Class 6 Hindi Chapter 8 ओवाकाछामा Solutions | AJB Assam
ষষ্ঠ শ্ৰেণী হিন্দী অধ্যায় ৮ – ओवाकाछामा (Owakachhama) সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ আৰু সমাধান (AJB Assam)
ষষ্ঠ শ্ৰেণীৰ হিন্দী (Hindi) পাঠ্যক্ৰমৰ অষ্টম অধ্যায় ‘ओवाकाछामा’ এখন অতি জ্ঞানবৰ্ধক আৰু আকৰ্ষণীয় পাঠ। অসম জাতীয় বিদ্যালয়ৰ (AJB) শেহতীয়া নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত এই অধ্যায়ৰ সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক প্ৰশ্নোত্তৰ (Class 6 Hindi Chapter 8 Textual Question Answer) প্ৰস্তুত কৰা হৈছে। এই বিশেষ সংকলনটিত পাঠভিত্তিক চমু প্ৰশ্ন, দীঘলীয়া প্ৰশ্ন, ব্যাকৰণ, অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু বহু-বিকল্পী প্ৰশ্ন (MCQs) অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে। অস্পীন একেডেমী (Ospin Academy) ত এই সমাধানসমূহ অতি সহজ আৰু নিৰ্ভুলভাৱে উপলব্ধ কৰোৱা হৈছে যাতে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলে সুন্দৰভাৱে ঘৰতে বহি অনুশীলন কৰিব পাৰে।
‘ओवाकाछामा’ নামৰ এই পাঠটিৰ জৰিয়তে ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলক এক বিশেষ কাহিনী আৰু ইয়াৰ গুৰুত্বপূৰ্ণ দিশসমূহৰ বিষয়ে অৱগত কৰোৱা হৈছে। পৰীক্ষাৰ্থীসকলৰ বাবে এই পাঠৰ মূল ভাৱ, শব্দাৰ্থ আৰু তাৎপৰ্য বুজি পোৱাটো অতি প্ৰয়োজনীয়। আমাৰ এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানত কেৱল পাঠ্যপুথিৰ অনুশীলনীৰ প্ৰশ্নসমূহেই নহয়, বৰঞ্চ পৰীক্ষাত আহিব পৰা অতিৰিক্ত গুৰুত্বপূৰ্ণ প্ৰশ্ন-উত্তৰসমূহো সামৰি লোৱা হৈছে।
এই পাঠ্যভিত্তিক সমাধানৰ পৰা আপুনি কি কি শিকিব আৰু পাব:
- পাঠটোৰ মূল বিষয়বস্তু আৰু ইয়াৰ কাহিনীৰ স্পষ্ট বিশ্লেষণ।
- শব্দাৰ্থ, চমু আৰু দীঘলীয়া প্ৰশ্নৰ পৰীক্ষাত লিখিব পৰা নিৰ্দোষ উত্তৰ।
- পাঠভিত্তিক ব্যাকৰণ, বাক্য ৰচনা, সমাৰ্থক আৰু বিপৰীত শব্দৰ সঠিক জ্ঞান।
- পৰীক্ষাৰ বাবে প্ৰয়োজনীয় অতিৰিক্ত প্ৰশ্ন (Additional Questions) আৰু তাৰ উত্তৰ।
- নতুন আৰ্হি অনুসৰি গুৰুত্বপূৰ্ণ বহু-বিকল্পী প্ৰশ্নৰ (MCQs) সম্পূৰ্ণ সমাধান।
অস্পীন একেডেমীৰ এই প্ৰশ্নোত্তৰসমূহৰ বিশেষ সুবিধা:
- শেহতীয়া AJB নতুন পাঠ্যক্ৰমৰ আধাৰত প্ৰস্তুত কৰা সম্পূৰ্ণ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান।
- ১০০% নিৰ্ভুল আৰু ছাত্ৰ-ছাত্ৰীয়ে সহজে বুজিব পৰাকৈ সৰল ভাষাত যুগুতোৱা উন্নত মানৰ নোটছ (Class 6 Hindi Notes)।
- পৰীক্ষাৰ পূৰ্বে দ্ৰুত ৰিভিজনৰ (Quick Revision) বাবে বিশেষভাৱে প্ৰস্তুত কৰা সহজ-সৰল উত্তৰ।
- হিন্দী ভাষাৰ ভয় দূৰ কৰি বিষয়টোৰ প্ৰতি আগ্ৰহ বঢ়াবলৈ ব্যৱহাৰিক উদাহৰণৰ সহায়ত বুজোৱা সমাধান।
ছাত্ৰ-ছাত্ৰীসকলৰ শৈক্ষিক উত্তৰণৰ প্ৰতি লক্ষ্য ৰাখি অস্পীন একেডেমীয়ে এই বিশেষ পাঠ্যভিত্তিক সমাধান আগবঢ়াইছে। আপোনাৰ পৰীক্ষাৰ প্ৰস্তুতি এতিয়াই আৰম্ভ কৰক আৰু হিন্দী বিষয়ত সৰ্বোচ্চ নম্বৰ লাভ কৰাৰ দিশত আগবাঢ়ক।
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Class 6 Hindi (हिन्दी) Textbook Solutions & MCQs | AJB New Syllabus
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অসম জাতীয় বিদ্যালয়, ষষ্ঠ শ্ৰেণী: হিন্দী
ओवाकाछामा
Texual Solutions
१ : निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर चुनकर लिखो :
(i) ओवाकाछामा कौन थे ?
