Class 7 Hindi Chapter 6 चाय: असम की एक पहचान Solutions | Sankardev Sishu Vidya Niketan | New Syllabus

CLASS 7

সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৬ – चाय: असम की एक पहचान (Chay: Asam Ki Ek Pehchan) – সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQ | শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন (Sankardev Sishu Vidya Niketan)

সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৬ – ‘चाय: असम की एक पहचान’ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু সমাধান (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন – Assamese Medium)

শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (Sankardev Sishu Vidya Niketan) সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ ষষ্ঠ অধ্যায় হ’ল ‘चाय: असम की एक पहचान’। নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শিক্ষা নীতিৰ (NEP) শেহতীয়া নিৰ্দেশনাৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 6 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন, চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, MCQ (বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন) আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীৰ উপযোগী কৰি প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।

‘चाय: असम की एक पहचान’ পাঠটিৰ জৰিয়তে অসমৰ চাহ খেতি, চাহৰ ইতিহাস, সংস্কৃতি আৰু বিশ্ব মানচিত্ৰত অসমৰ পৰিচয়ৰ এক সুন্দৰ বৰ্ণনা দাঙি ধৰা হৈছে। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, শব্দাৰ্থ আৰু মূল তথ্যসমূহ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানত পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহৰ লগতে পৰীক্ষাত সঘনাই অহা অতিৰিক্ত প্ৰশ্নোত্তৰো সামৰি লোৱা হৈছে।

অধিক বিনামূলীয়া Notes আৰু PDFৰ বাবে আমাৰ App টো ডাউনলোড কৰক:
Download EduAssam Solution App Click Here to Get Free Notes & Previous Papers

এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:

  • ‘चाय: असम की एक पहचान’ পাঠটিৰ সাৰাংশ, মূল ভাৱ আৰু অসমৰ চাহ বাগিচাৰ বিশদ বিশ্লেষণ।
  • শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু MCQ প্ৰশ্নৰ নিখুঁত উত্তৰ।
  • পাঠভিত্তিক চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নসমূহৰ সৰল তথা মান্য সমাধান।
  • পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰ (Additional Question Answers)।
  • ব্যাকৰণগত অংশ আৰু প্ৰয়োজনীয় শব্দৰ সঠিক অৰ্থ।

অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:

  • নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ নিয়ম অনুসৰি প্ৰস্তুত কৰা সমাধান।
  • ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে বুজি পাব পৰাকৈ সৰল ভাষাৰ ব্যৱহাৰ।
  • পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে উপযোগী টোকাসমূহ।
  • चाय: असम की एक पहचान পাঠৰ সকলো গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নৰ একত্ৰ সংকলন।

ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উন্নতিৰ বাবে অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ প্ৰশ্নোত্তৰসমূহ আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ বিদ্যালয়ৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই সুন্দৰভাৱে আৰম্ভ কৰক।

Vibrant Note Box
Buy Printable PDF
Class 7 Hindi Textbook Solutions & MCQs | Sankardev Sishu Vidya Niketan New Syllabus
Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹49.00.

New Updated Version!

According to Latest Sankardev Sishu Vidya Niketan (SVN) New Syllabus & Updated Book

Get comprehensive preparation for Class 7 Hindi (হিন্দী) with this complete Textual Solution & MCQs package.
Includes Chapter-wise textbook solutions, additional Q&A, and MCQs precisely structured as per the latest SVN syllabus and new book.
Perfect for building a strong foundation and mastering your school assessments! Download as an easy-to-use ZIP file.

Vibrant Note Box
Chapter 6 चाय : असम की एक पहचान

 শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, সপ্তম শ্ৰেণী: হিন্দী

অধ্যায়-6                                                              অস্পিন একাডেমী

चाय : असम की एक पहचान

পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ

1. पूर्ण वाक्य में जवाब दो

(क) चाय की खेती की शुरुआत सबसे पहले कहाँ हुई थी ?

उत्तरः चाय की खेती की शुरुआल सबसे पहले चीन में हुई थी।

(ख) सिंगफौ लोग चाय को किस नाम से जानते थे ?

उत्तरः सिंगफौ लोग चाय को ‘फिनाप’ अथवा ‘फालाप’ नामसे जानते थे।

(ग) असम में चाय की खोज सबसे पहले किसने की ?

उत्तरः असम में चाय की खोज सबसे पहले रॉबर्ट ब्रुस साहब ने की।

(घ) असम के प्रथम चाय कृषक कौन थे?

