সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৯ – सुमन एक उपवन के (Suman Ek Upvan Ke) – সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু MCQ | শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন (Sankardev Sishu Vidya Niketan)
সপ্তম শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৯ – ‘सुमन एक उपवन के’ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন আৰু সমাধান (শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতন – Assamese Medium)
শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ (Sankardev Sishu Vidya Niketan) সপ্তম শ্ৰেণীৰ হিন্দী পাঠ্যক্ৰমৰ নৱম অধ্যায় হ’ল ‘सुमन एक उपवन के’। নতুন পাঠ্যক্ৰম আৰু শিক্ষা নীতিৰ (NEP) শেহতীয়া নিৰ্দেশনাৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 7 Hindi Chapter 9 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক অতি চমু প্ৰশ্ন, চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, MCQ (বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন) আৰু অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্নসমূহ অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ সহজ, নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীৰ উপযোগী কৰি প্ৰস্তুত কৰা হৈছে।
‘सुमन एक उपवन के’ এক সুন্দৰ অনুপ্ৰেৰণাদায়ী কবিতা। এই কবিতাটোৰ জৰিয়তে একতা, ভাতৃত্ববোধ, বৈচিত্ৰ্যৰ মাজত ঐক্য আৰু সমাজত মিলি-জুলি থকাৰ বাৰ্তা প্ৰচাৰ কৰা হৈছে। শংকৰদেৱ শিশু বিদ্যা নিকেতনৰ ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ সাৰাংশ, শব্দাৰ্থ আৰু মূল ভাৱ বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই সমাধানত পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহৰ লগতে পৰীক্ষাত সঘনাই অহা অতিৰিক্ত প্ৰশ্নোত্তৰো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- ‘सुमन एक उपवन के’ কবিতাটিৰ সাৰাংশ, মূল ভাৱ আৰু একতাৰ বাৰ্তাৰ বিশদ বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, ১ নম্বৰৰ অতি চমু প্ৰশ্ন (VSA) আৰু MCQ প্ৰশ্নৰ নিখুঁত উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নসমূহৰ সৰল তথা মান্য সমাধান।
- পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতিৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰ (Additional Question Answers)।
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শংকৰদেৱ বিদ্যা নিকেতন, সপ্তম শ্ৰেণী: হিন্দী
सुमन एक उपवन के
পাঠভিত্তিক প্রশ্নোত্তৰ
1. (क) कविता में ‘सुमन’ और ‘उपवन’ किन्हें कहा गया है ?
उत्तरः प्रस्तुत कविता में ‘सुमन’ हम इंसानों को और ‘उपवन’ इस धरती को बताया गया है।
(ख) फूलों की कलियाँ किससे खिलती है ?
उत्तरः सूर्य की किरणों के पड़ने से फूलों की कलियाँ खिल उठती हैं।
(ग) भ्रमरों के गुंजन कैसे लगते है ?
उत्तरः भौंरों का गुंजन कानों को बहुत ही मधुर और मीठा लगता है।
(घ) कवि के अनुसार हमारा माली कौन है ?
उत्तरः कवि के अनुसार ईश्वर (भगवान) ही हम सबका माली है।
(ङ) चाँदनी किसको नहलाती है ?
उत्तरः चाँद की रोशनी (चाँदनी) हम सभी को स्नान कराती है।
2. (क) कवि ने उपवन के फूलों को किन कारणों से समान कहा हैं?
उत्तरः बगीचे के सभी फूल एक ही प्रकार की मिट्टी में पैदा हुए हैं और उन सभी को समान रूप से धूप, पानी, सूर्य का प्रकाश और चाँदनी प्राप्त हुई है। इसी कारण से कवि ने उपवन के सभी फूलों को एक समान बताया है।
(ख) कई रंगों के फूल उपवन की शोभा बढ़ाते है। उसी प्रकार भिन्न जाति-उपजातियों के लोग देश की शोभा कैसे बढ़ाते हैं ?
उत्तरः जैसे अनेक रंगों वाले फूल मिलकर किसी बगीचे की सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं, ठीक वैसे ही अलग-अलग जातियों और उपजातियों के लोग राष्ट्र की सुंदरता बढ़ाते हैं। एक बगीचे की असल पहचान उसके फूलों से होती है; जब उसमें रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं, तो वह और भी मनमोहक लगने लगता है। बिल्कुल इसी तरह, जब किसी देश में विविध जातियों के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं और अपनी-अपनी संस्कृति को दर्शाते हैं, तो उस देश की महिमा और शोभा कई गुना बढ़ जाती है।
(ग) प्रस्तुत कविता से हमें क्या सीख मिलती है ?
उत्तरः इस कविता के माध्यम से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें इस पृथ्वी पर आपस में प्रेम और सौहार्द के साथ रहना चाहिए। जैसे समान रूप से धूप, हवा और सूर्य का प्रकाश पाकर रंग-बिरंगे फूल बगीचे को सुंदर बनाते हैं, ठीक उसी तरह अलग-अलग धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों का होने के बावजूद हमें एकजुट होकर रहना चाहिए और इस संसार रूपी बगीचे की सुंदरता को बढ़ाना चाहिए।
3. “संसार एक उपवन है और हम उसके फूल हैं।”इस संदर्भ में अपनी राय प्रस्तुत करो।
उत्तरः यह दुनिया बिल्कुल एक उपवन (बगीचे) के समान है। जैसे किसी बाग में तरह-तरह के रंगों वाले फूल खिलकर उसकी सुंदरता को बढ़ा देते हैं, वैसे ही इस संसार रूपी बाग में भी अलग-अलग प्रकार के मनुष्य निवास करते हैं। ये सभी लोग अपने धर्म, संप्रदाय और जाति के अनुरूप अपनी संस्कृतियों का पालन करते हैं, जो इस दुनिया की खूबसूरती में और भी इजाफा करता है। अतः, इस दुनिया रूपी उपवन को और अधिक सुंदर बनाने के लिए हम सभी का मिलजुलकर रहना बेहद जरूरी है।
पाठ के आस-पास
2. “भारत विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों वाला सुंदर देश है।’ इस कथन का आशय स्पष्ट करो।
उत्तरः हमारा भारत एक बहुत विशाल राष्ट्र है। इस देश में अलग-अलग भाषाएँ बोलने वाले नागरिक निवास करते हैं और वे अपने-अपने जाति व संप्रदाय के आधार पर भिन्न-भिन्न संस्कृतियों का पालन भी करते हैं। लेकिन भाषाओं और रीति-रिवाजों में इतनी विविधताएँ होने के बाद भी हमारी मुख्य पहचान केवल ‘भारतीय’ होने की है। इन तमाम अंतरों के बावजूद हम सभी एकता के सूत्र में पिरोए हुए हैं और अपने भारत देश की भव्यता को बढ़ाने में अपना अहम योगदान देते हैं।
3. रेखा खींचकर मिलाओ :
उत्तर:
मिट्टी – जन्म
सूर्य – धूप
पवन – झूला
चाँद – चाँदनी
गुंजन – भ्रमर
उपवन – शोभा