(क) ईशाई
(ख) हिन्दू
(ग) बौद्ध भिक्षु
(घ) इसलाम
उत्तरः (ग) ओवाकाछामा एक बौद्ध भिक्षु थे।
(ii) बौद्ध धर्म के अनुयायी किस मार्ग को मानते हैं ?
(क) एक मार्ग
(ख) दशमार्ग
(ग) अष्ट मार्ग
(घ) पंचमार्ग
उत्तरः बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग ‘अष्ट मार्ग’ का अनुसरण करते हैं।
(iii) बौद्ध धर्म के प्रवर्तक थे-
(क) हजरत मुहम्मद
(ख) गुरू नानक
(ग) श्रीमतं शंकरदेव
(घ) इनमें कोई नहीं।
उत्तरः (घ) इनमें कोई नहीं।
(iv) कितने सालो के बाद ओवाकाछामा रास्ता बना पाए ?
(क) दस साल बाद
(ख) पच्चीस साल बाद
(ग) बीस साल बाद
(घ) पच्चीस महीने बाद
उत्तरः पूरे पच्चीस वर्षों के बाद ओवाकाछामा रास्ता बनाने में सफल हुए।
२ : संक्षेप में उत्तर दो :
(क) ओवाकाछामा कहाँ के रहने वाले थे ?
उत्तर : ओवाकाछामा जापान देश के निवासी थे।
(ख) दोनों गाँवों के बीच क्या खड़ा था ?
उत्तर : उन दोनों गाँवों के मध्य एक विशाल पहाड़ खड़ा था।
(ग) इस कहानी से कौन-सी सीख मिलती है ?
उत्तर : यह कहानी हमें अपार धैर्य और सहनशीलता रखने की शिक्षा देती है।
(घ) गाँव में क्यों अशान्ति फैलने लगी थी ?
उत्तर : गाँव में लुटेरों का ठिकाना बन जाने के कारण वहाँ अशांति का माहौल पैदा हो गया था।
(ङ) ओवाकाछामा ने लूटेरे को किस तरह भगाया ?
उत्तर : ओवाकाछामा ने अपनी मीठी और प्रेमपूर्ण बातों से समझा-बुझाकर लुटेरों को वहाँ से भगा दिया।
(च) पहाड़ के बीच में से रास्ता बनाने में कितने साल लगे ?
उत्तर : पहाड़ को काटकर उसके बीच से रास्ता तैयार करने में कुल पच्चीस वर्ष लग गए।
(छ) राजा ने ओवाकछामा को किस सम्मान से सम्मानित किया था ?
उत्तर : राजा ने ओवाकाछामा जी को “देशबंधु” की उपाधि देकर सम्मानित किया था।
३ : ‘क’ अंश के साथ ‘ख’ अंश को मिलाओ :
(क) (ख)
गोतम बुद्ध हिन्दु धर्म
हजरत मुहम्मद जैन धर्म
यीशु बौद्ध धर्म
नानक इसलाम धर्म
ऋषि-मुणि ईसाइ धर्म
महावीर सिक्ख धर्म
उत्तरः
गोतम बुद्ध। — बौद्ध धर्म
हजरत मुहम्मद — इसलाम धर्म
यीशु — ईसाई धर्म
नानक — सिक्ख धर्म
ऋषि-मुनि — हिन्दू धर्म
महावीर — जैन धर्म
४ : उत्तर लिखो (४० से ५० शब्दों के भीतर)
(क) लोग ओवाकाछामा का क्यों आदर करते थे ?
उत्तर : ओवाकाछामा एक सज्जन बौद्ध भिक्षु थे। वे बड़ों को आदर और छोटों को बहुत प्यार देते थे। समय पर पढ़ना-लिखना, मित्रों के साथ खेलना और दीन-दुखियों की मदद करने जैसे अच्छे गुणों के कारण वे सबके प्रिय थे। इसके अलावा, जब गाँव वालों ने दो गाँवों के बीच खड़े पहाड़ की समस्या बताई, तो उन्होंने कड़ी मेहनत करके रास्ता बना दिया, जिससे लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान और भी बढ़ गया।
(ख) गाँव के लोगों ने ओवाकाछामा के सामने कौन सी समस्या रखी थी ?