उत्तरः असम के प्रथम चाय कृषक मणिराम देवान थे।

2. संक्षेप में उत्तर दो –

(क) हरी-भरी पत्तियों से चांय कैसे बनती है ?

उत्तरः चाय के बगीचे से पहले हरे-भरे कोमल पत्ते तोड़े जाते हैं। इसके बाद पत्तों को सी. टी. सी. मशीन पर दिया जाता है। इस तरह मशीन से कई प्रकार की चाय निकाली जाती हैं।

(ख) लोग चाय क्यो पीते हैं ?

उत्तरः साधारणतः लोग शरीर एवं मन में ताजगी लाने के लिए चाय पीते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार चाय पीने से फेफड़ो के रोग, कैसर, हैजा, टाइफाइड आदि रोग होने की संभावना कम होती है।

(ग) पीने के लिए चाय कैसे तैयार की जाती है?

उत्तरः चाय के पत्तों को सी. टी. सी. मशीनों पर देकर विभिन्न प्रकार की चाय निकाली जाती है। बाद में इसे पानी में उबालकर पीने के लिए तैयार की जाती हैं।

(घ) भारतवर्ष के किन-किन राज्यों में चाय के बगीचे है ?

उत्तरः असम, पश्चिम बंगाल, तामिलनाडु, केरल ।

3. रेखा खींचकर मिलाओ :

(क) उछल पड़ना–आरंभ करना

(ख) श्रीगणेस करना–कूद पड़ना

(ग) हाथ बंटाना–मग्न हो जाना

(घ) खो जाना–मदद करना

योग्यता विस्तारः

(क) ‘चाय असम की एक पहचान है’- विषय पर एक लेख प्रस्तुत करो।

उत्तरः सन् 1839 में इस्ट इंडिया कंपनी ने पहली बार असम में चाय की खेती की शुरुआत की। असम की मिट्टी चाय के लिये बहुत उपयोगी है। विश्व में सबसे ज्यादा चाय असम में ही होती है। इसलिये विश्व बाजार में असम की चाय का एक अलग पहचान है। कहा जाता है कि चाय के कारण ही अंग्रेजों ने पहली बार 1885 ई० में असम में रेलगाड़ी चलाने की व्यवस्था की। इस तरह असम चाय के लिये विश्व प्रसिद्ध है।

(ख) असम से चाय का नियति किया है। इसके अलावा असम से और कई चीजों का नियति किया जाता है। उनमें से किन्हीं तीन चीजों के नाम का उल्लेख करते हुए उनके बारे में संक्षेप में लिखो।

उत्तरः चाय के अलावा असम से तेल, कोयला, धान आदि नियति किया जाता है।

तेल : इसके अन्तर्गत पेट्रोलियम, डिजेल आदि कई प्रकार की चीज आते हैं। डिगबै, नुनमाटि, बंगाईगाव आदि में तेल शोधानागार हैं। यह विभिन्न प्रकार के गाड़ी, मशीन आदि चलाने में प्रयोग होता है।

कोयला : असम के मार्धेरिटा, लिडू, नागिनीमरा, जयपुर आदि में कोयले के खनि है। इसे रेल चलाने में, चूहे जलाने में तथा विभिन्न इंजन चलाने में प्रयोग किया जाता है।

धान : असम के कई जगहों में धान की खेती होती हैं। गोवालपारा, नलवारी, बरपेटा, बको, छयगाँव, आदि में इसकी खेती की जाती हैं। इसके कई प्रकार है, जिसकी खेती विभिन्न मौसम में की जाती है। धान असमीया जीवन के आधार है।

टिप्पणियाँ लिखो :

(क) झूमुरः साधारणत झूमुर असम के चाय बगीचों के लोगों का एक सामुहिक नृत्य है। इस नृत्य के जरिये वे लोग विभिन्न अवसरों पर सामुहिक रूप से खुशियाँ मनाते हैं। यह उनलोगों की संस्कृति का अभिन्न अंग है।

(ख) बिहु : बिहु असम का जातीय त्योहार है। बिहु तीन प्रकार के हैं-बैशाख अथवा रंगाली बिहु, कार्तिक अथवा कंगाली और माघ अथवा भोगाली बिहु। असम के लोग बड़े ही आदर से इन बिहुओं को मनाते है। बिहु असम की संस्कृति की पहचान है। बिहु मूलतः प्रकृति से सम्बन्ध रखता है। इसके द्वारा लोगों में शांति तथा एकता की भावना पैदा होती है।

