Class 7 Hindi Chapter 2 – पंचतंत्र – All Textual Solutions | AJB Assam

CLASS 7

Class 7 Hindi Chapter 2 पंचतंत्र Solutions | AJB Assam

সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ২ – पंचतंत्र সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (AJB Assam)

সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ দ্বিতীয় অধ্যায় ‘पंचतंत्र’ শিক্ষণীয় নীতি-কথা আৰু নৈতিক মূল্যবোধৰে সমৃদ্ধ এটা অতি গুৰুত্বপূৰ্ণ পাঠ। অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) শেহতীয়া নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 2 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, ব্যাকৰণ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ অতি সহজ আৰু নিৰ্ভুলভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে ঘৰতে বহি সুন্দৰভাৱে অনুশীলন কৰিব পাৰে।

‘पंचतंत्र’ নামৰ এই পাঠটিত জীৱনৰ ব্যৱহাৰিক জ্ঞান, বুদ্ধিৰ প্ৰয়োগ আৰু সৎ চৰিত্ৰ গঠনৰ ওপৰত গুৰুত্ব আৰোপ কৰা হৈছে। ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল কাহিনী, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে।

অধিক বিনামূলীয়া Notes আৰু PDFৰ বাবে আমাৰ App টো ডাউনলোড কৰক:
Download EduAssam Solution App Click Here to Get Free Notes & Previous Papers

এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:

  • পঞ্চতন্ত্ৰৰ কাহিনীৰ মূল ভাৱ, নৈতিক শিক্ষা আৰু জীৱনমুখী জ্ঞানৰ স্পষ্ট বিশ্লেষণ।
  • শব্দাৰ্থ, চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
  • পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ, বাক্য ৰচনা, সমাৰ্থক আৰু বিপৰীত শব্দৰ সঠিক জ্ঞান।
  • পৰীক্ষাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু তাৰ উত্তৰ।
  • নতুন আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ বহু-বিকল্পী প্ৰশ্নৰ (MCQs) সম্পূৰ্ণ সমাধান।

অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:

  • শেহতীয়া AJB নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
  • ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে বুজিব পৰাকৈ সৰল ভাষাত যুগুতোৱা উন্নত মানৰ নোটছ (Class 7 Hindi Notes)।
  • পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে প্ৰস্তুত কৰা সহজ-সৰল উত্তৰ।
  • হিন্দী ভাষাৰ ভয় দূৰ কৰি বিষয়টোৰ প্ৰতি আগ্ৰহ বঢ়াবলৈ ব্যৱহাৰিক উদাহৰণৰ সহায়ত বুজোৱা সমাধান।

ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।

Vibrant Note Box
Buy Printable PDF
Class 7 Hindi (हिन्दी) Textbook Solutions & MCQs | AJB New Syllabus
Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹49.00.

New Updated Version!

According to Latest AJB New Syllabus & Updated Book

Get comprehensive preparation for Class 7 Hindi (हिन्दी) with this complete Textual Solution & MCQs package.
Includes Chapter-wise textbook solutions, additional Q&A, and MCQs precisely structured as per the latest Assam Jatiya Bidyalay (AJB) syllabus and new version of the book.
Perfect for building a strong foundation and mastering your school assessments! Download as an easy-to-use ZIP file.

Vibrant Note Box
Chapter 2 पंचतंत्र

 AJB Class 7: Hindi

Lesson-2                                                             Ospin Academy

पंचतंत्र

Texual Solutions

अभ्यास-माला

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखो :

i) राजा अमरशक्ति किस राज्य के राजा थे ?

उत्तरः नरेश अमरशक्ति ‘महिलारोप्य’ नामक राज्य पर शासन करते थे।

ii) राजा अमरशक्ति के पुत्रों के नाम क्या-क्या थे?

उत्तरः नरेश अमरशक्ति के तीनों बेटों के नाम बसुशक्ति, उग्रशक्ति तथा अनन्तशक्ति थे।

iii) राजकुमार कैसे थे ?

उत्तरः तीनों राजकुमार अत्यंत मूर्ख, कामचोर, अयोग्य और सुस्त प्रकृति के थे।

iv) राजकुमार गुरुओं के साथ कैसा बतीव करते थे ?

