रदेश में जनसंपर्क की भाषा के तौर पर हिंदी का उपयोग होता है, जबकि दफ्तरी या कार्यालयीन कार्यों के लिए अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
(घ) तावाङ शहर के बौद्ध मंदिर के बारे में संक्षिप्त जानकारी दो।
उत्तरः तवांग नगर में स्थित बौद्ध मठ (मंदिर) लगभग 400 वर्ष प्राचीन है। यहाँ दिसंबर और जनवरी के महीनों में एक विशाल उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसे देखने के लिए देश-दुनिया से सैलानी एकत्र होते हैं। तवांग तक पहुँचने के लिए दुनिया के दूसरे सबसे ऊँचे दर्रे ‘सेला पास’ से होकर गुजरना पड़ता है।
3. पारिवारिक पत्र में कौन-कौन से अंग होने चाहिए, पाठ के आधार पर एक रूपरेखा बनाकर लिखो।
उत्तरः पारिवारिक पत्र विशेष रूप से अपने सगे-संबंधियों, माता-पिता और मित्रों आदि को भेजे जाते हैं। ऐसे पत्रों के निम्नलिखित मुख्य भाग होते हैं-
(i) पत्र भेजने वाले का पता और पत्र लिखने की तिथि।
(ii) जिसे पत्र भेजा जा रहा है, उसके लिए संबोधन और अभिवादन।
(iii) पत्र का मुख्य संदेश (विषय-वस्तु)।
(iv) पत्र का अंत (प्रेषक का नाम, हस्ताक्षर आदि)।
एक रूपरेखा यहाँ प्रस्तुत है:
विषय – पिताजी से पैसे मँगवाने हेतु पत्र।
छात्रावास
……………. विद्यालय
नई दिल्ली
26-04-2009
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श,
मुझे आपका पत्र प्राप्त हुआ और घर की कुशलता जानकर बहुत खुशी हुई। आपके शुभ आशीर्वाद से मैं भी यहाँ पूरी तरह से सकुशल हूँ।
आपको यह जानकर बेहद प्रसन्नता होगी कि मैंने अपनी त्रैमासिक परीक्षा में 89% अंक लाकर अपनी कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुझे कुछ नई किताबें, कॉपियाँ और पढ़ाई की अन्य सामग्री खरीदनी है। अतः आपसे विनती है कि जितनी जल्दी हो सके, मुझे डाक द्वारा पाँच सौ रुपये भेजने की कृपा करें।
आदरणीया माताजी को मेरा प्रणाम और छोटे चिंकू को ढेर सारा प्यार।
आपका आज्ञाकारी बेटा
‘विशाल’
4. पाठ के आधार पर तावाङ के बारे में पाँच वाक्य लिखो।
उत्तरः तवांग नगर अरुणाचल प्रदेश का एक बेहद महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। यहाँ तक का सफर तय करने के लिए दुनिया के दूसरे सबसे ऊँचे ‘सेला पास’ को पार करके जाना पड़ता है। तवांग से थोड़ी ही दूर पर भारत और चीन की सीमा स्थित है। तवांग का प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर लगभग चार सौ वर्ष पुराना माना जाता है। इस मंदिर में दिसंबर-जनवरी के दौरान बहुत बड़ा त्योहार मनाया जाता है, जहाँ देश-विदेश के अनेकों पर्यटक इकट्ठे होते हैं।
भाषा अध्ययन
4. खाली जगहों को भविष्य का बोध होने वाले क्रिया-रूपों से पूरा करोः
(क) गोपाल बाजार जाएगा।
(ख) गीतांजलि और गौतम विज्ञान प्रदर्शनी देखने जाएँगे।
(ग) माँ भी उनलोगों के साथ जाएगी।
(घ) यहाँ आने से ही पता चलेगा।