(ग) बागरुम्बा : बागरुम्बा बोड़ो जाति के जातीय नृत्य है। इस नृत्य में लड़के-लड़कियाँ दोनों ही भाग लेते हैं। बागरुम्बा नृत्य के लिये लड़की ‘दखना’ पहनती है। बागरुम्बा के गीत में प्रचलित वाद्य ताल और ढोल हैं।

बागरुम्बा नृत्य के साथ ‘बाथौपूजा’ का भी नियम है। ‘बाथौपूजा’ में ईश्वर को संतोष करने के लिये बोड़ो लड़कियाँ बागरुम्बा नृत्य करती हैं।

5. निम्नलिखित अवतरण को पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों का उत्तर दोः

       भारत सरकार द्वारा मोर को राष्ट्रीय पक्षी की मान्यता प्रदान किया जाना भारतीय संस्कृति एवं परम्परा के अनुकूल ही है। रंग-बिरंगी यह पक्षी हमारे जीवन की विविधता के सर्वथा उपयुक्त भी है। इस पक्षी की देखभाल, पालन-पोषण तथा इसकी नस्ल को कायम रखना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है। यदि कोई व्यक्ति इस पक्षी के प्रति निर्दयता का व्यवहार करता दिखाई दे, तो हर भारतीय का यह धर्म है कि वह उसे ऐसा करने से रोके। राष्ट्रीय पक्षी होने के नाते इस पक्षी को अधिक सम्मान एवं आदर प्रदान करना चाहिए और हर प्रकार से इसकी सुरक्षा का प्रयत्न करना चाहिए। अब यह करोड़ो भारतीय आकांक्षाओं भावनाओं एवं सदिच्छाओं का प्रतीक बन गया है।

(क) उपर्युक्त गद्यांश का एक उचित शीर्षक दो।

उत्तरः राष्ट्रीय पक्षीः मोर

(ख) हमारा राष्ट्रीय पक्षी क्या है ?

उत्तरः हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर है।

(ग) राष्ट्रीय पक्षी के प्रति भारतीय नागरिक का क्या कर्तव्य है ?

उत्तरः राष्ट्रीय पक्षी मोर की देखभाल, पालन-पोषण तथा इसकी नस्ल को कायम रखना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है।

(घ) हर भारतीय का क्या धर्म है ?

उत्तरः हर भारतीय का धर्म है कि यदि कोई व्यक्ति इस पक्षी के प्रति निर्दयता का व्यवहार करता दिखाई दे तो वह उसे ऐसा करने से रोके।

भाषा-अध्ययन :

(क) जो खेत में काम करता है– किसान

(ख) चार राहों का संगम स्थल –चौराहा

(ग) जिसे देखा न जा सके –अदृश्य

(घ) जिसे पीया जा सके–पेय

Vibrant Note Box
Note – If you find any mistakes in this chapter, please let us know or correct them yourself while reading. Thank you!
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৬ (चाय: असम की एक पहचान) – সঘনাই সোধা প্ৰশ্ন (FAQs)
चाय: असम की एक पहचान পাঠটি কি সম্পৰ্কে?
‘चाय: असम की एक पहचान’ পাঠটি হৈছে অসমৰ চাহ খেতি, চাহ শিল্পৰ ইতিহাস আৰু বিশ্বৰ দৰবাৰত অসমৰ পৰিচয় বিষয়ক এক সুন্দৰ বৰ্ণনা।
এই সমাধানটোত কি কি অন্তৰ্ভুক্ত আছে?
ইয়াত পাঠভিত্তিক সকলো প্ৰশ্নোত্তৰৰ লগতে অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQ (বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে।
এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহ কোন বিদ্যালয়ৰ বাবে প্ৰস্তুত কৰা হৈছে?
এই সমাধানসমূহ শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (Sankardev Sishu Vidya Niketan) নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
মই এই নোটসমূহ ক’ত পাম?
আপুনি অস্পীন একেডেমী (ospinacademy.com) ৱেবছাইটৰ পৰা এই সমগ্ৰ প্ৰশ্নোত্তৰ সম্পূৰ্ণ বিনামূল্যে পঢ়িব পাৰিব।

EduAssam Solution App

Your complete digital learning solution.

Free Notes Mock Tests Q-Bank
Download Now
10k+ Students

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Cart
Scroll to Top