उत्तर : गाँव वालों ने ओवाकाछामा से मिलकर अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा कि उनके दोनों गाँवों के बीच एक विशाल पहाड़ स्थित है। इस पहाड़ की वजह से दोनों गाँवों के लोगों का आपस में मिलना-जुलना बहुत मुश्किल हो गया है। रास्ता दुर्गम होने के कारण यातायात में कई तरह की अड़चनें आती हैं, इसलिए वे इस बड़ी समस्या का कोई हल चाहते थे।
(ग) पहाड़ के बीच में से रास्ता निकालने के लिए ओवाकाछामा ने कौन-सा उपाय दिया ?
उत्तर : ओवाकाछामा ने दोनों गाँवों के बीच मौजूद उस पहाड़ का बहुत बारीकी से निरीक्षण किया और विचार-विमर्श किया। आखिर में उन्होंने पहाड़ के उस भाग को ढूँढ़ निकाला जहाँ उसकी चौड़ाई सबसे कम थी। उन्होंने उसी पतले हिस्से को काटकर रास्ता तैयार करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने गाँव वालों को वहीं खुदाई करने का सुझाव दिया और स्वयं भी उनके साथ इस कठिन काम में लग गए।
(घ) पहाड़ लोगों के लिए क्यों समस्या बन पड़ा था ?
उत्तर : उन दो गाँवों के बीच एक बड़ा पहाड़ स्थित था। इस पहाड़ की उपस्थिति के कारण दोनों गाँवों के निवासियों का एक-दूसरे से संपर्क करना काफी मुश्किल हो गया था। वहाँ से आना-जाना इतना कठिन था कि लोग थक कर बहुत परेशान हो चुके थे, इसलिए वह पहाड़ उनके लिए एक बहुत बड़ी मुसीबत बन चुका था।
(ङ) किन गुणों के अधिकारी होने पर लोग अपनी मंजिल तक पहुँच सकते हैं ? ‘ओवाकाछामा’ पाठ के आधार पर स्पष्ट करो।
उत्तर : जैसे ओवाकाछामा ने असंभव लगने वाले काम को संभव करके दिखा दिया, वैसे ही अगर इंसान बिना किसी की परवाह किए, पूरी लगन, असीम धैर्य और सहनशीलता के साथ अपने काम में जुटा रहे, तो उसके रास्ते में कोई भी रुकावट टिक नहीं सकती। इन महान गुणों को अपनाकर कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से अपने लक्ष्य (मंजिल) तक पहुँच सकता है।
५ : आशय स्पष्ट करो :
(क) ‘लोग उन्हे पागल कहने लगे, व्यंग भरी दृष्टि से देखने लगे।’
उत्तर : ओवाकाछामा गाँव वालों की भलाई के लिए बिना रुके पहाड़ काटने के काम में लगे रहे। एक-दो करते हुए कई साल गुजर गए, लेकिन उनका धैर्य बिल्कुल नहीं डिगा। यह देखकर लोग उन्हें पागल समझने लगे और उनका मजाक उड़ाने लगे। फिर भी उन्होंने लोगों की कड़वी बातों पर ध्यान नहीं दिया और अपार सहनशीलता व धैर्य के साथ अपने काम में मग्न रहे। अंततः पच्चीस वर्षों की कठोर तपस्या के बाद उन्होंने रास्ता बना ही दिया और नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया।
(ख) राजा ने ओवाकाछामा की बड़ी सराहना की और वे गद्गद् हो गए।
उत्तर : ओवाकाछामा ने जिस घोर परिश्रम और लगन से पहाड़ को चीरकर रास्ता तैयार किया, उससे लोगों का सफर बहुत आसान हो गया और वे कुछ ही समय में एक गाँव से दूसरे गाँव आने-जाने लगे। उनके इस महान और परोपकारी कार्य को देखकर राजा बहुत अधिक प्रभावित और प्रसन्न हुए। उन्होंने ओवाकाछामा की खूब प्रशंसा की और उन्हें अपनी ओर से ‘देशबंधु’ की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया।
६ : निम्नलिखित मुहावरों से वाक्य बनाओ :
टस से मस न होना, गद् गद् होना, नौ दो ग्यारह होना
उत्तर :
टस से मस न होना (अपने निश्चय पर अड़े रहना) : लोगों के ताने सुनने के बावजूद ओवाकाछामा अपने लक्ष्य से टस से मस नहीं हुए।
गद्गद् होना (बहुत अधिक प्रसन्न होना) : ओवाकाछामा की महान उपलब्धि और मेहनत को देखकर राजा का मन गद्गद् हो गया।
नौ-दो ग्यारह होना (भाग जाना) : मेहनत का काम देखते ही आलसी लोग वहाँ से नौ-दो ग्यारह हो जाते हैं।
७ : वचन परिवर्तन करो :
राजा, मामा, चिड़िया, पुस्तक, नदी, बालिका
उत्तरः
राजा – राजा (या राजागण)
मामा – मामा (या मामा लोग)
चिड़िया – चिड़ियाँ
पुस्तक – पुस्तकें
नदी – नदियाँ
बालिका – बालिकाएँ