उत्तरः राजकुमार अपनी चतुराई से शिक्षकों को भयभीत करके वहाँ से खदेड़ देते थे।

v) मन्त्रियों ने राजकुमारों को पढ़ाने के लिए किसके नाम का प्रस्ताव किया ?

उत्तरः राजकुमारों को शिक्षा प्रदान करने हेतु मंत्रियों ने आचार्य विष्णुशर्मा के नाम का सुझाव रखा।

vi) विष्णुशमी ने कितने दिनों के भीतर राजकुमारों को पंडित बनाने की प्रतिज्ञा की ?

उत्तरः विष्णुशर्मा ने मात्र छह माह के अंदर ही राजकुमारों को विद्वान बनाने का प्रण लिया।

vii) राजकुमार क्यों आश्चर्यचकित हुए ?

उत्तरः शिक्षक के आचरण से राजकुमार हैरान रह गए, क्योंकि आचार्य ने उन्हें मित्र कहकर पुकारा था।

viii) विष्णुशमी ने किस तरह इतने कम दिनों के भीतर राजकुमारों को ज्ञानी बनाया ?

उत्तरः विष्णुशर्मा द्वारा सुनाई गई प्रत्येक कहानी ने राजकुमारों को पूरी तरह से मोहित कर लिया। कहानियों में छिपी नैतिक शिक्षाओं के माध्यम से राजकुमार राजनीति, समाजनीति और अर्थनीति जैसे विषयों में निपुण हो गए। इस प्रकार विष्णुशर्मा ने छह माह के अल्प समय में ही तीनों राजकुमारों को संपूर्ण ज्ञान से परिपूर्ण कर दिया।

ix) विष्णुशमी द्वारा सुनायी गयी नीतिशिक्षा पर आधारित कहानियों को कितने भागों में विभक्त किया गया है?

उत्तरः विष्णुशर्मा द्वारा बताई गई नैतिक शिक्षा से युक्त कहानियों को पाँच अलग-अलग खण्डों में बाँटा गया है।

x) पंचतन्त्र की कहानियों के पाँचों भेदों के नाम लिखो।

उत्तरः पंचतंत्र की कथाओं के पाँच भाग इस प्रकार हैं- मित्रभेद, मित्रप्राप्ति, मित्रलाभ, काकोलूकीय तथा अपरीक्षित कारक।

xi) पंचतन्त्र के लेखक कौन हैं?

उत्तरः पंचतंत्र के रचयिता पंडित विष्णुशर्मा हैं।

2. संक्षिप्त उत्तर दो :

i) राजा अमरशिक्ति कैसे राजा थे? चचर्चा करो।

उत्तरः महाराज अमरशक्ति एक अत्यंत विद्वान, दयालु प्रवृत्ति वाले और दानवीर शासक थे।

ii) राजा किस बात पर हमेशा चिन्तित रहते थे ?

उत्तरः नरेश के तीनों बेटे अत्यंत मूर्ख, कामचोर, अयोग्य और सुस्त थे। इस कारण राजा सदा यही सोचकर परेशान रहते थे कि उनके उपरांत उनके राज्य का भविष्य क्या होगा।

iii) मन्त्रिीयों ने राजा को किस पंडित के बारे में बताया और क्यों?

उत्तरः मंत्रियों ने महाराज को विष्णुशर्मा नाम के विद्वान के विषय में जानकारी दी, क्योंकि वे एक बहुत ही ज्ञानी पंडित थे और विद्या दान के कार्य में उन्हें विशेष निपुणता प्राप्त थी।

iv) राजा की बातों से विष्णुशमी को क्यों गुस्सा आया ? उन्होंने राजा से क्या कहा ?

उत्तरः महाराज ने कहा कि राजकुमारों को राजकाज के योग्य बनाने हेतु वे अपार धन-संपत्ति देने को राजी हैं, यह सुनकर विष्णुशर्मा क्रोधित हो गए। उन्होंने राजा से कहा- ‘राजन्, मैं लालची प्रवृत्ति का नहीं हूँ और मुझे इन भौतिक वस्तुओं की कोई चाह नहीं है। अस्सी वर्ष की आयु तक मुझे इनकी आवश्यकता ही महसूस नहीं हुई। परंतु मैं आपकी बात अवश्य मानूँगा। एक शिक्षक होने के कारण छात्रों का भविष्य संवारना मेरा दायित्व है। इसलिए मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मात्र छह माह के अंदर मैं आपके पुत्रों को सभी विद्याओं में पारंगत कर दूँगा, अन्यथा मैं अपना विष्णुशर्मा नाम ही छोड़ दूँगा।’

v) विष्णुशमी जी ने राजकुमारों को शिक्षा के प्रति किस तरह आकर्षित किया ?

उत्तरः अपनी पहली मुलाकात में ही विष्णुशर्मा जी ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘दोस्तो! सुनो, मैं वास्तव में तुम्हें यहाँ पढ़ाने के लिए नहीं आया हूँ और इस अवस्था में तुम्हें अध्ययन की आवश्यकता भी नहीं है। अतः मैंने निर्णय लिया है कि हम केवल वार्तालाप करेंगे। परंतु इस जगह पर नहीं। आओ, उस वृक्ष के नीचे ताजी हवा में बैठें।’ इसके बाद विष्णुशर्मा कथाएँ सुनाने लगे तथा तीनों राजकुमार एकाग्र होकर उन्हें सुनने लगे। इस प्रकार आचार्य ने राजकुमारों का ध्यान विद्या की ओर आकृष्ट किया।

3. आशय स्पष्ट करों :

i) महाराज मैं लोभी नहीं हूँ, और मुझे इन चीजों में कोई दिलचस्पी नहीं हैं। अस्सी साल की इस उम्र में इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी।

उत्तरः महाराज अमरशक्ति द्वारा अपार धन-संपत्ति देने की बात सुनकर विष्णुशर्मा आहत हो गए। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं को कभी अहमियत नहीं दी थी। उनका एकमात्र उद्देश्य विद्या दान के माध्यम से मानव जीवन का कल्याण करना था। वे पूरी तरह से लालच रहित व निस्वार्थ व्यक्ति थे।

ii) मन्त्रियों, मैं इतने बड़े एक राज्य का राजा हूँ, मेरे राज्य में किसी की भी कमी नहीं है, राज्य में हर एक प्रजा सुख चैन से जीवन बिता रहे हैं, फिर भी मैं दुःखी हूँ।

उत्तरः महाराज अमरशक्ति के तीनों बेटे निहायत ही मूर्ख, अकर्मण्य, अयोग्य तथा सुस्त थे। इसी वजह से नरेश हमेशा इस बात को लेकर व्यथित रहते थे कि इतने साधन-संपन्न राज्य में उनके पश्चात इस विशाल साम्राज्य की देखभाल कौन करेगा।

4. क’-अंश के साथ  ख’-अंश मिलाए :

क’-अंश

ख’-अंश

विष्णुशमर्मा

बुढ़ी आइर साधु

लक्ष्मीनाथ वेजबरुवा

पंचतन्त्र

बाल्मीकि

कीर्तनघोषा

शंकरदेव

रामायण

उत्तर:

क’-अंश

ख’-अंश

विष्णुशमर्मा

पंचतन्त्र

लक्ष्मीनाथ वेजबरुवा

बुढ़ी आइर साधु

बाल्मीकि

रामायण

शंकरदेव

कीर्तनघोषा

5. विपरीतार्थक शब्द लिखो :

गुण   

उग्र    

ध्वंस  

मृत्यु   

आय  

ज्ञानी  

समर्थन 

त्याग  

मित्र  

ग्रामीण  

क्रय  

आजादी 

निरक्षर  

दिवस   

तरल  

उत्तरः

गुण   –  दोष

उग्र    –   नम्र

ध्वंस  –  सर्जन

मृत्यु   –  जन्म

आय  –  व्यय

ज्ञानी  –  मूर्ख

समर्थन – विरोध

त्याग  –  मोह

मित्र  –  दुश्मन

ग्रामीण  –  शहरी

क्रय   –   विक्रय

आजादी –  गुलामी

निरक्षर  –  साक्षर

दिवस   –   रात्रि

तरल   –   ठोस

6. दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखो :

आलसी, शिक्षक, राजा, धन, कहानी, मूर्ख, तरकीब, प्रसन्न ।

उत्तरः

आलसी – सुस्त, कामचोर।

शिक्षक – गुरु, अध्यापक।

राजा – नरेश, सम्राट।

कहानी – कथा, वृत्तांत।

मूर्ख – अज्ञानी, नासमझ।

तरकीब – उपाय, तरीका।

प्रसन्न – खुश, आनंदित।

7. उत्तर दो :

i) गुरु के प्रति हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए ? एक टिप्पणी लिखो।

उत्तरः शिक्षकों के प्रति हमारा आचरण सदैव विनम्र, सम्मानजनक और शालीन होना चाहिए। इसका मुख्य कारण यह है कि गुरु ही हमें अज्ञान रूपी अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। जैसा कि शास्त्रों और संतों द्वारा कहा भी गया है-

(क) गुरु गोविन्द दोनो खड़े,

काको लागे पाँव।

बलिहारी गुरु आपकी,

जिन गोविन्द दियो बताय।।

(ख) अखण्ड मण्डलाकारम्,

व्याप्तं येन चराचरम्।

तत्पदम् दर्शितम् येन,

तस्मै श्री गुरवे नमः।।

ii) क्या विष्णुशमी जैसे गुरु को तुम आदर्श गुरु मानते हो ? कारण बताओ।

उत्तरः जी हाँ, हम आचार्य विष्णुशर्मा को एक श्रेष्ठ और आदर्श गुरु मानते हैं। वे एक अत्यंत योग्य शिक्षक हैं, जिनका अपने विद्यार्थियों के प्रति आचरण बहुत ही कोमल और मित्रतापूर्ण है। उनका स्वभाव हँसमुख है और उनके विद्या प्रदान करने की शैली बिल्कुल अनूठी है। इसी वजह से छात्र उनसे कभी ऊबते या परेशान नहीं होते। उनके वार्तालाप का ढंग अन्य सभी शिक्षकों से एकदम भिन्न है। ऐसे महान और समझदार गुरु जीवन में बड़े सौभाग्य से ही प्राप्त होते हैं।

iii) इसी तरह की अन्य कहानियों का संग्रह करते हुए कक्षा में सुनाओ :

उत्तरः छात्र-छात्राएँ इस कार्य को स्वयं करें।

Vibrant Note Box
Note – If you find any mistakes in this chapter, please let us know or correct them yourself while reading. Thank you!
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ২ (पंचतंत्र) – সঘনাই সোধা প্ৰশ্ন (FAQs)
সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দীৰ দ্বিতীয় অধ্যায়টোৰ নাম কি?
সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দীৰ দ্বিতীয় অধ্যায়টোৰ নাম হ’ল ‘पंचतंत्र’। ইয়াত নীতি-শিক্ষা আৰু ব্যৱহাৰিক জ্ঞানৰ কাহিনী বৰ্ণনা কৰা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত (Textual Solutions) কি কি অন্তৰ্ভুক্ত আছে?
ইয়াত মূল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ সকলো প্ৰশ্নোত্তৰ, ব্যাকৰণ, পৰীক্ষাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।
এই সমাধানসমূহ AJB ৰ নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা হৈছেনে?
হয়, এই সকলোবোৰ সমল অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) শেহতীয়া নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু নিৰ্দেশনা অনুসৰি প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
পৰীক্ষাৰ বাবে অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQs পঢ়াটো প্ৰয়োজনীয়নে?
হয়, পাঠটোৰ ওপৰত স্পষ্ট ধাৰণা ল’বলৈ আৰু পৰীক্ষাত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰিবলৈ অনুশীলনীৰ লগতে অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQ সমাধান কৰাটো অতি প্ৰয়োজনীয়।

EduAssam Solution App

Your complete digital learning solution.

Free Notes Mock Tests Q-Bank
Download Now
10k+ Students

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top